जानें डायट से जुड़े 10 मिथकों की सच्चाई (10 Diet Myths Busted)

बहुत ज़्यादा हेल्थ कॉन्शियस बनने के चक्कर में कई बार हम ग़लतफहमियों के भी शिकार हो जाते हैं. खानपान से जुड़े कुछ ऐसे ही मिथकों की सच्चाई (Diet Myths Busted) जानने के लिए हमने बात की न्यूट्रीशनिस्ट व डायट प्लानर निमिता शास्त्री से.

मिथक- दाल और पनीर साथ खाने से मोटापा बढ़ता है.
सच्चाई– दाल और पनीर प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत हैं, जो मांसपेशियों को मज़बूत बनाने और वज़न घटाने में सहायक हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक बैलेंस वेट लॉस प्लान के लिए 25 प्रतिशत कैलोरी प्रोटीन स्रोतों से मिलनी ज़रूरी है, जिसके लिए दाल और पनीर का कॉम्बिनेशन बेस्ट है.
मिथक- अंगूर, नींबू और संतरा खाने से सर्जरी के घाव जल्दी नहीं भरते.
सच्चाई- यह सोच ग़लत है. वास्तविकता यह है कि खट्टे फलों में मौजदू विटामिन सी स्टिचेस (टांके) सूखने में मदद करता है. जबकि सोडा, कोला और कार्बोनेटेड ड्रिंक में पाया जाने वाला कार्बोनिक एसिड स्टिचेस को कमज़ोर कर देता है, जिससे ठीक होने में ज़्यादा समय लगता है.
नोटः सर्जरी, ख़ासकर ईएनटी सर्जरी के तुरंत बाद खट्टे फल न खाएं. (Diet Myths Busted)
मिथक- रात में नारियल पानी पीने से एसिडिटी हो जाती है.
सच्चाई- ऐसा नहीं है. नारियल पानी शरीर को ठंडा रखता है. साथ ही एसिडिटी और हार्टबर्न (सीने में जलन) होने पर भी नारियल पानी पीने की सलाह दी जाती है. ये पेट के पीएच बैलेंस को बनाए रखता है. नारियल डीहाइड्रेशन से बचाने के साथ ही पाचन में भी मदद करता है.
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मिथक– चॉकलेट से एक्ने की समस्या हो जाती है. (Diet Myths Busted)
सच्चाई- किसी भी चीज़ की अति नुक़सानदायक होती है. इसी तरह यदि आप बहुत ज़्यादा चॉकलेट खाती हैं तो निश्‍चय ही एक्ने की समस्या हो सकती है लेकिन थोड़ी मात्रा में चॉकलेट खाने से कोई नुक़सान नहीं होता.
मिथक– पपीता खाने से मिसकैरेज हो जाता है.
सच्चाई– प्रेग्नेंट महिलाओं को अक्सर पपीता न खाने की सलाह दी जाती है क्योंकि इससे मिसकैरेज हो सकता है. कच्चे पपीता में लैटेक्स मौजूद होते हैं, जिससे गर्भाशय में संकुचन हो सकता है. लेकिन पका हुआ पपीता विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होता है जो हार्टबर्न और कॉन्सटिपेशन (कब्ज़) रोकने में सहायक है.
नोटः यदि आप प्रेग्नेंट हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही पपीता को अपनी डायट में शामिल करें.

Diet Myths Busted
मिथक- बादाम, अखरोट, काजू, पिस्ता और किशमिश मोटापा बढ़ाते हैं.
सच्चाई- सूखे मेवों में अच्छी क्वॉलिटी का फैट होता है जो आपकी सेहत के लिए ज़रूरी है, लेकिन इनका ज़रूरत से ज़्यादा सेवन वज़न बढ़ा सकता है, क्योंकि सूखे मेवों में प्रति ग्राम शुगर, कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज़्यादा होती है. अतः फिट और हेल्दी रहने के लिए थोड़ी मात्रा में ड्राय फ्रूट्स को अपनी डायट में शामिल करें.
मिथक- कार्बोहाइड्रेट बुरा होता है.
सच्चाई- शरीर की एनर्जी की ज़रूरत पूरी करने के लिए ग्लुकोज़ की आवश्यकता होती है, और ग्लुकोज़ कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट जैसे ब्राउन राइस, नाचनी, ज्वार और बाजरा आदि से मिलता है. अन्य चीज़ों के साथ कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट की संतुलित मात्रा आपके एनर्जी लेवल को बनाए रखती है, लेकिन वज़न कम करने के लिए हाईली रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, जैसे- व्हाइट ब्रेड, शुगर, मैदा, व्हाइट राइस आदि से परहेज़ करें.
मिथक– दिल के लिए अच्छा होता है टोमैटो केचअप.
सच्चाई– टमाटर में मौजूद लाइकोपेन हार्ट डिसीज़ के ख़तरे को कम करने में सहायक है, लेकिन स़िर्फ घर पर बने केचअप ही दिल के लिए अच्छे होते हैं. बाज़ार में मिलने वाले टोमैटो केचअप में सोडियम और शुगर की मात्रा ज़्यादा होती है, जिससे आपके दिल को नुक़सान पहुंच सकता है.
मिथक- फैट फ्री फूड में ज़ीरो कैलोरी होती है. (Diet Myths Busted)
सच्चाई– बाज़ार में मिलने वाले पैक्ड फूड पर भले ही फैट फ्री का लेबल लगा हो लेकिन इसमें ज़ीरो कैलोरी नहीं होती. इसमें कम से कम 3 ग्राम फैट होता है. फैट फ्री का लेवल स़िर्फ ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए लगाया जाता है. दरअसल, फैट फ्री/ज़ीरो कैलोरी का लेबल लगे खाद्य पदार्थों को प्रिज़र्व करने के लिए ट्रंास फैट का इस्तेमाल किया जाता है जो सेहत के लिए हानिकारक है.
मिथक- खाने के तुरंत बाद फल खाना अच्छा होता है.
सच्चाई- जानकारों का मानना है कि खाने के तुरंत बाद फल खाने से डाइजेशन, गैस और एसिडिटी की समस्या हो सकती है. इसलिए बेहतर होगा कि हेवी खाना खाने के कम से कम 1 घंटे बाद फल खाएं.
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