क्या है आपका मनी स्टाइल ? ( What’s Your Money Style?)

 

आर्थिक रूप से आप कितने सक्षम हैं, यह इस बात पर निर्भर नहीं करता कि आप कितना कमाते हैं. महत्वपूर्ण यह है कि आप कितना बचाते हैं, आप किस तरह ख़र्च करते हैं? पैसे ख़र्च करने और बचत की आदतों के अनुसार दुनिया में 6 तरह के लोग होते हैं. तो आइए देखते हैं कि आप किस कैटेगरी में आते हैं?

जमाख़ोर या कंजूस

जहां ज़्यादातर लोग पैसे को जीवन की सुख-सुविधा जुटाने का साधन समझते हैं, वहीं कंजूस लोग पैसे को अपनी सुरक्षा का साधन समझते हैं और बड़ी मुश्किल से ख़र्च कर पाते हैं. ऐसे लोगों का अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण होता है और ये बजट से बाहर ख़र्च नहीं करते. मोल-भाव करने में भी मास्टर होते हैं.

कमियां
* बेहतर भविष्य के चक्कर में वर्तमान को एन्जॉय नहीं कर पाते.
* इनवेस्टमेंट करने से डरते हैं.
* बचत के पुराने तरी़के अपनाते हैं, जिससे कोई ख़ास फ़ायदा नहीं होता.

क्या हो स्मार्ट मूव?
* पैसे को एन्जॉय करना सीखें.
* कुएं का मेंढक न बनें. बचत के पुराने तरीकों के आगे सोचें. बचत का कुछ हिस्सा स्टॉक, म्युचुअल फंड, शेयर मार्केट, रियल इस्टेट इत्यादि में निवेश करें.

ख़र्चीले

शॉपिंग करना ख़र्चीलों का सबसे बड़ा शौक़ होता है. शॉपिंग के बाद वे रिलैक्स महसूस करते हैं. इन्हें वर्तमान में जीना आता है. ये ज़िंदगी को एन्जॉय करने में माहिर होते हैं. दोस्तों और अपनों को क़ीमती उपहारों से ख़ुश रखते हैं.

कमियां
* अपनी इच्छाओं पर काबू नहीं रख पाते.
* ख़र्च करने की आदत के कारण बचत नहीं कर पाते, जिससे रिटायरमेंट के बाद या ज़रूरत के समय इनके पास पैसे नहीं होते.

क्या हो स्मार्ट मूव?
* ख़र्च पर कंट्रोल करें, क्योंकि भविष्य को सुरक्षित करना भी ज़रूरी है.
* भावनात्मक दूरियों को पैसे से कम करना हमेशा सही नहीं होता.
* आय और व्यय का हिसाब-किताब रखें.
* क्रेडिट कार्ड से तौबा कर लें.
* सिर्फ़ दिखावा करने के लिए ख़र्च न करें.

मूडी

मूडी लोगों में कंजूसी और ख़र्चीलापन दोनों गुण होते हैं. ये बचत के महत्व को समझते हैं और आमतौर पर ख़र्च करने से बचते हैं.

कमियां
* ख़र्च करने के मूड में आने के बाद पर्स खाली करने से बाज़ नहीं आते.
* बचत का महत्व समझ कर भी बचत नहीं कर पाते.

क्या हो स्मार्ट मूव?
* जोश में आकर ख़र्च करने से बचें.
* ख़र्च करने की सीमा तय करें.
* शॉपिंग लिस्ट तैयार करके ही शॉपिंग करने जाएं.
* शॉपिंग के लिए जाते समय ज़रूरत से ज़्यादा पैसे न ले कर जाएं.

3

चिंतित प्रवृत्ति

ऐसे लोग पैसे होने के बावजूद हमेशा हैरान-परेशान रहते हैं. उन्हें हर पल बिल के भुगतान, टैक्स और अन्य ख़र्च की चिंता सताती है. इनकी ये अच्छाई है कि ये बिल समय पर भरना नहीं भूलते. अधिक चिंतित रहने के कारण मनी एडवाइज़रों की सलाह लेते हैं, जो उन्हें निवेश करने की सही राय दे सकते हैं.

कमियां
* पैसे की चिंता उन्हें रात-दिन परेशान करती रहती है.
* उनमें पैसे को हैंडल करने का आत्मविश्‍वास नहीं होता.
* निर्णय लेने में काफ़ी समय लगाते हैं, जिससे कई बार मौ़के हाथ से फिसल जाते हैं.

क्या हो स्मार्ट मूव?
* हर दिन अपनी चिंताओं को लिखें. साथ में यह भी लिखें कि बुरी से बुरी स्थिति क्या हो सकती है, जिससे आपको यह अंदाज़ा हो जाएगा कि आपकी स्थिति कहीं बेहतर है.
* बजट बनाने में मनी एडवाइज़रों की सलाह लें.
* हर दिन बजट का विश्‍लेषण न करें.

उदासीन या संन्यासी प्रवृत्ति

दुनिया में बहुत कम लोग ऐसे होते हैं जो रुपये-पैसे को ज़्यादा महत्व नहीं देते. ऐसे लोग नैतिक मूल्यों को अधिक महत्व देते हैं और दिल खोलकर दान देते हैं. रुपये-पैसे के मामले में ये बड़े उदार होते हैं.

कमियां
* भविष्य की आर्थिक सुरक्षा की अनदेखी करते हैं.
* निवेश और बचत नहीं करते.

क्या हो स्मार्ट मूव?
* आपको यह समझना होगा कि ज़्यादा कमाना कोई बुरी बात नहीं है.
* जितने ज़्यादा पैसे होंगे, आप उतना अधिक दान कर सकते हैं.
* बेहतर भविष्य के लिए बचत करना भी ज़रूरी है.

मनी मास्टर

पैसे को बेहतर ढंग से हैंडल करने की कला में ऐसे लोग निपुण होते हैं. मनी मास्टर रुपये-पैसे को स्मार्ट तरी़के से हैंडल करते हैं. ये लोग भविष्य पर नज़र रखते हुए अपने ख़र्च, बचत और निवेश में संतुलन बनाए रखते हैं. साथ ही आमदनी बढ़ने पर अपनी लाइफस्टाइल में सुधार लाते रहते हैं.

कमियां
* अपने दोस्तों, संबंधियों को बिना मांगे रुपये-पैसे के बारे में सलाह देते रहते हैं, जिससे वे उनसे दूर भागते हैं.
* वे दूसरों से सलाह नहीं मांगते, क्योंकि उन्हें लगता है कि वे रुपये-पैसे के बारे में दूसरों से ज़्यादा जानते हैं.

क्या हो स्मार्ट मूव?
* हालांकि आपका इरादा नेक होता है, पर बिना मांगे दूसरों को सलाह देने से बचें.
* आप बुद्धिमान हैं इसमें कोई शक नहीं, पर बड़े फायनांशियल (आर्थिक) फैसले लेते समय विशेषज्ञों से एक बार सलाह ले लेनी चाहिए.