लघु उद्योग- वड़ा पाव मेकिंग: ज़ायकेदार बिज़नेस (Small Scale Industries- Start Your Own Business With Tasty And Hot Vada Pav)

चाहते तो सभी हैं अपना कोई लघु उद्योग (Small Scale Industries) शुरू करना, पर जानकारी (Information) न होने के कारण वो आगे नहीं बढ़ पाते. ऐसे ही लोगों के लिए ‘मेरी सहेली’ (Meri Saheli) लेकर आई है ख़ास लघु उद्योग सीरीज़, जहां हर महीने हम एक नए लघु उद्योग के बारे में आपको जानकारी दे रहे हैं. इसी कड़ी में इस बार हम लाए हैं, वड़ा पाव मेकिंग उद्योग (Vada Pav Making Industry) की पूरी जानकारी.

Vada Pav

मुंबई का वड़ा पाव यहां का मोस्ट पॉप्युलर स्ट्रीट फूड है. यहां 10-20 रुपए में आपको कहीं भी बड़ी आसानी से वड़ा पाव मिल जाएगा. टेस्टी होने के साथ-साथ यह काफ़ी किफ़ायती भी है, यही वजह है कि रोज़ाना वड़ा पाव खानेवालों की संख्या यहां लाखों में है.

साधन

यह बिज़नेस ऐसा है, जिसे आप अपने घर से शुरू कर सकते हैं और इसके लिए बहुत ज़्यादा साधनों की भी ज़रूरत नहीं पड़ती. रोज़ाना 500 वड़ा पाव बनाने के लिए किन-किन चीज़ों की ज़रूरत पड़ेगी, आइए विस्तार से जानें.

वड़ा पाव तैयार करने के लिए आपको बड़े बर्तनों की ज़रूरत पड़ेगी, जिनकी क़ीमत लगभग 500 रुपए से शुरू होती है. हमें ऐसे दो बर्तनों की ज़रूरत पड़ेगी यानी 500×2= 1000 रुपए.

कड़ाही

वड़े फ्राई करने के लिए आपको एक बड़ी कड़ाही की ज़रूरत पड़ेगी, जिसकी क़ीमत लगभग 500 रुपए होगी.

गैस चूल्हा

गैस चूल्हे की क़ीमत लगभग 3500 रुपए से शुरू होती है, ऐसे एक चूल्हे की आपको ज़रूरत पड़ेगी.

झारा

वड़े तलने के लिए आपको एक झारे की ज़रूरत पड़ेगी, जिसकी क़ीमत लगभग 100 रुपए होगी.

वड़ा पाव मेकिंग मशीन

अगर कुछ समय बाद आपका बिज़नेस बढ़ता है, तो उसे विस्तार देने के लिए आप ऑटोमैटिक वड़ा पाव मेकिंग मशीन ले सकते हैं, जिसकी क़ीमत लगभग 50 हज़ार रुपए है. इसमें आप एक घंटे में 100 वड़े तैयार कर सकते हैं. मार्केट में ब्रांड के अनुसार क़ीमत में बदलाव हो सकता है. इस प्रकार रोज़ाना 500 वड़े तैयार करने के लिए आपको 5,100 रुपए का सामान लगेगा.

कच्चा माल

* रोज़ाना आपको 20 किलो आलू की ज़रूरत पड़ेगी. इस प्रकार 20×20= 400 रुपए.

* बेकरी से 500 पाव लेने पड़ेंगे. एक पाव की क़ीमत दो रुपए होती है, लेकिन अगर आप होलसेल में लेंगे, तो 10 रुपए में छह पाव मिल जाएंगे. इस प्रकार 500 पाव की क़ीमत लगभग 835 रुपए होगी.

* रोज़ाना आपको लगभग 10 किलो बेसन की ज़रूरत होगी. एक किलो बेसन की क़ीमत 60 रुपए होगी यानी 10×60= 600 रुपए.

* 500 वड़े तैयार करने के लिए आपको 10 लीटर तेल की ज़रूरत पड़ेगी, जिसकी क़ीमत 80 रुपए प्रति लीटर है यानी 10×80= 800 रुपए.

* प्याज़, मसाले, अदरक, लहसुन, करीपत्ता, हरा धनिया आदि के लिए लगभग 250 रुपए लगेंगे.

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आवश्यक कच्चा माल (प्रतिदिन)

पाव       835 रुपए

500 पाव की होलसेल क़ीमत

आलू      400 रुपए

20 किलो ×   20 रुपए

बेसन      600 रुपए

10 किलो ×  60 रुपए

तेल       800 रुपए

10 लीटर ×  80 रुपए

प्याज़, मसाले, अदरक, लहसुन,

करीपत्ता, हरा धनिया

आदि के लिए 250 रुपए

गैस       100 रुपए

कुल ख़र्च 2,985 रुपए

हर महीने का ख़र्च (25 दिन)

हर महीने का कुल मिलाकर ख़र्च  88,625 रुपए

(तक़रीबन 25 दिन)

(रुपए 74,625+10,000+4000)

कच्चा मालः 74,625 रुपए (रुपए 2985×25)

कर्मचारी वेतनः 10,000 रुपए

प्रशासकीय ख़र्च  4000 रुपए

25 दिनों में वड़ा पाव की कुल बिक्री 12,500

(500×25)

हर महीने होनेवाला कुल ख़र्च  1,25,000 रुपए

एक वड़ा पाव की क़ीमत: 10 रुपए

(12,500×10)

हर महीने का कुल लाभ      36,375 रुपए

(रुपए 1,25,000-88,625)

एक साल का लाभ 4,36,500 रुपए

(रुपए 36,375×12)

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Vada Pav

स्थान और कर्मचारी ख़र्च

स्थान 

* अगर आपके पास थोड़ी बड़ी जगह है, तो आप घर पर ही यह व्यवसाय शुरू कर सकते हैं.

