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सुखी और स्वस्थ जीवन के लिए वास्तु टिप्स (Vastu Tips For A Happy And Healthy Life)

ख़ुशी मन की एक अवस्था है. प्रसन्न मन ही स्वस्थ शरीर की ओर ले जाता है, लेकिन मन की यह स्थिति कई बाहरी कारकों से प्रभावित होती है. सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक घर का वास्तु है. यदि हमारे अंतरिक्ष में पांच तत्व अच्छी तरह से संतुलित हैं, तो यह ऊर्जा का एक परिपूर्ण और सकारात्मक प्रवाह बनाता है, जिससे हमारे जीवन के सभी क्षेत्रों में प्रचुरता होती है, चाहे वह स्वास्थ्य, धन, संबंध या ख़ुशी हो. इसी संबंध में राशि गौरी (वैश्विक सलाहकार – ज्योतिष, अंक ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई www.rashigaur.com) ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं. उनके अनुसार, यहां कुछ आसान टिप्स दिए गए हैं, जो इस अद्भुत ऊर्जा को आपके अंतरिक्ष में लाने में आपकी मदद कर सकते हैं.

प्रवेशद्वार
प्रवेशद्वार पहला क्षेत्र है, जो बाहरी ऊर्जा से मिलता है. यह घर के मुंह की तरह है. हम अंदर जो कुछ भी अनुमति दे रहे हैं, वही हमारे स्वास्थ्य और ख़ुशी को निर्धारित करेगा. प्रवेश क्षेत्र हमेशा अच्छी तरह से प्रकाशवान होना चाहिए. एक अंधेरा और धुंधला प्रवेशद्वार कभी भी अच्छी ऊर्जाओं को अंतरिक्ष में प्रवेश नहीं करने देगा. दरवाज़ा अच्छी स्थिति में होना चाहिए. फटी या कटी हुई लकड़ी, हैंडल काम न करना, कर्कश आवाज़, दरवाज़े का अटक जाना… ये सभी हमारे अंतरिक्ष में नकारात्मक स्पंदनों के संकेत हैं. अपने मुख्य द्वार को सजाएं.

पूर्वोत्तर क्षेत्र
पूर्वोत्तर मन का क्षेत्र है. यह बृहस्पति ग्रह, बहुतायत, ख़ुशी, ज्ञान और अच्छे स्वास्थ्य के ग्रह का भी प्रतिनिधित्व करता है. जब पूर्वोत्तर वास्तु के अनुरूप होता है, तो यह इन सभी क्षेत्रों में बहुतायत की ओर जाता है. पूर्वोत्तर में बड़े खुले स्थान बहुत अच्छे से काम करते हैं. बालकनी, बैठक, पूजाघर, ध्यान कक्ष, टीवी रूम कुछ उदाहरण हैं कि आपका पूर्वोत्तर कैसा होना चाहिए. इस क्षेत्र को हमेशा साफ़ और व्यवस्थित रखें. ऊर्जा को और बढ़ाने के लिए यहां पेस्टल रंगों का प्रयोग करें. ध्यान मुद्रा में बुद्ध की एक मूर्ति सद्भाव और मानसिक कल्याण को और बढ़ाती है.


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सयंत्र ऊर्जा
घर के ईस्ट जोन में ढेर सारे हरे पौधे लगाएं. यह क्षेत्र हमारे सोशल नेटवर्किंग का प्रतिनिधित्व करता है. यहां की हरित ऊर्जा बाहरी दुनिया के साथ हमारे संबंधों को बढ़ाती है. दोस्तों के साथ बिताए कुछ ख़ुशी के पल हमेशा ख़ुशियों में इजाफ़ा करते हैं.

शयन कक्ष ऊर्जा
यह वह क्षेत्र है, जहां हम अधिकतम समय बिताते हैं, हमारे विश्राम की जगह. सुनिश्चित करें कि बेडरूम में लाल और काले जैसे गहरे रंग न हों. दर्पण बिस्तर को प्रतिबिंबित करता ना हो, क्योंकि इससे सोते समय बहुत बेचैनी हो सकती है और यह जोड़ों के बीच बहस का कारण भी बन सकता है. अच्छी सेहत और ख़ुशी के लिए अच्छी नींद ज़रूरी है. बेडरूम से कूड़ेदान हटा दें. पौधों को बेडरूम से बाहर रखें. ऐसे में बेडरूम में भी फूलों से परहेज़ करें. इसमें बहुत सक्रिय और यांग ऊर्जा होती है और आरामदायक नींद में बाधा उत्पन्न होती है.


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स्नानघर
सुनिश्चित करें कि उपयोग में न होने पर शौचालय का ढक्कन हमेशा नीचे हो और शौचालय का दरवाज़ा हमेशा बंद रखा जाना चाहिए, ख़ासकर जब यह एक संलग्न बाथरूम हो. यह बाथरूम की नकारात्मक ऊर्जा को आपके शयनकक्ष में प्रवाहित करने से रोकेगा. घर की सकारात्मक ऊर्जा को और बढ़ाने के लिए सुगंधित मोमबत्तियों, कपूर और आवश्यक तेलों का उपयोग करें. एक घर, जो सकारात्मक कंपन से भरा होता है, वह एक ऐसा घर होता है, जो अच्छे स्वास्थ्य और ख़ुशी से प्रतिध्वनित होता है. याद रहे, आपके घर में कंपन आपके मन का मानस है.

Photo Courtesy: Freepik

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