मुहब्बत एक ख़ूबसूरत एहसास मुहब्बत... जन्म-जन्मांतर का साथ... मुहब्बत पाकीज़गी... मुहब्बत सादगी... मुहब्बत ईश्वर की सौग़ात... जी हां, मुहब्बत यानी प्यार को लेकर हम सभी के यही ख़यालात होते हैं. हर कोई चाहता है कि ज़िंदगी में एक बार इस प्यार की बरसात में ज़रूर भीगें. इस रिश्ते को जिएं, लेकिन क्या हो कि जब आपको अचानक पता चले कि जिस रिश्ते को आप जन्मों का साथ समझ रहे थे वो बस एक छलावा था. आपके सारे सपने एक पल में बिखर जाते है और आप पूरी तरह टूट जाते हैं.
ऐसे कई मामले हम देखते आए हैं जहां कई युवा प्यार में धोखा मिलने पर अपनी जान दे देते हैं और ये मामले बढ़ते ही जा रहे हैं. तो क्यों ऐसा करते हैं? युवा इसी विषय को हम समझने की कोशिश करेंगे.

जब कोई शख़्स प्यारभरी नज़रों से दिल चुराता है, तो ज़िंदगी एकदम से रंगीन हो जाती है, लेकिन वही शख़्स जब इतने सपने दिखाकर अचानक नज़रें चुराने लगता है, तो भावनाएं इतनी आहत होती हैं कि ज़िंदगी बेकार लगने लगती है. यही वो समय होता है जब इंसान के सोचने-समझने की शक्ति बेहद कम हो जाती है और हम स़िर्फ भावुक होकर सोचते हैं और अपने निर्णय लेते हैं, ऐसे में अपनी जान देने से बेहतर कुछ नहीं लगता. खासतौर से अगर साथ में कोई इमोशनल सपोर्ट देने वाला न हो, तो व्यक्ति ग़लत कदम उठाने में देर नहीं करता.
- जब कोई प्यारभरा रिश्ता टूटता है, तो अचानक उसका दुख असहनीय लगता है, अकेलेपन का एहसास, निराशा, डिप्रेशन जैसी नकारात्मक भावनाएं हावी हो जाती हैं, जिससे जीवन के निरर्थक होने का आभास होने लगता है.
- जब कोई बेवफाई का शिकार होता है, तो उसे ऐसा महसूस होने लगता है कि उसमें कोई कमी है, व्यक्ति में हीनता और अपमान जैसे भाव आने लगते हैं. सब कुछ खो देने का एहसास उसे भीतर तक तोड़ देता है.
- ऐसे में किसी के भी आत्मसम्मान को ठेस पहुंचती है. जिस व्यक्ति के इर्द-गिर्द अपनी सारी दुनिया बुन रखी हो, जिससे सब कुछ शेयर करते रहे हों, वो अगर बेवफ़ा निकले, तो ज़ाहिर है इस दर्द से निकलना आसान नहीं होता.
- अगर कोई अपने पार्टनर पर ही पूरी तरह से भावनात्मक रूप से निर्भर हो, तो रिश्ता टूटने पर उसे समझ नहीं आता कि वो कहां जाए. साथ ही अगर इन हालात में उसे परिवार या दोस्तों का सपोर्ट भी न हो, तो आत्महत्या का खतरा बढ़ जाता है.
- दोस्तों या रिश्तेदारों के सामने शर्मिंदगी का एहसास भी व्यक्ति को निराशा की तरफ धकेलता है.
- जो लोग भावनात्मक रूप से कमजोर होते हैं, वो ऐसी परिस्थितियों में बेहद कमज़ोर पड़ जाते हैं और डर, अवसाद व आवेश में आकर आत्महत्या का रास्ता चुन लेते हैं.
- परिवार या ख़ुद की बदनामी के डर से भी लोग सुसाइड कर लेते हैं.
तेज़ी से बढ़ रहे हैं आत्महत्या के मामले
- जिस तेज़ी से आत्महत्या के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, ऐसी वृद्धि पहले कभी नहीं देखी गई. बात आंकड़ों की करें तो 2022 में, एनसीआरबी ने देश में आत्महत्या से 1.71 लाख मौतों की जानकारी दी, जिनमें से लगभग 40% मौतें बच्चों और युवाओं की थीं.
- भारत में 15-29 साल के युवाओं में आत्महत्या की दर विश्व में सबसे अधिक है.
- पिछले एक दशक में 10 से 24 वर्ष की उम्र के लोगों में आत्महत्या की दर 57% तक बढ़ गई.
- आजकल पैरेंट्स और बच्चों के बीच दूरियां बढ़ रही हैं. बच्चे सोशल मीडिया पर अनजानों से कनेक्ट होकर ज़्यादा कम्फर्टेबल फील करते हैं और अपने मन की बातें, अपनी समस्याएं पैरेंट्स से शेयर ही नहीं करते. ऐसे में ब्रेकअप का दर्द वो ख़ुद झेलते हैं, जिससे ग़लत कदम उठाने का डर और बढ़ जाता है.
- पहले जॉइंट फैमिली होती थी, तो बच्चों को भावनात्मक सहारा मिलता था, लेकिन अब छोटे परिवारों में वर्किंग पैरेंट्स भी बच्चों के बदले बिहेवियर को भांप नहीं पाते.
- कम उम्र में प्यार के चक्कर में पड़ जाने पर बच्चे अपना रिलेशनशिप किसी से शेयर नहीं करते और जब ब्रेकअप होता है तो वो किसी से शेयर करने की स्थिति में नहीं रहते. ऐसे में उन्हें अपनी जान ले लेना ही सही लगता है.

