बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर अनुपम खेर (Anupam Kher) को इंडस्ट्री में 40 साल हो चुके हैं. इन 40 सालों में अनुपम खेर 550 फिल्में कर चुके हैं और 'सारांश' (Saransh) से शुरूआत के बाद से अपनी हर फ़िल्म में एक से बढ़कर एक किरदार निभा चुके हैं. लेकिन आज भी वो एक्टिंग में पहला ब्रेक देने के लिए महेश भट्ट (Mahesh Bhatt) को अपनी हर फ़िल्म के बाद पैसे देते हैं और इसकी बेहद दिलचस्प वजह (Anupam Kher-Mahesh Bhatt throwback story) भी खुद अनुपम खेर ने बताई है.

अनुपम खेर ने 1984 में महेश भट्ट की फ़िल्म फिल्म 'सारांश' से अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की थी. इस फ़िल्म के लिए अनुपम को बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था, साथ ही उनकी एक्टिंग को भी बहुत तारीफें मिली थीं. इतनी बेहतरीन फ़िल्म में ब्रेक देने के लिए वो आज भी महेश भट्ट का एहसान मानते हैं, इतना ही नहीं, वो महेश भट्ट को अपना गुरू भी मानते हैं और गुरु को गुरुदक्षिणा देना तो बनता ही है, इसलिए अनुपम खेर अपनी हर फिल्म के बाद महेश भट्ट को 25000 रुपये देते हैं और ऐसा वो पिछले चार दशक से करते आ रहे हैं.

एक इंटरव्यू के दौरान इस पर बात करते हुए अनुपम खेर ने कहा था, "'उन्होंने ही मुझे पहला ब्रेक दिया था, इसलिए उस समय मैं उन्हें हर फिल्म के लिए 250 रुपये देता था. अब यह 25,000 रुपये हो गया है. यह बढ़ती महंगाई का इफ़ेक्ट है. पहले ये 250 रुपये से बढ़कर 500 रुपये, फिर 1000 रुपये, फिर 5000 रुपये और अब 25,000 रुपये हो गया है."

अनुपम खेर ने बताया, "यह किसी और चीज से ज्यादा एक रस्म बन गई है. अपने गुरू को सम्मान देने का, गुरुदक्षिणा देने की रस्म है. यह एक तरह से कॉमेडी भी है. अब तो भट्ट साहब पूछते भी नहीं कि लिफाफे में क्या है. वो बस रख लेते हैं."

बता दें कि अनुपम खेर ने महेश भट्ट के साथ 'सारांश', 'डैडी', 'हक' और 'पापा कहते हैं' समेत कई फिल्मों में काम किया है. उन्होंने एक बार सारांश का मज़ेदार किस्सा भी सुनाया था. अनुपम खेर ने बताया था कि 'सारांश' के लिए वो महीनों से तैयारी कर रहे थे. लेकिन शूटिंग शुरू होने से पहले उन्हें पता चला कि महेश भट्ट ने फ़िल्म में उनकी जगह संजीव कुमार को लेने का फैसला कर लिया है. ये सुनकर अनुपम खेर टूट गए और उन्होंने मुम्बई छोड़ने का फैसला कर लिया. उन्होंने सारा सामान टैक्सी में रखा और महेश भट्ट के घर पहुंचे. उन्होंने बताया कि उन्होंने महेश भट्ट को कहा कि वो धोखेबाज़ हैं और उनकी वजह से वो मुंबई छोड़कर जा रहे हैं. उनकी लगन से महेश भट्ट बहुत प्रभावित हुए और उनके साथ ही सारांश बनाने का फैसला किया.
