
अनुपम खेर उन कलाकारों में से हैं, जो अपनी जन्मभूमि हो या कर्मभूमि, अभिनय करना हो, देशभक्ति, प्रोत्साहित करना हो या फिर समाज सेवा... वे हरेक में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और अपनी उपस्थिति दर्ज़ कराते हैं. जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने लोगों से सार्वजनिक वाहनों को इस्तेमाल करने और पेट्रोल की बचत करने आदि का आव्हान किया था, तब उन्होंने अपने कई कार्यक्रमों की यात्रा ट्रेन से की. उनकी. देश के प्रति प्रेम, मोटिवेशन स्पीच, अपनी मां दुलारी को लेकर भरपूर मातृप्रेम भावविभोर कर देता है.

उन्होंने महाराष्ट्र के स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक अन्नासाहेब चूडामन पाटिल पर लिखी गई पुस्तक ‘अंजिक्य’ की सराहना करते हुए इसके लिए अपने सोशल मीडिया पर कुछ इस तरह अपनी बात कही-
महाराष्ट्र की महान भूमि को नमन, जिसने अनेक स्वतंत्रता सेनानी, समाजसुधारक और जननेता देश को दिए हैं.🙏🙏 पिछले सप्ताह हमने केवल एक पुस्तक का विमोचन नहीं किया, बल्कि एक युग, एक विचार और एक प्रेरणादायी जीवनयात्रा का सम्मान कर किया हैं.

'अजिंक्य' नाम अपने आप में संघर्ष, साहस, दृढ़ संकल्प और अपराजित व्यक्तित्व का प्रतीक है. स्वतंत्रता सेनानी और लोकनेता Annasaheb Chudaman Patil का जीवन केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है. आज के युवाओं को ऐसे चरित्रों की कहानियां पढ़ने की आवश्यकता है, जिन्होंने सत्ता को नहीं, बल्कि समाजसेवा को अपना ध्येय बनाया.
किसी व्यक्ति का वास्तविक कद उसके पद से नहीं, बल्कि लोगों के दिलों में उसके स्थान से तय होता है. स्वतंत्रता आंदोलन, सहकार, कृषि, शिक्षा और जनसेवा के क्षेत्र में उनका योगदान अनुकरणीय रहा है. ऐसे व्यक्तित्वों की जीवनी लिखना और प्रकाशित करना समाज के प्रति एक महत्वपूर्ण दायित्व है. लेखक और प्रकाशक इसके लिए बधाई के पात्र हैं.👏👏

इतिहास केवल स्मरण करने के लिए नहीं होता, बल्कि उससे प्रेरणा लेकर भविष्य बनाने के लिए होता है.🫡 आज के समय में जब युवा आदर्शों की खोज में हैं, तब 'अजिंक्य' जैसे ग्रंथ उन्हें सही दिशा देने का कार्य करेंगे. परिवार की नई पीढ़ी द्वारा अपने पूर्वजों के कार्य को समाज के सामने लाना अत्यंत प्रशंसनीय है.

किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी उसके आदर्श व्यक्तित्व होते हैं; यह ग्रंथ उसी विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम है. “महान व्यक्तित्व कभी मृत्यु को प्राप्त नहीं होते, वे अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से सदैव जीवित रहते हैं!"
‘अजिंक्य’ केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि संघर्ष, सेवा, नेतृत्व और राष्ट्रनिष्ठा की अमर गाथा है. मैं इस ऐतिहासिक ग्रंथ के प्रकाशन पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं.”
धन्यवाद @kunalpatil.official जी मुझे किताब के विमोचन के लिए निमंत्रण देने के लिए! और माननीय मुख्यमंत्री @devendra_fadnavis जी मिलना हमेशा प्रेरणात्मक होता है! जय हो! 🙏 जय हिंद! जय महाराष्ट्र! 😍🇮🇳🚩🚩

अनुपम खेर के प्रशंसक भी क्या ख़ूब उनकी प्रशंसा करते हैं-
@anupampkher ने भीड़ का हिस्सा बनकर शुरुआत की और आज वे स्पॉटलाइट में हैं. कड़ी मेहनत ने सब कुछ बदल दिया. उनका सफ़र साबित करता है कि असली कामयाबी रातों-रात नहीं मिलती. आज लोग जो शोहरत, लोकप्रियता और पहचान देखते हैं, उसके पीछे बरसों का त्याग, दर्द, अनुशासन और ऐसी कड़ी मेहनत है, जो किसी को दिखाई नहीं दी.
बैकग्राउंड में बस एक आम चेहरा होने से लेकर दर्शकों के चहेते मशहूर एक्टर बनने तक, अनुपम जी ने लगन और हिम्मत से अपनी जगह बनाई. उन्होंने दिखाया कि बिना किसी जान-पहचान के भी, जुनून और हिम्मत रखने वाला इंसान हर मुश्किल को पार कर सकता है और अपने सपनों को सच कर सकता है. उनकी कहानी हर उस संघर्ष करने वाले इंसान को प्रेरित करती है जिसे आज कोई नहीं देख रहा; यह उन्हें याद दिलाती है कि कड़ी मेहनत, सब्र और ख़ुद पर भरोसा आपको भीड़ से निकालकर स्पॉटलाइट तक पहुंचा सकता है.
यह भी पढ़ें: फिल्म समीक्षाः भारत भाग्य विधाता- नर्स की निस्वार्थ सेवा भाव को सलाम! (Movie Review: Bharat Bhagya Vidhata)
अनुपम खेर की तरह ही हर कलाकार कुछ इस तरह की महत्वपूर्ण जानकारियां और प्रोत्साहन देते रहे तो न जाने कितना कुछ हम सभी जान-समझ पाएंगे. वाक़ई नरेंद्र मोदीजी, अमिताभ बच्चन, अनुपम खेर जैसी शख़्सियत हम सभी के लिए आदर्श ही नहीं प्रेरणादायी हैं कि उम्र तो बस एक नंबर है, हमें हमेशा सक्रिय और कार्यरत रहना चाहिए. काम करते रहना चाहिए, ताकि देश और हम सभी आगे बढ़ें.
Photo Courtesy: Social Media
