बर्थडे स्पेशल: ग़लती से बने राजनेता, लेकिन देश को लाए सही राह पर (Birthday Special: happy birthday Atal Bihari Vajpayee)

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मेरे प्रभु!
मुझे इतनी ऊंचाई कभी मत देना,
ग़ैरों को गले न लगा सकूं,
इतनी रुखाई कभी मत देना.

कविता की चंद लाइनें अपने आप कह जाती हैं कि ये किसी महान हस्ती द्वारा रचित हैं. ख़ुद लाइनें भी गौरवांन्वित हो उठती हैं, जब अटल जैसा कोई उन्हें पन्नों पर स्याही से उकेरता है. जी हां, कविता की ये चंद लाइनें हम आपके लिए लाए हैं. अपनी कविता की लाइन की ही तरह एक अद्भुत और अटल व्यक्तिव के धनी अटल बिहारी वाजपेयी जी को मेरी सहेली की ओर से जन्मदिन की हार्दिक बधाई! आइए, आज के इस स्पेशल डे पर जानते हैं अटल जी से जुड़ी कुछ ऐसी बातें, जो शायद ही आप जानते हों.

* 15 साल की उम्र में ही अटजी आरएसएस के फॉलोअर बन गए थे. ऐसे में वो वहां खाकी की हाफ पैंट पहनकर जाते थे. यह बात 1939 के आसपास की है. उस समय उनके पिता सरकारी स्कूल में पढ़ाते थे, इसलिए अटलजी का वो खाकी पैंट पहनकर बाहर निकलना उनके पिता की जॉब के लिए नुक़सानदायक साबित हो सकता था, इसलिए उनकी बहन उनकी उस पैंट को कभी घर के बाहर, तो कभी घर में ही कहीं फेंक देती थीं.

* फैमिली और कुछ ख़ास दोस्त अटलजी को बापजी कहकर बुलाते हैं.

* वाजपेयी पहले भारतीय प्रधानंत्री हैं, जिन्होंने यूएन में पहली बार हिंदी में भाषण दिया.

* अच्छे इंसान होने के साथ-साथ वाजपेयी एक उम्दा कवि भी हैं.

* कानपुर के डीएवी लॉ कॉलेज में अटल बिहारी वाजपेयी और उनके पिता एक-साथ क़ानून की पढ़ाई किए. दोनों ने हॉस्टल का कमरा भी शेयर किया.

श्वेता सिंह