
हर इंसान अपनी ज़िंदगी में ख़ुश रहना चाहता है. यही वजह है कि वो सुख-सुविधाएं जुटाने के लिए दिन-रात एक कर देता है, लेकिन फिर भी ख़ुशियां उसे ख़ुद से कोसों दूर लगती हैं. क्यों? क्योंकि हम सभी ख़ुशियां बाहर ढूंढ़ते हैं, उसके पीछे दौड़ते हैं. हमको लगता है कि ख़ुशियां सुख-सुविधाओं में हैं, जबकि ऐसा नहीं है. ख़ुशी का मतलब होता है संतोष, जो कहीं बाहर या भौतिक चीज़ों में नहीं मिलेगी, वो हमारे मन के भीतर ही मिलेगी. जो व्यक्ति यह बात समझ जाता है, वो ख़ुश रहना सीख जाता है, वरना कितनी ही सुख-सुविधाएं हों, ख़्वाहिशें बढ़ती ही जाती हैं.
किस तरह से हम छोटी-छोटी ख़ुशियों से लाइफ को ईज़ी और हेल्दी बना सकते हैं, आइए जानें-
- सच तो यह है कि कोई भी ख़ुशी छोटी या बड़ी नहीं होती, जीवन में हर अच्छी और सकारात्मक चीज़ का अपना महत्व होता है. आपके पास जो नहीं है, उसको लेकर दुखी रहोगे, तो सेहत पर तो असर होगा ही, साथ ही इस चक्कर में आपके पास जो मौजूद है, उसका भी आनंद आप नहीं ले पाएंगे.
- अक्सर लोग सोचते हैं कि पैसा ही ख़ुशियों की चाबी है, क्योंकि उनको लगता है कि ख़ुशियों का अर्थ सुख-सुविधाएं ही होता है. अगर यह सच होता तो कितने ऐसे मामले हैं जहां नाम-शौहरत और पैसा होने के बावजूद लोग दुखी होकर आत्महत्या कर लेते हैं. कई फ़िल्म और टीवी स्टार्स ने ऐसा किया है.
- आपके पास साइकिल है तो स्कूटी की चाहत होगी, स्कूटी होगी तो बाइक चाहिए होगी, बाइक हो तो कार की ख़्वाहिश होगी, कार आएगी तो आगे और महंगी व बड़ी कार चाहिए होगी. जब मन इन्हीं चीज़ों में रमा रहेगा, तो मन-मस्तिष्क में हमेशा द्वन्द और असंतोष हमेशा बना रहेगा. सुकून न होने से हेल्थ पर असर होगा. यहां तक कि आपकी मेंटल हेल्थ भी इससे प्रभावित होगी.

