जब भी अभिनेता राजकुमार का ज़िक्र होता है तो उनकी लाजवाब संवाद अदायगी, रॉयल अंदाज़ नज़रों के सामने आ जाता है. वाकई उनकी जीवनशैली किसी राजकुमार से कम न थी और वहीं रंग उनकी फिल्मों में भी देखने को मिलता था.

फ्लैश बैक में आज उनकी पुण्यतिथि पर उनसे जुड़ी कही-अनकही बातों के बारे में जानते हैं.
* राजकुमार का असली नाम कुलभूषण पंडित था. वे पाकिस्तान के बलूचिस्तान के लोरालाई में एक कश्मीरी पंडित परिवार में जन्मे थे.
* पढ़ाई पूरी करने के बाद वे माहिम, मुंबई के पुलिस में सब-इंस्पेक्टर रहे.
* उन्हें फिल्मों को लेकर कोई ख़ास लगाव नहीं था, पर अपने एक मित्र के कहने पर उन्होंने अभिनय में क़िस्मत आज़माया.
* साल 1952 में आई ‘रंगीली’ उनकी पहली फिल्म थी.
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* इसके बाद उनके अभिनय की जादूगरी इस तरह चली की लोगों के दिलोंदिमाग़ पर उनका जॉनी... कहने का अंदाज़ ख़ूब मशहूर हुआ, जो आज भी बरक़रार है.
* उनकी यादगार फिल्मों में मदर इंडिया, पाकीज़ा, वक़्त, मर्यादा, कुदरत, हीर-रांझा, सौदागर, तिरंगा आदि का विशेष रूप से नाम लिया जाता है.

* ‘दिल एक मंदिर’, ‘वक़्त’, ‘नीलकमल’ के लिए उन्हें कई पुरस्कार भी मिले.
* उन्होंने एयर होस्टेस जेनिफर (गायत्री) से विवाह किया था. उनके तीन बच्चे- पुरू, पाणिनी और वास्तविकता हुए.
* उनके बेटे पुरु ने 'बालब्रह्मचारी' फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू किया था, पर उतने कामयाब नहीं हो पाए.
* राजकुमार को गले का कैंसर हो गया था. लेकिन उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान रखते हुए परिवार ने किसी को सूचित नहीं किया और उनके अंतिम संस्कार के बाद ही उनके जाने की ख़बर दी. ६९ की उम्र में ३ जुलाई, १९९६ में उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा.
* राजकुमार ने अपनी पूरी ज़िंदगी अपने शर्तों और अपने तौर-तरीक़े में शानदार अंदाज़ में जी.

दिलचस्प क़िस्सा
राजकुमार को लेकर एक मज़ेदार वाकया बहुत मशहूर रहा है. एक बार शूटिंग के दौरान उन्होंने गोविंदा के कलरफुल ब्राइट शर्ट की तारीफ़ क्या कर दी, गोंविदा को लगा उन्हें उनकी शर्ट बेहद पसंद आई है, वे इसके पीछे छिपे व्यंग्य को समझ नहीं पाए.
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अगले दिन वे राजकुमार के लिए उसी तरह का शर्ट लाकर गिफ्ट कर दी. पर वाक़ई राजकुमार कब क्या कर दें कोई नहीं कह सकता. उन्होंने उस शर्ट को सेट पर ही कटवाकर रुमाल बना दिया और उससे हाथ-मुंह पोंछने लगे. गोविंदा को यह अजीब लगा, पर वे कुछ न कह पाए. उस पर तुर्रा यह कि वे पूछा करते कि गोविंदा सेट पर भी इतना क्यों नाचते रहते हैं?..

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