टैक्स बचाने के स्मार्ट तरीके

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हर कोई अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई बचाने का प्रयास करता है, मगर आपने यदि सही तरी़के से, सही जगह पर इन्वेस्टमेंट नहीं किया है, तो टैक्स के रूप में आपकी आमदनी का बहुत बड़ा हिस्सा चला जाता है. अपनी मेहनत की कमाई बचाने के लिए कैसा इन्वेस्टमेंट करें जो टैक्स फ्री हो और आपको रिटर्न भी मिले? आइए, जानते हैं.

सुकन्या समृद्धि योजना
सरकार द्वारा ख़ासतौर से स़िर्फ बेटियों के लिए शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना से आप बेटी का भविष्य सुरक्षित करने के साथ ही टैक्स भी बचा सकते हैं. बैंक या पोस्ट ऑफिस में सुकन्या समृद्धि अकाउंट खुलवाएं. इसमें आप हर साल कम से कम 1000 और अधिकतम डेढ़ लाख रुपए तक की बचत कर सकते हैं. इस पर 9.2 फ़ीसदी की दर से ब्याज़ मिलता है और बेटी के 21 साल के होने पर ही आप ये पैसे निकाल सकते हैं.

एनपीएस
सेक्शन 80सी के तहत डेढ़ लाख टैक्स बचाने के साथ ही आप एनपीएस (नेशनल पेंशन सिस्टम) में सालाना 50,000 रुपए तक निवेश करके टैक्स छूट का फ़ायदा उठा सकते हैं. 2015 के बजट में सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 80 सीसीडी के तहत सालाना 50,000 रुपए एनपीएस में निवेश को करमुक्त कर दिया.

पीपीएफ
टैक्स बचाने के लिए पीपीएफ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) हमेशा से लोगों की पहली पसंद रहा है, क्योंकि पीपीएफ में 15 साल का लॉक इन पीरियड होता है, तो इसमें पैसे डालकर आप अपना भविष्य सुरक्षित करने के साथ ही टैक्स भी बचा सकते हैं. पीपीएफ में निवेश की गई राशि का 50 फ़ीसदी हिस्सा आप 7 साल बाद निकाल सकते हैं. पीपीएफ में किया गया इन्वेस्टमेंट तो टैक्स फ्री होता ही है, इस पर मिलने वाले इंटरेस्ट पर भी किसी तरह का टैक्स नहीं लगता. साथ ही मैच्योरिटी के समय मिलने वाली राशि भी करमुक्त होती है.

इंश्योरेंस प्रीमियम
अपने, पत्नी या बच्चों के नाम पर इंश्योरेंस पॉलिसी लेकर भी आप टैक्स बचा सकते हैं. इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए दिए जाने वाले प्रीमियम पर आपको सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट का फ़ायदा मिलता है. इंश्योरेंस निवेश के हिसाब से बहुत फ़ायदेमंद भले ही न हो, मगर आपात स्थिति से निपटने के लिए ये ज़रूरी है.

मेडिकल इंश्योरेंस
यदि आप अपने, पत्नी या बच्चों के लिए मेडिकल इंश्योरेंस लेते हैं, तो इस पर भी आप टैक्स छूट का फ़ायदा उठा सकते हैं. इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80डी के तहत 25,000 रुपए तक का प्रीमियम टैक्स फ्री है. यदि आपने अपने माता-पिता का भी मेडिक्लेम किया है और उनकी उम्र 60 साल से ज़्यादा है, तो 30,000 रुपए तक की प्रीमियम राशि करमुक्त होगी यानी साल में आप 55 हज़ार टैक्स बचा सकते हैं.

फिक्स्ड डिपॉज़िट (एफडी)
यदि आप ये सोचते हैं कि हर तरह की एफडी टैक्स फ्री है, तो ऐसा नहीं है. 5 साल की लॉक इन पीरियड वाली एफडी ही टैक्स फ्री होती है. आमतौर पर बैंक अधिकतम 10 साल के निवेश की सुविधा देते हैं. ब्याज़ की रकम 10,000 रुपए से अधिक होने पर टीडीएस कटता है. इससे कम राशि टैक्स फ्री है.

होम लोन
यदि आपने घर ख़रीदने के लिए लोन लिया है, तो आपको टैक्स छूट का फ़ायदा मिलेगा. होम लोन के लिए अदा किए गए ब्याज़ पर सालाना 2 लाख रुपए तक की टैक्स छूट है. यदि पति-पत्नी दोनों वर्किंग हैं, तो दोनों के नाम पर लोन होने से दोनों को टैक्स बेनिफिट मिलेगा.

स्मार्ट टिप्स
– 80सी के तहत आप कुल डेढ़ लाख रुपए तक टैक्स छूट का फ़ायदा उठा सकते हैं.

– बच्चों की स्कूल फीस (ट्यूशन फीस) पर भी टैक्स छूट मिलती है. इसकी लिमिट 2 बच्चों तक है. यदि आप 80सी के तहत इन्वेस्टमेंट नहीं कर पाए हैं, लेकिन बच्चे की फीस भर रहे हैं, तो आपको टैक्स छूट का लाभ मिलेगा.

– 80 सीसीडी के तहत एनपीएस के रूप में 50,000 का निवेश टैक्स फ्री है.

– ख़ुद की प्रॉपर्टी ख़रीदने के लिए होम लोन पर दिया गया 2 लाख तक का ब्याज करमुक्त होगा.

– यदि कंपनी आपको ट्रैवलिंग अलाउंस देती है, तो 19,200 रुपए तक की राशि पर टैक्स नहीं लगेगा.

– हाउस रेंट अलाउंस यानी एचआरए भी टैक्स सेविंग का ज़रिया है. यदि आप किराए के मकान में रहते हैं, तो रेंट स्लिप दिखाकर एक निश्‍चित सीमा तक टैक्स में छूट का लाभ उठा सकते हैं.