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पहला अफेयर- और प्यार हो गया (Pahla Affair- Aur Pyar Ho Gaya)

मैंने उसे समझाया कि प्यार करना गुनाह नहीं, ये तो हो जाता है और सच्चा प्यार वो है, जिसमें कोई स्वार्थ न हो. ये अलग बात है कि हम एक ना हो सके, पर जहां भी रहना ख़ुश रहना...

प्यार किसी की जायदाद नहीं, जिस पर कोई अपना अधिकार जमाए, यह तो अपने आप हो जाता है. जब दिल किसी के सम्मान में झुक जाए, धीरे-धीरे धड़कना शुरू कर दे तो समझ लीजिए, आपको प्यार हो गया है. यह दिल भी उसी दिन से उसके लिए धड़कने लगा था, जब पहली बार उनसे मुलाक़ात हुई. बड़े भाई साहब की शादी पर, तिलक की रस्म चल रही थी, औरतें और लड़कियां गीत गा रही थीं. मैं मेहमानों के स्वागत में व्यस्त था, न जाने उसकी आवाज़ में क्या जादू था कि मैं अपनी व्यस्तता भूल उसे देखता और बस देखता चला गया. उसका नाम निलोफर था. वह सचमुच बहुत ही मासूम और ख़ूबसूरत थी.

मिलने पर मैंने उसके गीत की तारीफ़ की,

इधर-उधर की बातें कीं, पर दिल की बात कहने

की हिम्मत ना जुटा सका, शब्द साथ ही नहीं दे

रहे थे. जितने दिन भी वो रही, मैंने उसका बहुत ख़्याल रखा. आख़िर में वो घड़ी भी आ गई, जब उसे रुखसत होना था. शायद वो भी मेरे मनोभावों को समझ रही थी और शायद अन्दर ही अन्दर वो भी मुझसे प्यार करने लगी थी. तभी तो उसकी आंखें भी डबडबाई हुई थीं और लग रहा था कि बस उसके आंसू बाहर आ जाएंगे. जाते-जाते एहसास करा गई कि वो भी मुझसे उतना ही प्यार करती है, जितना मैं उसे.

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उसके जाने के बाद मैंने एक पत्र लिखा 'तुम इतनी सुंदर हो, जिसका तुम्हें भी विश्वास नहीं होगा, तुमने मेरे जीवन को अकल्पनीय ख़ुशियों से ओतप्रोत कर दिया है. तुम जिस दिन से मेरे हदय में समाई हो, मेरी दुनिया ही बदल गई है. तुम्हारी मधुर आवाज़ की खनखनाहट मेरी आत्मा में समा गई है. तुम्हारे बिना में ज़िंदगी की कल्पना भी नहीं कर सकता.'

प्रत्युत्तर में उसने भी पत्र लिखा- 'आप अपने दिल का हाल लिखते हैं और हमसे पूछते है कि जितना आप हमें चाहते हैं, क्या हम भी आपको उतना ही चाहते हैं. जनाब, यहां भी इस दिल का वही हाल है, जो आपके दिल का है.'

मैं बयां नहीं कर सकता उस दिन हमें कितनी ख़ुशी‌ मिली. अब तो बस यही इच्छा होती है कि हर पल, हर लम्हा वो मेरे पास रहे और मैं उससे बातें करता रहूं. इसी तरह हम ख़त के ज़रिए, तो कभी आमने-सामने मिलते-बिछड़ते रहे, फिर उसने अपनी एम.ए. की परीक्षा ख़त्म कर ली और एक दिन हमें बताया कि उसकी शादी उसके घरवालों ने तय कर दी है.

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मैं तो अवाक् उसे देखता रह गया, फिर उसने रोते-रोते बताया कि पापा ने एक इंजीनियर लड़के से उसकी शादी तय कर दी गई है, जो गुजरात में सर्विस करता है.

चूंकि मैं उस समय बेरोज़गार था, इसलिए उसके उज्जवल भविष्य को देखते हुए मैं चुप ही रहा. उसके आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे

थे. उसे पछतावा था कि वो घरवालों का विरोध न कर सकी. वो बार-बार यही कह रही थी, "हमें माफ़ कर दीजिएगा. हां, अगर हमें भगाकर ले जाना चाहो, तो हम तैयार है." मैंने कहा, "हमें एक दोस्त की तरह याद रखना." मैं उससे और क्या कहता?

मैंने उसे समझाया कि प्यार करना गुनाह नहीं, ये तो हो जाता है और सच्चा प्यार वो है, जिसमें कोई स्वार्थ न हो. ये अलग बात है कि हम एक ना हो सके, पर जहां भी रहना ख़ुश रहना... और मोहब्बत की है, उसके साथ अपने जीवन की अनगिनत घड़ियां गुज़ारी हैं, उसके साथ मेरे जीवन की बेहतरीन यादें जुड़ी हैं और ये यादें मेरी ज़िंदगी की बहुत बड़ी पूंजी हैं. यही वजह है कि उसका दिल मोह लेने वाला व्यक्तित्व आज भी मेरे दिल के सिंहासन पर विराजमान है.

उसके ख़्याल मात्र से मेरी दुनिया में आज भी

रौनक़ आ जाती है. उसकी सुन्दर कल्पना से आज भी ख़ुशियों की महफ़िल सजी नज़र

आती है. हालांकि परिस्थितियों ने उसे मुझसे दूर कर दिया है. हमारे दरमियान एक दीवार खड़ी हो गई है, लेकिन इसके बावजूद वह मेरे क़रीब है.

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प्यार एक पवित्र जज़्बात है, जिसकी अभिव्यक्ति शब्दों में नहीं की जा सकती. इसे सिर्फ़ आत्मा की गहराई में डूबकर महसूस किया जा सकता है, पर बहुत कम लोग इस पवित्र एहसास को महसूस करते हैं.

कुछ आंसू ऐसे होते हैं जो बहाए नहीं जाते कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो भुलाए नहीं जाते. उन्हीं में से एक तुम हो. मैं सारी ज़िंदगी अपनी यादों में तुम्हारे साथ बिताए गए क्षणों को सहेज कर रखूंगा. मैं भले ही तुमसे दूर हूं, मगर दिल से हमेशा क़रीब रहूंगा.

- राकेश कुमार सिन्हा

Pahla Affair

Photo Courtesy: Freepik

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