कभी किसी ने सोचा भी नहीं था कि ऐसा भी कुछ देखने-सुनने मिल जाएगा. केतन मर्डर केस में तो अब तक ऐसा ही देखने-सुनने मिल रहा है. हर दिन एक न एक नई परत खुल रही है. जी हां, हम बात कर रहे इन दिनों सुर्ख़ियों में रहे पुणे के केतन-सिया केस के बारे में. जहां केतन की मंगेतर सिया ने अपने प्रेमी चेतन के साथ मिलकर केतन का क़त्ल कर दिया.

जहां आम लोग तो वहीं सेलेब्स भी इस मुद्दे पर अपनी कड़ी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. हर व्यक्ति अपने नज़रिए से इसे ग़लत... ग़लत... तो स़िर्फ ग़लत ही ठहरा रहा है. अभिनेत्री कंगना रनौत, हिना खान के बाद सिंगर-कंपोजर अमाल मलिक ने भी इस केस पर खरी-खरी सुनाई है. यहां तक उन्होंने दोषियों को राक्षस तक कह डाला. अमाल ने अपने सोशल मीडिया के एक्स अकाउंट पर इस मर्डर केस पर अपना लंबा-चौड़ा रिएक्शन दिया है. वे कहते हैं- डियर वुमन, पीढ़ियों से ऐसा होता आया है कि हम पुरुषों की वजह से आप सभी को बहुत कुछ सहना पड़ा है. मैं माफ़ी मांगता हूं और पुरुषों के प्रति आपके सामूहिक ग़ुस्से का समर्थन करता हूं. हां, ज़ुल्म के ख़िलाफ़ ख़ुद के लिए लड़ना ज़रूरी है, लेकिन प्लीज़ उसे उन घटिया लोगों तक ही सीमित रखें, जो आपको दबाने की कोशिश करते हैं, आप पर कब्ज़ा करना चाहते हैं और आपके साथ पालतू जानवरों जैसा बर्ताव करते हैं... आपको बताते हैं कि कैसा दिखना है और क्या पहनना है! और हर चीज़ को टॉक्सिक (हानिकारक) का लेबल लगाना और अपनी ज़िम्मेदारी न लेना ही वो वजह है, जिससे हम असली संकेतों को नहीं देख पाते. दोनों तरफ़ से शारीरिक शोषण टॉक्सिक है, भावनाओं की बजाय पैसे के पीछे भागना टॉक्सिक है, सोशल मीडिया के लिए शादी के पीछे भागना टॉक्सिक है, किसी के साथ आग बढ़ने का इरादा न होने पर भी उसे बर्बाद कर देना टॉक्सिक है.

क्या आपको लगता है कि पुरुष शांति के अलावा कुछ और चाहते हैं? सेक्स तो हर जगह है. आप सभी के पास अपनी चाहतों की एक लंबी लिस्ट होती है, ख़ासकर जब बात शादी और प्रपोज़ल सेरेमनी की हो. क्या आप इंस्टा के लिए शादी चाहती हैं या असली शादी? क्या आप लोनावला में एक प्यारे हनीमून से ख़ुश हो सकती हैं या आपको लगता है कि नहीं अगर वह मुझसे प्यार करता है तो वह मुझे भारत से बाहर ले जाएगा? ठीक है हम सभी अच्छी ज़िंदगी चाहते हैं. लेकिन क्या सच्चा प्यार, मालदीव के किसी आइलैंड पर सच में कुछ अलग महसूस होता है? यह आदमी (केतन) इसके लायक नहीं था, उसकी मुस्कान और उसकी आंखों को देखिए... देखिए वह उससे शादी करने के लिए कितना ख़ुश था... केतन अग्रवाल कितने साफ़ दिल और प्यारे इंसान लग रहे थे. उसे मारने के लिए उसने जितनी मेहनत की, वह अविश्वसनीय है! स़िर्फ थोड़ी सी मेहनत से वह मना कर सकती थी- ‘मेरा दिल कहीं और है और मैं किसी और से प्यार करती हूं.’ फिर अगर वह पागल हो जाता और बात नहीं समझता तो आप अपने परिवार को बता सकती थीं. दुनिया में कोई भी शिक्षित और कमानेवाली महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध जाने के लिए मजबूर नहीं कर सकता. भारत में क़ानून पुरुषों की तुलना में महिलाओं के लिए बेहतर हैं, लेकिन व्यवस्था का दुरुपयोग और हेरफेर क्यों? सिर्फ़ एक कायर आदमी ही दूसरे आदमी के साथ ऐसा घिनौना काम करने की योजना बनाएगा.
इन दोनों की हिम्मत तो देखो, ये किसी के बच्चे को छीनकर ख़ुशहाल ज़िंदगी जीने की सोच रहे हैं! एक जीवन छिन गया. परिवार बिखर गए. राक्षस!.. सच ही कहा अमाल मलिक ने भला ऐसा भी कोई कर सकता है. प्यार न था और भी कई इश्यू थे तो उसे अपनों से कहकर रिश्ते के लिए मना किया जा सकता था. किसी की मौत पर अपने ख़ुशियों की महल भला कोई कैसे खड़ा कर सकता है? इस पोस्ट पर हर कोई अपनी कठोर प्रतिक्रियाएं दे रहा है.

आज हम किस युग में जी रहे हैं, माना कलयुग, पर इतना घोर कलयुग तो सोचा भी न था. आज केतन-सिया-चेतन ही नहीं हर व्यक्ति और परिवार को इस बारे में सोचना होगा कि रिश्ते के मायने इतने बदलते क्यों जा रहे. क्या हमारी परवरिश और संस्कार में कमी हो रही है... या फिर युवाओं के इच्छाओं की इंतहा हो रही... कुछ भी हो, लेकिन कहीं तो ठहराव, लगाम और ज़िम्मेदारी लेनी ही होगी, वरना वो दिन दूर रही जब हर रिश्ता बिखरता चला जाएगा और अपने व शादी खोखले बनकर रह जाएंगे.

इमरान हाशमी और दिशा पाटनी की फिल्म 'आवारापन २' के संगीत के ज़रिए अमाल मलिक ज़बर्दस्त वापसी कर रहे हैं.
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