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कैसे मैनेज करें रिश्तों में छोटी छोटी शिकायतें? (How to manage small Complains in the relationship)

छोटी बातें, छोटी-छोटी बातों की हैं यादें बड़ी, भूले नहीं बीती हुई एक छोटी घड़ी...गाने की ये चंद लाइनें हर किसी के जीवन की अमूल कड़ियां हैं. कई बार बेहद मामूली लगने वाली बातें भी रिश्ते में दूरियां या नज़दीकियां ला सकते हैं. अतः ख़ुशहाल ज़िंदगी के लिए रखें छोटी-छोटी बातों का ख्याल.

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पास रहकर भी हैं दूरियां

सुबह ब्रेकफास्ट की टेबल और रात को डिनर की टेबल पर वैसे तो आप रोज़ाना एक-दूसरे से मिलते हैं, बेड पर भी साथ होते हैं, मगर क्या पहले की तरह अब भी आपका दिल एक-दूसरे के लिए धड़कता है? शायद नहीं... क्योंकि प्यार की रूमानियत ऑफिस की फाइलों और राशन की लंबी लिस्ट में कहीं खो गई है. इलेक्ट्रिसिटी बिल, बच्चों के स्कूल की फीस, लोन की ईएमआई के बोझ तले शायद दिल की धड़कनें भी कहीं दब-सी गई हैं. तभी तो रोज़ाना मुलाक़ात के बावजूद आप एक-दूसरे के पास नहीं होते. शरीर भले ही कुछ घंटों के लिए साथ होता है, मगर मन न जाने दुनिया-जहान के किन झमेलों में उलझा रहता है. अगर आप बोरिंग होती अपनी लव लाइफ में थोड़ा सा रोमांच और रोमांस भरना चाहते हैं, तो बेहद मामूली लगने वाली बातों को भी अहिमयत देना सीखें.

रिश्तों में शिकायतें

न तुम कुछ कहो न मैं कुछ कहूं

हफ़्तेभर की दूरी के बाद जब वीकेंड्स पर आप साथ हों, तो उस दिन एक-दूसरे से शिकायत न करें. छोटी-छोटी बातें जैसे, तुम्हारे पास मेरे लिए समय नहीं रहता, तुम्हें मेरा बर्थडे/एनिवर्सरी भी याद नहीं रहती आदि बातों में व़क्त बर्बाद न करें. कई बार ऐसी बातों से शुरू हुई चर्चा बड़ी बहस का रूप ले लेती है और दोनों का मूड व रिश्ता ख़राब कर देती है. अतः जब हमसफर साथ हो, तो शिकायत की पोटली को दूर रखें. यदि कुछ समस्या है, तो किसी दिन आराम से बैठकर बात करें.

पार्टनर को प्रॉपर्टी समझना

‘चल यार आज कोई फिल्म देख आते हैं,’ ‘वो तो ठीक है, मगर आज तो तुमने भाभी जी को डिनर पर ले जाने का वादा किया था ना...’ ‘हां किया तो था... छोड़ न फिर कभी ले जाऊंगा मेरी ही बीवी है क्या फ़र्क़ पड़ता है.’ शादी के कुछ सालों बाद अक्सर कपल्स एक-दूसरे को ग्रांटेड लेने लगते हैं, उन्हें लगता है कि पति/पत्नी उन्हें छोड़कर जानेवाले तो हैं नहीं, ऐसे में अगर कभी वादाखिलाफ़ी कर भी दें, तो क्या फ़र्क़ पड़ता है. आपके लिए भले ही ये छोटी-सी बात होगी, मगर बार-बार ऐसा करने से पार्टनर का आप पर से विश्‍वास उठ जाएगा और वो ख़ुद को उपेक्षित महसूस करने लगेगी.

तुम साथ हो जब अपने

पूरा हफ़्ता तो घर-ऑफिस की भागदौड़ में ही बीत जाता है, ऐसे में छुट्टी का दिन स़िर्फ घर और किचन के काम निपटाने में ही ज़ाया न करें, थोड़ी फुर्सत निकालकर साथ कहीं घूमने निकल जाएं, लंच/डिनर बाहर करें. लंबे अंतराल के बाद मिला पार्टनर का साथ आपको सुकून का एहसास दिलाएगा, साथ ही आपके रिश्ते पर जमी तनाव की गर्द भी साफ़ हो जाएगी. कुछ पल का ये रूमानी साथ आपके दिलों को फिर से क़रीब ले आएगा.

