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Throwback: मनमोहन देसाई-नंदा के इश्क की अधूरी दास्तां, सगाई हुई, पर शादी से पहले ही डायरेक्टर की हो गई मौत, एक्ट्रेस ने पूरा जीवन विधवाओं की तरह गुज़ारा (Throwback: Engaged, But Never Married! Nanda & Manmohan Desai’s Heartbreaking Untold Love Story)

बॉलीवुड की कुछ लव स्टोरीज़ ऐसी हैं कि जब भी मोहब्बत के किस्से कहे जाएंगे, उनकी मोहब्बत की कहानी का ज़िक्र किए बिना मोहब्बत के किस्से अधूरे रहेंगे. ऐसी ही एक कहानी है नंदा और मनमोहन देसाई की प्रेम कहानी… एक अधूरी प्रेम कहानी, जो अधूरी रही, तो नंदा ने जीवनभर शादी नहीं की.

फिल्ममेकर मनमोहन देसाई नंदा को बहुत पसंद करते थे और अक्सर उनसे मिलने और उनके पास जाने का बहाना ढूंढते थे. वो नंदा से शादी भी करना चाहते थे. नंदा भी मनमोहन देसाई को पसंद करती थीं. लेकिन ये वो ज़माना था जब लोग अपने दिल की बात भी खुलकर कहने में हिचकिचाते थे. तो न मनमोहन ने नंदा से अपने दिल की बात कही, ना ही नंदा कभी पहल कर पाईं. हालांकि शशि कपूर दोनों के दिल की बात जानते थे.

दोनों की झिझक का नतीजा ये हुआ कि अपनी मां के कहने पर मनमोहन देसाई को एक दूसरी लड़की से शादी करनी पड़ी और नंदा से शादी करने का उनका ख्वाब टूट गया. इंटरेस्टिंग बात ये है कि मनमोहन देसाई की पत्नी जीवनप्रभा का चेहरा नंदा से मिलता-जुलता था. मनमोहन देसाई अपनी पत्नी से कहते भी थे कि मैंने तुमसे इसलिए शादी की है, क्योंकि तुम नंदा जैसी दिखती हो.  पत्नी जीवनप्रभा से मनमोहन देसाई को एक बेटा केतन देसाई हुआ, लेकिन साल 1979 में जीवनप्रभा जी की मृत्यु हो गई।

मनमोहन देसाई एक बार फिर अकेले हो गए. कुछ साल बीते तो यश जौहर ने मनमोहन देसाई से कहा कि वो नंदा से शादी क्यों नहीं कर लेते, लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये था कि नंदा से बात कैसे की जाए? आख़िरकार ये ज़िम्मेदारी नंदा जी की पक्की सहेली वहीदा रहमान को सौंपी गई. शुरु में तो वहीदा रहमान ने मना कर दिया, लेकिन यश जौहर के काफी कहने पर वो मान गईं. उन्होंने अपने घर पर एक लंच पार्टी रखी और उसमें नंदा, यश जौहर और मनमोहन देसाई को इनवाइट किया.

उस दिन पहली बार मनमोहन देसाई ने नंदा को शादी के लिए प्रपोज़ किया. नंदा ने फौरन हां नहीं की, लेकिन मन ही मन वो बहुत खुश थीं. घर आकर उन्होंने अपने छोटे भाई को मनमोहन देसाई के प्रपोज़ल के बारे में बताया. भाई का मानना था नंदा को जल्द से जल्द शादी कर लेनी चाहिए. और सिर्फ भाई ही नहीं, नंदा का सारा परिवार यही चाहता था. आखिरकार साल 1992 में नंदा और मनमोहन देसाई की सगाई हो गई.

लेकिन नंदा और मनमोहन देसाई शादी के बंधन में बंध पाते, उससे पहले ही साल 1994 में मनमोहन देसाई की अपने घर की बालकनी से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. नंदा को इस बात से बहुत दुख पहुंचा. कहते हैं कि मनमोहन देसाई की मौत के बाद नंदा ने अपना बाकि जीवन विधवाओं की तरह गुज़ारा था. साल 2014 में नंदा की 75 वर्ष की उम्र में हार्ट अटैक के चलते मौत हो गई.

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