फुटवेयर- दुनिया को चलाएं अपने डिज़ाइंस पर ( Footwear- World Run on your Design)

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स्टाइलिश फुटवेयर के क्रेज़ ने ही आज फुटवेयर इंडस्ट्री को ऊंचाई पर पहुंचा दिया है. अगर आप भी बनना चाहते हैं ट्रेंड सेटर और दुनिया को दीवाना बनाना चाहते हैं अपने डिज़ाइन्स का, तो फुटवेयर इंडस्ट्री आपके लिए सही और बेहतर साबित हो सकती है. देश-विदेश आज हर जगह डिज़ाइनर फुटवेयर की मांग तेज़ी से बढ़ रही है. ऐसे में इस क्षेत्र से जुड़े लोग मार्केट में अपनी पैठ बढ़ा रहे हैं. फैशन की इस दुनिया कैसे करें शुरुआत? ये जानने के लिए हमने बात की करियर काउंसलर मालिनी शाह से.

कौन कर सकता है?
फैशन की दुनिया में नाम कमाने की चाहत रखने वाले, इस इंडस्ट्री से लगाव रखने वाले और दूसरे जॉब से अलग कुछ करने का माद्दा रखने वालों के लिए फुटवेयर में करियर बनाना बेहतर है.

शैक्षणिक योग्यता
फुटवेयर इंडस्ट्री में करियर बनाने के लिए कम से कम 12वीं पास होना ज़रूरी है. अगर आप बारहवीं पास हैं, तो आसानी से इस क्षेत्र में करियर बना सकते हैं.

कैसे करें शुरुआत?
फुटवेयर इंडस्ट्री में करियर बनाने के इच्छुक लोगों को एक एंट्रेंस एक्ज़ाम देना पड़ता है, जिसके बाद वो आगे के कोर्स को आसानी से चुन सकते हैं.

क्या हैं कोर्सेस?
भारत में कई संस्थान इस क्षेत्र में कई तरह के कोर्स को प्राथमिकता देते हैं और स्टूडेंट्स को बेहतर शिक्षा का माहौल देते हैं. आइए, देखते हैं किस तरह का कोर्स करके आप इस क्षेत्र को करियर के तौर पर चुन सकते हैं?

* अंडर-ग्रैज्युएट कोर्स

* पोस्ट- ग्रैज्युएट कोर्स

* डिप्लोमा कोर्स

* सर्टिफिकेट कोर्सेस

प्रमुख संस्थान
फुटवेयर इंडस्ट्री में करियर बनाने के लिए आप अपनी क्षमता और सुविधानुसार निम्न संस्थान का चुनाव कर सकते हैंः

* सेंट्रल फुटवेयर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, आगरा.

* सेंट्रल फुटवेयर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, चेन्नई.

* फुटवेयर डिज़ाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट, नोएडा.

* गवर्नमेंट लेदर इंस्टीट्यूट, आगरा, कानपुर.

* सेंट्रल लेदर रिसर्च इंस्टीट्यूट, चेन्नई.

* मुज़फ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मुज़फ्फरपुर.

* नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली.

* इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्मेंट लेदर वर्किंग स्कूल, मुंबई.

* एवीआई स्कूल ऑफ फैशन एंड शू टेक्नोलॉजी, चंडीगढ़.

स्कोप
जानकारों के अनुसार, फुटवेयर सेक्टर में बहुत स्कोप है. ख़ास बात ये है कि ग्लोबल मंदी के असर से भी ये सेक्टर अछूता रहा है. पढ़ाई पूरी करने के बाद इस क्षेत्र में आसानी से जॉब मिल जाती है.

सैलरी
फुटवेयर सेक्टर में पैसों की कमी नहीं है. हर कंपनी अपना अलग पे स्केल रखती है. फ्रेशर्स को 15-30 हज़ार तक मिलता है. उसके बाद अनुभव और टैलेंट की बदौलत आप इतना आगे बढ़ सकते हैं, जिसकी आपने कभी कल्पना भी नहीं की होगी.

– श्वेता सिंह