बच्चों के दस्त (Diarrhoea) रोकने के 13 प्रभावकारी घरेलू नुस्ख़े (13 Home Remedies To Cure Diarrhoea In Babies)

Diarrhoea In Babies

 

दूध व भोजन की अधिकता, संक्रमण आदि कारणों से बच्चों को दस्त होने लगता है. दूध पीते बच्चों को बार-बार दस्त होने से उनके रक्त व शरीर से पानी व अन्य आवश्यक खनिज निकल जाते हैं. दस्तों की कमी या अधिकता के अनुसार अनेक लक्षण पैदा हो जाते हैं. इससे ज्वर, चिड़चिड़ापन, भूख न लगना, उल्टी, चेहरा व शरीर पीला पड़ जाना, बेहोशी, आंखें अंदर धंस जाना आदि विकार उत्पन्न हो जाते हैं.

जिन बच्चों को गाय व डिब्बों का दूध पिलाया जाता है, उन्हें कीटाणुओं के संक्रमण से यह रोग अधिक होता है. इस रोग में पहले पतले हरे रंग के बदबूदार दस्त होते हैं. कभी दस्तों में आंव और रक्त भी आ जाता है.

* मीठे सेब का रस कपड़े से छानकर बार-बार पिलाने से दस्त रुक जाते हैं और रक्त व शरीर में तरल तत्वों की कमी भी दूर हो जाती है.

* जौ का पानी और अंडे की स़फेदी पानी में घोलकर बार-बार थोड़ा-थोड़ा पिलाते रहने से लाभ होता है.

* फलों का रस, सब्जियों के पके रस और पानी बार-बार पिलाते रहने से शरीर में तरल तत्व पहुंच जाता है.

* छोटे बच्चे को लगातार पतली दस्त हो रही हो, तो 6 मि.ग्रा. सौंफ को 6 मि.ली. पानी में उबालें. जब आधा पानी रह जाए, तो 1 चम्मच       की मात्रा में दिन में तीन बार पिलाएं. शीघ्र लाभ होगा.

यह भी पढ़े: आम के 8 औषधीय गुण

* शिशुओं को दस्त होने पर जायफल, लौंग, सफेद जीरा व सुहागा खील- इन चारों को समान मात्रा में लेकर कपड़छान चूर्ण बना लें. 50 से     100 मि.ग्रा. तक की मात्रा आवश्यकतानुसार शहद के साथ दिन में 1-1 बार चटाएं.

* 60 मि.ग्रा. से 125 की मात्रा में कपूर रस शहद के साथ सुबह-शाम देने से   विशेष लाभ होता है.

* दस्त होते हों, तो भी शिशु का दूध बंद नहीं करना चाहिए, बल्कि साथ-साथ नारियल का पानी, अनार का रस, सेब का रस एवं नींबू पानी     दें.

* बगैर दूध की चाय या कॉफी बनाकर उसमें नींबू का रस डालकर पिलाने से लाभ होता है.

* जायफल घिसकर शहद के साथ बच्चे को सुबह-शाम चटाएं.

यह भी पढ़े: हिस्टीरिया का घरेलू इलाज

* तेजपत्ते का चूर्ण एक भाग, बेलफल की गिरी 2 भाग गुड़ के साथ दें.

* सौंफ और सोंठ का काढ़ा बनाकर शिशु को 1-2 चम्मच की मात्रा में पिलाएं. इससे दस्त बंद होगा.

* सोंठ का चूर्ण 125 मि.ग्रा. की मात्रा में गुड़ में मिलाकर देने से बच्चे को दस्त से राहत मिलती है.

* यदि शिशु बार-बार हरे रंग की दस्त करता है, तो घबराइए नहीं. आप उंगली पर एरंड का तेल लगाकर चटाएं. दो-तीन दिन में ही आराम     हो जाएगा.

–  रेखा कुंदर

दादी मां के अन्य घरेलू नुस्ख़े/होम रेमेडीज़ जानने के लिए यहां क्लिक करें-  Dadi Ma Ka Khazana

 

 

 

 

Summary
बच्चों के दस्त (Diarrhoea) रोकने के 13 प्रभावकारी घरेलू नुस्ख़े (13 Home Remedies To Cure Diarrhoea In Babies)
Article Name
बच्चों के दस्त (Diarrhoea) रोकने के 13 प्रभावकारी घरेलू नुस्ख़े (13 Home Remedies To Cure Diarrhoea In Babies)
Description
दूध व भोजन की अधिकता, संक्रमण आदि कारणों से बच्चों को दस्त होने लगता है. दूध पीते बच्चों को बार-बार दस्त होने से उनके रक्त व शरीर से पानी व अन्य आवश्यक खनिज निकल जाते हैं. दस्तों की कमी या अधिकता के अनुसार अनेक लक्षण पैदा हो जाते हैं. इससे ज्वर, चिड़चिड़ापन, भूख न लगना, उल्टी, चेहरा व शरीर पीला पड़ जाना, बेहोशी, आंखें अंदर धंस जाना आदि विकार उत्पन्न हो जाते हैं.
Author