तू-तू, मैं-मैं

“तुम अपने भाई की बेकार ही तारीफ़ करती रहती हो, उसमें ऐसा है क्या.” “तो आपके भाई-बहन कौन-से बड़े तीस मार खां हैं.” पति-पत्नी के बीच आमतौर पर इस तरह की छोटी-छोटी बातों पर शुरू हुई बहस कई बार बड़े झगड़े में तबदील हो जाती है. बेहतर है कि बात का बतंगड़ बनने से रोकें. यदि कोई एक पार्टनर कमेंट कर रहा है, तो दूसरे को चुप रहना चाहिए, वरना ये छोटी-सी बात आपके रिश्ते में बड़ी दरार डाल सकती है.

तुम-सा कोई नहीं

सगाई के बाद या शादी के शुरुआती दिनों में बात-बात पर पार्टनर की तारीफ़ करना, ख़ुद के लिए उन्हें लकी बताना, अपनी ज़िंदगी में आने के लिए उन्हें थेंक्यू कहना...  ऐसी ही न जाने कितनी तारीफ़ों के पुल बांधते थे आप, मगर सालों बाद ये सारी चीज़ें बेमानी लगने लगती हैं. शायद इसलिए रिश्ते में पहले की तरह रोमांच और ताज़गी नहीं रह जाती. अतः ज़िंदगी और रिश्ते को रिफ्रेश करने के लिए तारीफ़ का सिलसिला फिर से शुरू कर दें.

रिश्तों में शिकायतें

जब हों उनसे दूर

नौकरी के सिलसिले में कई बार पार्टनर को दूसरे शहर/देश जाना पड़ता है. ऐसे में मीलों के ये फ़ासले आपके रिश्तों में दूरियां न ला दें, इसके लिए कुछ मामूली, मगर अहम बातों का ध्यान रखें.

फोन से जोड़ें दिल के तार

ज़रा याद कीजिए कैसे शादी के पहले बड़ी बेताबी से आपको उनके और उन्हें आपके फोन का इंतज़ार रहता था, और फोन उठाते ही आप दोनों एक-दूसरे की हर छोटी-बड़ी बात बड़े प्यार से सुनते थे, तो अब क्या हुआ? पार्टनर के दूर जाने के बहाने ही सही, क्यों न आप अपने पुराने दिनों की यादें ताज़ा करने के लिए फोन से दिल के तार जोड़ लें. दिन में तो वो काम में व्यस्त रहेंगे, ऐसे में रात को फुर्सत से उन्हें फोन करें.

दिल की बातें

भले ही रोज़ाना पार्टनर से फोन पर बात हो, फिर भी उन्हें प्यार भरा मेल/मैसेज ज़रूर भेजें. प्यार में लिपटे शब्दों की अहमियत बोले हुए शब्दों से ज़्यादा होती है. मेल के रूप में मिला आपका प्यार और परवाह उन्हें आपके और क़रीब ले आएगा. वैसे आज के हाईटेक युग में सोशल नेटवर्किंग ने भी दूरियां सिमटा दी हैं. आप इसके ज़रिए भी पार्टनर से जुड़े रह सकते हैं, मगर याद रखिए यहां कोई भी निजी बात शेयर न करें.

तुम बहुत ख़ास हो

पार्टनर से दूर रहने पर जब भी आप उनसे बात करें, तो उन्हें ये एहसास ज़रूर दिलाएं कि आपके लिए वो बहुत स्पेशल हैं और आप उन्हें बहुत मिस कर रहे/रही हैं. ख़ासकर पति को पत्नी द्वारा निभाई गई ज़िम्मेदारियों के लिए उसे धन्यवाद ज़रूर बोलना चाहिए, इससे यदि दोनों के बीच किसी तरह का मनमुटाव है, तो वो भी दूर हो जाता है. ख़ास होने का ये एहसास कपल्स के रिश्ते को और मज़ूबत बनाता है.

ऐसी शिकायतों से करें तौबा

- कितनी बार कहा है कि शाम को घर जल्दी आ जाया करो, पर तुम हो कि सुनते ही नहीं.

- तंग आ गई हूं मैं तुम्हारे घरवालों से. शादी के बाद मेरी तो जैसे कोई लाइफ ही नहीं बची है.

- घर आने के बाद भी तुम्हारी ऑफिस की बातें ख़त्म नहीं होतीं, जब देखो फोन पर बिज़ी रहते हो. मेरे लिए तो तुम्हारे पास टाइम ही नहीं रहता.

- तुम बदल गए/गई हो.

- तुम्हें मेरे परिवार की फ़िक्र नहीं है.

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