स्कूल और कॉलेज के बाद हम अपने करियर को बनाने में व्यस्त हो जाते हैं और फिर कुछ समय के बाद हम काम में इतने डूब जाते हैं कि पर्सनल लाइफ पर फोकस थोड़ा कम हो जाता है. इसी बीच शादी होने पर भी एक ब्रेक ज़रूर मिलता है, लेकिन कुछ समय बाद वो भी रूटीन होने लगती है और हमारी ज़िंदगी थोड़ी बोरिंग होने लगती है. तो ऐसे में क्या करें कि अपनी बोरिंग लाइफ को हम थोड़ा स्पाइसी और मज़ेदार बनाएं. चलिए जानते हैं.
• अपने सोचने का तरीक़ा बदलें. अपनी सोच सकारात्मक बनाएं और हर चीज़ में पॉज़िटिविटी ढूंढ़ें.
• लाइफ को स्पाइसी और मज़ेदार बनाने का मतलब सिर्फ़ घूमना-फिरना, पार्टी करना या ट्रिप पर जाना ही नहीं होता, लाइफ को हैपनिंग बनाने का मतलब होता है कि अपनी डेली लाइफ, अपने काम, अपने रिश्तों और अपने रूटीन में ही मज़ा लेना.
• अपना रूटीन बदलें. हममें से अधिकांश लोग एक ही तरह का का रूटीन फॉलो करते हैं और यही वजह है कि कुछ वक़्त बाद यही रूटीन हमें बोरियत का एहसास कराता है. अब सवाल यह है कि रूटीन बदलें कैसे?
• सबसे पहले अपने प्रति अपना नज़रिया बदलें. ख़ुद को रिस्पेक्ट देना सीखें और ख़ुद से प्यार करना सीखें. अपने लिए, अपनी ख़ुशी के लिए कुछ करना ग़लत नहीं, बशर्ते उससे दूसरों को कोई परेशानी या तकलीफ़ ना हो.
• खासतौर से महिलाएं अपने प्रति बेहद लापरवाह होती हैं और उन्हें अपने या अपनी ख़ुशी के लिए कुछ करना गिल्ट में डाल देता है, क्योंकि उन्हें यही सिखाया-बताया जाता है कि बच्चे और पति का ख़्याल रखना ही उनकी ज़िम्मेदारी, ख़ुशी और प्राथमिकता है, इसलिए अपनी सोच को थोड़ा बदलना होगा.
• सुबह थोड़ा जल्दी उठकर बाहर सैर करें या फिर मनपसंद म्यूज़िक के साथ चाय-कॉफी का मज़ा लें.
• अगर आप पुरुष हैं, तो कभी ख़ुद ब्रेकफास्ट रेडी कर लें. अगर खाना बनाना नहीं आता है, तो इसे एक हॉबी के तौर पर सीखें. वैसे भी यह बेसिक लाइफ स्किल है, जो आपको कॉन्फिडेंस देगी.
यह भी पढ़ें: क्या दिखावे के चक्कर में हम खो रहे हैं मेंटल पीस? (Are we losing our mental peace in the pursuit of show-off?)
• अपने लुक को थोड़ा चेंज करें. अपनी स्टाइलिंग, ड्रेसिंग और ग्रूमिंग पर फोकस करें.
• अगर आप इंडियन पहनावा पसंद करती हैं, तो अब कभी-कभी वेस्टर्न भी पहनें.
• इसी तरह अगर आप हमेशा वेस्टर्न ही पहनती हैं, तो इंडियन ट्राई करें.
• पुरुष भी अपना हेयर स्टाइल, हेयर कलर, स्टाइलिंग और आउटफिट्स को चेंज करके एक नई ताज़गी और जोश महसूस कर सकते हैं.
• जो भी करें कॉफिन्डेंस के साथ करें.
• अपने बिज़ी शेड्यूल में से टाइम निकालकर पुराने दोस्तों के साथ गेट-टुगेदर या पार्टी करें.
• अगर मिलने का समय नहीं मिले, तो फोन पर कनेक्ट करें.
• काम और रूटीन लाइफ से ब्रेक लें. कोई मूवी या डिनर प्लान करें. ऑफिस में भी काम के बीच में टी ब्रेक लेकर ख़ुद को रिफ्रेश करें.
• कभी सोलो ट्रिप पर भी जाएं. कुछ पल सिर्फ़ और सिर्फ़ अपने लिए निकालें और इस मी टाइम को एंजॉय करें.
• मेडिटेशन ज़रूर करें. ये आपको ऊर्जा से भर देगा.

• ख़ुद पर प्रेशर डालकर या स्ट्रेस लेकर कुछ न करें. अपने काम को अपनी ज़िम्मेदारी समझें, लेकिन उसे बोझ समझकर न करें, काम और वर्क प्लेस को मज़ेदार और हैपनिंग बनाएं.