- मान लो आप हमेशा अपने पार्टनर से डिमांड करती रहती हैं कि मेरी सहेलियों या पड़ोसियों के पास ये है-वो है. वो लोग इंटरनेशनल ट्रिप्स पर जाते हैं, हम क्यों नहीं जाते आदि. इससे आपके पार्टनर पर प्रेशर पड़ेगा, उनका सेल्फ एस्टीम भी प्रभावित होगा, स्ट्रेस बढ़ेगा, आपके घर और रिश्तों में तनाव बना रहेगा, इससे आप दोनों की हेल्थ पर भी असर पड़ेगा.
यह भी पढ़ें: आपका मॉर्निंग रिचुअल तय करता है कैसा गुज़रेगा पूरा दिन (Your morning ritual determines how your entire day will go)
बेहतर होगा कि आप दोनों मिलकर अपनी लाइफ को ईज़ी और हैप्पी बनाएं. कैसे? आइए जानते हैं-
- बजट बनाकर सेविंग्स करें, प्लान करें, अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार वीकेंड पर शॉर्ट ट्रिप प्लान करें. अगर बजट नहीं है, तो मूवी देखने चले जाएं.
- आप घर पर भी बाहर से खाना ऑर्डर करके एंजॉय कर सकते हैं.
- सुबह-सुबह वॉक पर जाएं और फ्रेश हवा, नेचर, बर्ड्स को एंजॉय करें.
- ख़ुश होने के लिए ज़रूरी नहीं कि इंटरनेशनल ट्रिप पर ही जाया जाए, अगर आप मैच्योर और संतुष्ट हैं, तो पार्टनर के साथ मार्केट जाकर घर का सामान/ग्रोसरी/सब्ज़ियां ख़रीदना भी आपको ख़ुशी देगा, क्योंकि आप दोनों साथ हैं.
- कभी पुराने दोस्तों को याद करें, फ़ोन पर बात करें या मिलने का प्लान करें.
- जिन कज़िंस के साथ बचपन में खेले थे, लेकिन अब व्यस्तता के चलते उनसे बात या मिलना तक नहीं हो पाता, उन्हें फिर याद करें. बचपन के दिनों की शरारतें, बातें याद करें और आपस में यह वादा भी करें कि अब से आप लोग टच में रहेंगे और वक़्त निकाल के मिलते भी रहेंगे.
- इन सबसे आपको अपनी बिज़ी लाइफ से एक ब्रेक भी मिल जाएगा और आपका स्ट्रेस लेवल भी कम होगा.
- बरसात के मौसम में छत पर जाकर भीगने का मज़ा लें, कभी पार्टनर के साथ स्विमिंग पर जाएं, साथ में जॉगिंग या मेडिटेशन करें, कभी बर्फ का गोला खाने जाएं, कभी टपरी की चाय पीएं, तो कभी पानी-पूरी एंजॉय करें. ऐसी कई छोटी-छोटी चीज़ें हैं, जो वाक़ई आपकी लाइफ को ख़ुशियों से भर देंगी.

- अगर आपके बच्चे हैं, तो उनके साथ घर पर गेम्स खेलें, उनकी बातें सुनें, उन्हें डिजिटल वर्ल्ड से दूर रखने के लिए शाम को गार्डन ले जाएं, आउटडोर गेम्स खिलाएं और ख़ुद भी खेलें. इससे न सिर्फ़ आपको और बच्चों को ख़ुशी मिलेगी, बल्कि आपकी बॉन्डिंग भी बेहतर होगी और सेहत भी अच्छी रहेगी.
- अगर आपको टूर पर जाना ही है, तो सेविंग्स करें, आगे की सोचें और भविष्य में वर्ल्ड टूर प्लान करें.
- अगर आप सिंगल हैं, तो अपने सिंगल स्टेटस को एंजॉय करें. आजकल कई ऐसे ग्रुप्स हैं जो ट्रेकिंग, हाइकिंग, साइक्लिगं पर जाते हैं. अगर आपको इन सबका शौक हो, तो आप इन्हें जॉईन कर सकते हैं. कई लोग तो सोलो ट्रिप भी काफ़ी एंजॉय करते हैं.
- किसी की मदद कर दें या किसी ग़रीब बच्चे की पढ़ाई स्पॉन्सर कर दें. यकीन मानें ये आपको किसी इंटरनेशनल ट्रिप पर जाने से कहीं ज़्यादा ख़ुशी और संतुष्टि देगा.
- इन तमाम छोटी-छोटी ख़ुशियों के सामने बड़ी गाड़ी, बड़ा घर, रोज़-रोज़ शॉपिंग और महंगे सामान भी फीके पड़ जाते हैं.
- इनसे आपकी ज़िंदगी बेहद आसान हो जाएगी, क्योंकि फ़ालतू का बोझ आपके दिल-दिमाग़ पर नहीं रहेगा, जिससे आपकी सेहत भी सही रहेगी.
- संतोष करनेवाले को वड़ा-पाव खाकर जो मज़ा आता है, वो किसी फ़ाइव स्टार होटल के महंगे खाने से भी कहीं ज़्यादा मज़ेदार होता है.
- हां अगर आपके मन में संतोष नहीं, तो कितनी भी महंगी गाड़ी या घर होने दो, आपकी ख़्वाहिश कम नहीं होगी और न आप कभी ख़ुश और संतुष्ट हो पाएंगे.
- गीता शर्मा

यह भी पढ़ें: प्यार में धोखा मिलने पर क्यों करते हैं यंगस्टर्स सुसाइड? (Why do youngsters commit suicide when betrayed in love?)