इन यंग स्टार्स ने अपनाया आत्महत्या का रास्ता
पिछले दिनों कई ऐसी ख़बरें आईं कि बेंगलुरु की युवा लड़की ने प्यार में धोखा मिलने पर आत्महत्या कर ली. इससे पहले एक लड़के ने भी ऐसा ही कदम उठाया था. आजकल आए दिन ऐसी ख़बरें आती रहती हैं, लेकिन स़िर्फ आम लोग ही नहीं, कई यंग सेलिब्रिटीज़ भी रिश्तों के तानेबाने में उलझकर आत्महत्या कर चुके हैं, जिससे हर कोई चौंक गया था.
- वीजे और टीवी एक्ट्रेस नफ़ीसा जोसेफ की आत्महत्या की ख़बर से देश हैरान था. साल 2004 में नफीसा ने मुंबई के अपने घर में आत्महत्या कर ली थी. जबकि जल्द ही उनकी शादी उनके मंगेतर बिजनेसमैन गौतम खंडूजा से होने वाली थी.
- कुलजीत रंधावा भी करियर की तमाम सफलताओं के बावजूद अपने फ्लैट में मृत पाई गईं. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक कुलजीत ने सुसाइड नोट में किसी को भी अपनी मौत का ज़िम्मेदार नहीं ठहराया था. उन्होंने लिखा था वो ज़िंदगी के दबावों का सामना नहीं कर पाईं. जबकि मीडिया में ऐसी भी खबरें थीं कि उनके बॉयफ्रेंड भानु उदय के साथ रिश्ते ठीक नहीं चल रहे थे और प्यार में धोखा मिलने पर उन्होंने अपनी जान दे दी.
- बालिका वधु फेम प्रत्युषा बनर्जी की मासूमियत आजतक फैन्स के ज़ेहन में ज़िंदा है, लेकिन बेहद कम उम्र में उन्होंने आत्महत्या का रास्ता अपनाया. ख़बरों के मुताबिक़ रिश्तों में अनबन, काम न मिलने का प्रेशर, पैसों की तंगी उनकी आत्महत्या की वजहें थीं. उनके बॉयफ्रेंड राहुल राज सिंह उन समय शक के घेरे में थे, लेकिन उनके ख़िलाफ़ कुछ मिला नहीं.

- अली बाबा फेम एक्ट्रेस तुनिषा शर्मा ने संदेहास्पद परिस्थितियों में फांसी लगा ली थी. एक्ट्रेस के घरवालों का आरोप था कि उनके कोएक्टर शीज़ान ख़ान ने तुनिषा को धोखा दिया, उसके साथ पहले रिलेशनशिप बनाया, शादी का वादा करके मुकर गया और तुनिषा से ब्रेकअप कर लिया. जबकि उसका पहले से ही किसी और के साथ अफ़ेयर था. इस मामले ने काफ़ी तूल पकड़ा, लेकिन शीजान के ख़िलाफ़ कुछ मिला नहीं.
- ससुराल सिमर फेम वैशाली ठक्कर ने भी अपने पूर्व प्रेमी की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी.
- पॉप्युलर एक्टर कुशल पंजाबी ने भी सुसाइड का रास्ता अपनाया. रिपोर्ट्स और उनके दोस्तों के अनुसार पत्नी से अलगाव के चलते वो डिप्रेशन में थे.
- इसी तरह टीवी एक्ट्रेस सेजल शर्मा ने भी निजी कारणों से आत्महत्या कर ली थी. वो डिप्रेशन में थीं.
- एक्ट्रेस जिया ख़ान की मौत भी काफ़ी सुर्खियों में रही और जिया की मां ने जिया के बॉयफ्रेंड सूरज पांचोली को उनकी मौत का ज़िम्मेदार ठहराया था.
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खैर फ़ेहरिस्त लंबी है और सुसाइड के बढ़ते मामले चिताजनक हैं. सवाल यह है कि ये कम कैसे हो?
- परिवार वाले ध्यान दें कि बच्चे का व्यवहार बदल तो नहीं रहा, जैसे- कम बोलना, खाना-पीना छोड़ देना, उदास रहना, नींद न आना, नशे की लत का शिकार हो जाना, हिंसक होना, मरने की बात करना आदि.
- अगर बच्चा शहर से दूर रहता है, तो फ़ोन पर उसे इस बात का एहसास दिलाते रहें कि आप उसके साथ हैं. कोई भी बात या परेशानी हो वो आपसे शेयर ज़रूर करे.
- बच्चों के साथ भरोसे का रिश्ता बनाएं.
- उसे बताएं कि ज़िंदगी में ये सब चलता रहता है.
- थेरेपी की ज़रूरत हो तो करवाएं.
- बच्चों को बताएं कि रोना, अपनी तकलीफ़ बताना या मदद मांगना कमज़ोरी की निशानी नहीं होती. ये इंसानी भावनाएं हैं.
- रिसर्च बताते हैं कि अगर व्यक्ति के साथ कोई इमोशनल सपोर्ट देनेवाला हो, तो आत्महत्या का ख्याल उसके मन से निकल जाता है.
- इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर्स भी अपने पास रखें.
- घर में ऐसा कोई सामान खुला न छोड़ें, जिससे कि बच्चा आसानी से आत्महत्या कर सके, जैसे- गन, ब्लेड, स्लीपिंग पिल्स आदि.
- गीता शर्मा

