बॉलीवु़ड के जाने-माने अभिनेता अनुपम खेर सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं. वे फिल्मों के साथ-साथ देश की राजनीति और राजनीतिक पार्टियों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं, जिसके कारण कभी-कभी उन्हें ट्रोलर्स का भी सामना करना पड़ता है. हाल ही में अनुपम खेर ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे CAA और NRC पर देश में चल रहे विरोध पर कटाक्ष की है. अनुपम खेर ने वीडियो में कहा कि, ‘धन्य हैं मेरे देश के कुछ महानुभाव. उन्हें 72 साल से ट्राफिक नियम समझ नहीं आ रहा है, खुले में शौच न करें ये सिखाने के लिए अरबों का विज्ञापन करना पड़ता है. तीन साल से जीएसटी समझ नहीं आ रही है, लेकिन नागरिकता संशोधन कानून दो दिन में ही समझ गए हैं. अनुपम खेर आगे कहते हैं, ‘लोग राष्ट्रीय नागरिकता पंजीकरण आने से पहले ही समझ गए. है कि नहीं कमाल!! हमें लोगों को यह सिखाना पड़ेगा कि क्या सही है और क्या गलत है,’ अनुपम खेर के इस वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स जमकर रिएक्ट कर रहे हैं.

कभी कभी कुछ लोगों को समझाना ज़रूरी कि जो वो समझ रहे है या समझने की ऐक्टिंग कर रहें या लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे है वो बिल्कुल ग़लत है। मेरा मतलब CAA और NRC से है। आप तो समझ गए ना!! जय हो!! 🙏🤓 #shareit pic.twitter.com/DRAqMkn4Tg
— Anupam Kher (@AnupamPKher) February 5, 2020
एक यूजर ने लिखा कि शाहीन बाग में बैठे लोगों को CAA की इतनी जानकारी है, जितनी पाकिस्तान के लोगों को Tiktok की. आपको याद दिला दें कि कुछ दिनों पहले अनुपम खेर पर नसीरुद्दीन शाह ने निशाना साधा था उन्होंने कहा था कि अनुपम को बिल्कुल भी सीरियस लेने की जरूरत नहीं है. नसीरुद्दीन के इस बयान पर अनुपम खेर ने भी उन्हें करारा जवाब दिया था। सोशल मीडिया पर अनुपम के वीडियो को सभी ने पसंद किया था. काम की बात करें तो हाल ही में अनुपम खेर फिल्म ‘वन डे‘ में नजर आए थे. इस फिल्म में उनके साथ एक्ट्रेस ईशा गुप्ता भी मुख्य भुमिका में नजर आई थीं. इससे पहले अनुपम खेर ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह के जीवन पर बनी फिल्म ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ में भी मुख्य भूमिका अदा की थी.
आपको बता दें कि साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत ने भी पहली बार CAA पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून अपने देश के नागरिकों पर कोई प्रभाव नहीं डालेगा. अगर मुस्लिमों पर इसका असर हुआ तो मैं इसके खिलाफ खड़ा होने वाला पहला व्यक्ति रहूंगा. एनपीआर केवल बाहरी व्यक्तियों के बारे में जानने के लिए है. यह स्पष्ट किया जा चुका है कि एनआरसी अभी तक तैयार नहीं हुआ है. उन्होंने अपने बयान में कहा कि विभाजन के बाद जिन मुस्लिमों ने भारत में रुकने का फैसला किया, उन्हें देश से बाहर कैसे भेजा जाएगा? इसके अलावा रजनीकांत ने आरोप लगाया कि कुछ राजनैतिक दल अपने निजी स्वार्थ के लिए सीएए के खिलाफ लोगों को भड़का रहे हैं. आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून के तहत अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई अवैध प्रवासियों को नागरिकता प्रदान की जाएगी. इस कानून को लेकर दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार, बंगाल, असम और बेंगलूरू में भी खूब विरोध प्रदर्शन हुए. वहीं, रजनीकांत की बात करें तो आखिरी बार तमिल सुपरस्टार दरबार में नजर आए हैं. उनकी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर खूब धमाल मचाया. इसके अलावा रजनीकांत बांदीपुर टाइगर रिजर्व पार्क में बेयर ग्रिल्स के साथ अपनी शूटिंग को लेकर भी काफी चर्चा में रहे.
