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अजय देवगन- वो सिंगल है तो मैं क्या कर सकता हूं… (Ajay Devgan- Woh Single Hai Toh Main Kya Kar Sakta Hun…)

– ‘दृश्यम 3’ पूरी तरह से मलयालम फिल्म की रीमेक नहीं है. यह विजय सालगांवकर के क़िरदार को अलग तरह से प्रस्तुत करते हुए एक नई और थोड़ी अनोखी कहानी है.

– तब्बू और मैं लंबे समय से अच्छे दोस्त रहे हैं. एक-दूसरे के साथ हमने कई फिल्में की है. वो सिंगल है तो मैं क्या कर सकता हूं. उसे मेरे जैसा दोस्त चाहिए, पर मेरे जैसा दूसरा तो कोई है नहीं. (मज़ाक में हंसते हुए कहते हैं)

 

– आप बॉलीवुड को देश से अलग नहीं कर सकते. हम कलाकार देश से आते हैं. बॉर्डर पर गोलियां चल रही हों, उस पर हम कला की बात करें तो यह ठीक नहीं. देशहित से ऊपर कुछ भी नहीं होता.

– किसी मुकाम तक पहुंचने पर सफलता को बरकरार रखने के लिए स्टार्स को कई कुर्बानियां देनी पड़ती है. कई बातों का ख़्याल रखना पड़ता है, जैसे- आप अपना वज़न नहीं बढ़ा सकते. कई ख़ास मौक़ों पर चाहकर भी अपनी बात नहीं कह पाते.

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– अब तो एक्शन सीन करना पहले से कई बेहतर हो गया है. मुझे याद है करियर की शुरुआती दिनों में गद्दों व कार्डबोर्ड के डिब्बों पर ऊंची छलांग लगानी पड़ती थी, जो काफ़ी रिस्की और डरावना होता था.

– मैंने ‘भुजः द प्राइड ऑफ इंडिया’ जैसी फिल्में इसलिए की, ताकि आज की जनरेशन को भारत का असल इतिहास की जानकारी हो.

– हर भाषा का अपना सम्मान है. लेकिन हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा थी, है और हमेशा रहेगी.

– मैं रिजर्व नेचर का हूं, ज़्यादा नहीं बोलता. मेरा यह मानना है कि मेरा काम ही मेरी पहचान है. मैं तो अपनी फैमिली व्हाट्सएप ग्रुप तक को म्यूट करके रखता हूं, क्योंकि उसमें बहुत बातें होती रहती हैं.

– मैंने अपने बच्चों (नीसा-युग) को ग़लती करने के साथ ख़ुद से सीखने की पूरी छूट दे रखी है. आख़िर बच्चे ग़लतियों से ही तो सीखेंगे. मैं बच्चों को न तो डांटता हूं और न ही कोई चीज़ उन पर थोपता हूं.

हां, हमारे बच्चों की बेहतरीन परवरिश का क्रेडिट मैं काजोल को ज़रूर देता हूं.

– यूं तो हर रिश्ते में उतार-चढ़ाव आते ही रहते है, वैसा ही पति-पत्नी के रिश्ते में भी होता है. कपल आपसी समझ व बातचीत द्वारा है इसे ख़ूबसूरती से कैरी कर सकते हैं.

– हमारी बेटी ही फैमिली ट्रिप्स की पूरी प्लानिंग करती रहती है. वहीं बेटा मेरी तरह अधिकतर घर पर रहना पसंद करता है.

– गोलमाल 5, रेंजर व चौहान जैसी मेरी फिल्मों में आप मुझे एक अलग अंदाज़ में देखेंगे.

 

रोहित शेट्टी के निर्देशन में ‘गोलमाल 5’ अलग तड़का लगाएगी. ‘रेंजर’ एक्शन व जंगल की कारगुज़ारी से भरपूर है. ‘चौहान’ कश्मीरी बैकग्राउंड पर निर्देशक नीरज यादव की एक्शन मूवी है.

– ऊषा गुप्ता 

 

 

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Photo Courtesy: Social Media

 

 

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