* यह बिज़नेस शुरू करने के लिए आपको लगभग 500 स्न्वैर फुट जगह की ज़रूरत पड़ेगी.

किराया: हर शहर का किराया अलग-अलग होता है.

* बिजली का बिल- लगभग 3000 रुपए

* अन्य ख़र्च- लगभग 1 हज़ार रुपए

* कुल मिलाकर प्रशासनिक ख़र्च: 4000 रुपए

कर्मचारी

रोज़ाना 500 वड़े बनाने के लिए आपको दो कर्मचारियों की ज़रूरत पड़ेगी.

* हर एक कर्मचारी को रोज़ाना 200 रुपए के अनुसार एक महीने यानी 25 वर्किंग डे का वेतन रुपए 400×25=10,000 होगा.

वड़ा पाव बनाने की विधि

* एक बड़े बर्तन में उबले व छिले हुए आलू को अच्छी तरह मसल लें.

* कड़ाही में तेल गरम करें. उसमें जीरा, राई, हींग, हल्दी पाउडर, करीपत्ता, हरी मिर्च और उसके बाद लहसुन-अदरक का पेस्ट डालें. इसमें आप अपनी पसंद के अनुसार छौंक के लिए कुछ बदलाव भी कर सकते हैं.

* इसमें मसला हुआ आलू मिलाएं. नमक मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें.

* कवरिंग के लिए बेसन में हल्दी पाउडर, नमक और आवश्यकतानुसार पानी मिलाकर घोल तैयार करें.

* कड़ाही में तेल गरम करके सुनहरा होने तक वड़े तल लें. पाव में हरी चटनी और लहसुन की लाल चटनी लगाकर वड़ा डालकर गरम-गरम सर्व करें. अपनी इच्छानुसार आप मीठी चटनी वगैरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

इन बातों पर विशेष ध्यान दें

* पाव व वड़े की सामग्री की क्वालिटी का ख़्याल रखें.

* हाइजीन व साफ़-सफ़ाई का ख़ास ख़्याल रखें.

उत्पादन की पैकेजिंग

* खाद्य पदार्थ होने के कारण वड़ा पाव की पैकेजिंग का ख़ास ख़्याल रखें.

* वड़ा पाव ऑयली होता है, इसलिए पैकेजिंग पेपर पर विशेष ध्यान दें.

उत्पादन की बिक्री

* मार्केट में, रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप, कमर्शियल एरिया या फिर इंडस्ट्रियल एरिया में भी लोगों की संख्या ज़्यादा होती है, इसलिए वड़ा पाव की काफ़ी डिमांड भी रहेगी.

* बर्थडे पार्टी, गेट-टुगेदर जैसे कार्यक्रमों में इसे नाश्ते के तौर पर दे सकते हैं.

* फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें.

लघु उद्योग लाइसेंस

* लघु उद्योग की शुरुआत के लिए उसका रजिस्ट्रेशन कराना बहुत ज़रूरी है. इससे कई सरकारी योजनाओं का आपको लाभ मिल सकता है.

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संपर्क

अगर बड़े पैमाने पर बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं, तो यहां से ऑटोमैटिक मशीनरी मंगा सकते हैं.

तीर्थ इंजीनियरिंग

81/1 दांगट इंडस्ट्रियल इस्टेट, एनडीए रोड, शिवाने, पुणे- 411023

मोबाइल: 7721853399, 020 65206932.

ईमेलः [email protected], [email protected]

वेबसाइटः www.tirthengineering.com

श्री लक्ष्मी फूड मशीन्स

192/8, कोमाकोटी नगर, राजीव गांधी सलाई गणपति, कोयंबटूर,

तमिलनाडु- 641 006.

मोबाइलः 8033139619, 8046079908

ईमेलः [email protected]

वेबसाइटः www.srilakshmifoodmachinery.com

वड़ा पाव बनाने के लिए ज़रूरी सामग्री ऑनलाइन भी उपलब्ध है. इसके लिए आप इन वेबसाइट्स की मदद ले सकते हैं.

www. amazon.com

www.flipkart.com

www.indiamart.com

www.snapdeal.com

कर्ज़/लोन

व्यवसाय कोई भी हो, पूंजी की आवश्यकता होती ही है. इस पूंजी पर ही आपका नफ़ा या नुक़सान निर्भर करता है. यदि पूंजी न हो, तो आप बैंक से लोन भी ले सकते हैं. हर एक बैंक की ब्याज़ दर अलग-अलग होती है. उसे भी जान लेना ज़रूरी है.

* सरकार भी लघु उद्योगों के लिए मदद करती है. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण तथा विशेष सहूलियतें भी दी गई हैं. यदि इस योजना का लाभ लेना है, तो यहां संपर्क करें-

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना वेबसाइट

टोल फ्री नंबरः 1800 180 1111 और 1800 110 001

वेबसाइटः www.mudra.org.in

ईमेलः helpmudra.org.in

नोट: यह प्रोजेक्ट रिपोर्ट जनवरी, 2019 में तैयार की गई है.

– सायली शिर्के

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