सदी के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) निश्चित तौर पर इंडस्ट्री के बेहतरीन कलाकारों में से एक हैं. उनकी ज़िंदगी बहुत से लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है. लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि स्क्रीन पर इतने मजबूत दिखनेवाले अमिताभ वास्तविक ज़िंदगी में कितनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से गुजर रहे हैं. इसका खुलासा उन्होंने ख़ुद ही किया है. हाल में ही अपने रिएलिटी शो कौन बनेगा करोड़पति 10 के एक इवेंट पर बिग बी ने हेपिटाइटिस बीमारी से अपनी लड़ाई के बारे में खुलासा किया. इस बारे मे बारे में बात करते हुए अमिताभ ने कहा कि मैं बहुत-से कैंपेन्स से जुड़ा हुआ हूं. इनमें से कुछ की शुरुआत सरकार ने की है, जैसे-स्वच्छता अभियान, बेटी बचाओ अभियान और कुछ मेडिकल कैंपेन भी हैं, जैसे-टी.बी, हेपिटाइटिस बी और पोलियो. मैंने पोलियो कैपेन के लिए 8 साल काम किया और ख़ुशी की बात यह है कि अब भारत पोलियो मुक्त है.

हेपिटाइटिस बी से अपनी लड़ाई के बारे में बताते हुए अमिताभ ने कहा कि,’ मैं एक साल से हेपिटाइटिस बी और टी.बी के कैंपेन से जुड़ा हुआ हूं. मुझे यह स्वीकार करने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि टी.बी कैंपेन से जुड़ाव कि एक वजह यह है कि मैं भी ख़ुद एक मरीज़ हूं और फिलहाल हेपिटाइटिस बी से लड़ रहा हूं. 1982 में फिल्म ‘कुली’ की शूटिंग के दौरान लगी चोट के बाद लगभग 200 लोगों ने मुझे कुल 60 बोतल खून चढ़ाया था. लेकिन 2007-08 साल में मुझे पता चला कि उनमें से एक डोनर का खून हेपिटाइटिस बी के वायरस से संक्रमित था. आज मेरा 75 फीसदी लिवर संक्रमित हो चुका है और सिर्फ एक चौथाई हिस्सा ही काम कर रहा है. इसीलिए वैक्सिनेशन को मैं बहुत जरूरी समझता हूं. मैं हेपिटाइटिस बी के बारे में सिर्फ इसलिए बात कर पा रहा हूं, क्योंकि मैं इसका झेल रहा हूं और मैं यह सबकुछ इसलिए नहीं बता रहा, क्योंकि मुझे किसी की सहानभूति चाहिए, बल्कि इसलिए बता रहा हूं कि आप समय रहते जांच कराइए और बीमारी से बचिए. अगर आप टी.बी का टेस्ट कराने जा रहे हैं तो साथ में हेपिटाइटिस का टेस्ट भी करा लीजिए, ताकि मेरी तरह आपको सालों का इंतज़ार न करना पड़े. ‘
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