• अपनी बोरिंग सी डेस्क को न्यू लुक दें. उसे इंटरेस्टिंग स्टेशनरी और चीज़ों से डेकोरेट करें.
• शिकायतें कम करें और जो लाइफ से आपको मिला है, उसे एप्रिशिएट करना सीखें.
• सिर्फ़ पैसा कमाना, सुविधाएं जुटाना या करियर बनाना ही बेहतर ज़िंदगी की गारंटी नहीं है, बल्कि छोटी-छोटी ख़ुुशियों को अपनों के साथ एंजॉय करना ज़िंदगी जीने का सबसे अच्छा तरीक़ा है.
• सोशल मीडिया पर बहुत ज़्यादा समय न बिताएं, क्योंकि शुरुआत में ये काफ़ी हैपनिंग और मज़ेदार लगता है, लेकिन इसके नुक़सान भी कम नहीं.
• अगर आप हाउसवाइफ हैं, तो आप भी खाली समय में अकेले शॉपिंग पर जा सकती हैं, किसी पुरानी सहेली के घर विज़िट कर सकती हैं या अपने लिए घर में अपना मनपसंद खाना ऑर्डर करके ख़ुद को स्पेशल फील करा सकती हैं. चाहें तो पति के ऑफिस जाकर उनको सरप्राइज़ दे सकती हैं.
• ज़िंदगी को मसालेदार बनाने के लिए तो सिर्फ़ मसाला चाय, समोसा और अपनों का साथ काफ़ी है, वरना महंगी गाड़ियों, बड़े-बड़े बंगले और सारी सुविधाएं होने पर भी अक्सर लोग दुखी रहते हैं. आपके आसपास भी ऐसे लोग होंगे ही. गौर कीजिएगा कभी.
• अपनी एक डायरी भी बना सकते हैं और उसमें अपने लिए छोटे-छोटे गोल्स तय करके लिख सकते हैं, क्योंकि लाइफ में कुछ नया करने का गोल होगा, तो लाइफ इंटरेस्टिंग होगी. इसके अलावा आप कुछ पॉइंट्स भी लिखें कि आख़िरी बार आप खुलकर कब हंसे थे, आप कब किस बात पर बहुत ख़ुश हुए थे, कब फैमिली या फ्रेंड्स के साथ एंजॉय किया था आदि. इसके बाद इन पॉइंट्स पर काम करना शुरू करें.
• हर दिन इस जोश और सोच के साथ उठें कि आज का दिन बेहद ख़ूबसूरत होेगा.
• जो लोग आपके लिए काम करते हैं, उनकी कोशिशों को सराहें, इससे आपके भीतर पॉज़िटिविटी आएगी.
• किसी से कोई ग़लती हो गई, तो ग़ुस्से की जगह माफ़ी को जगह देकर देखें, आपको सुकून मिलेगा.
यह भी पढ़ें: रंगों से नहीं, परिवर्तन से खिलता है मन का वसंत (The spring of the mind blossoms not with colors but with change)
• पास्ट में जीना छोड़ दें. कुछ लोग बस अपने पुराने दिनों की यादों में ही खोए रहते हैं और दुखी होने लगते हैं कि वो दिन कितने अच्छे थे. बेहतर होगा अपने वर्तमान को एक्सेप्ट करके उसे बेहतर और मज़ेदार बनाने की दिशा में काम करें.
• ज़िंदगी के दिन काटो या बिताओ नहीं, बल्कि हर दिन को खुलकर जियो. लाइफ में नयापन लाने के लिए आप अपने खाने-पीने में भी बदलाव ला सकते हैं. अगर डायट कॉन्शियस हैं, तो हफ़्ते में एक-दो दिन रूल्स तोड़कर देखो.
• सिर्फ़ खाने-पीने में ही नहीं, अन्य चीज़ों में भी रूल्स तोड़कर देखें. कभी ऑफिस के लिए समय निकालकर ऑफिस न जाकर अकेले अपनी मनपसंद जगहों पर घूमें, फेवरेट रेस्टोरेंट में खाना खाएं, मूवी देखें या समंदर किनारे बैठें. अगर आपको अकेले ये सब पसंद नहीं, तो अपने किसी दोस्त/सहेली को साथ ले लें.
• कोई नई हॉबी या स्किल सीखें, पॉज़िटिव किताबें भी पढ़ी जा सकती हैं. म्यूज़िक, स्विमिंग, डान्सिंग या जिम- जो भी आपको पसंद हो, उसे आप कर सकते हैं.
• कुल मिलाकर यह आपको ही तय करना होगा कि कौन-सी चीज़ें आपको जोश और ऊर्जा देती हैं और कौन-सी नहीं, उसी के अनुसार अपने जीवन और रूटीन में बदलाव लाएं.
- गीता शर्मा

