बचपन में हम सभी की मांएं कहा करती थीं कि जल्दी से अपना दूध ख़त्म करो नहीं तो तुम लंबे नहीं होगे. इसमें कोई दो राय नहीं है कि दूध में वे सभी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जिनकी बढ़ते हुए बच्चों को आवश्यकता होती है. पर क्या सच में दूध पीने से लंबाई बढ़ती है? क्या दूध पीने से वयस्क लोग भी लंबे हो सकते हैं? आइए, इस विषय पर विस्तार से चर्चा करते हैं.

अगर आप उम्र के तीसवें पड़ाव पर पहुंच चुके हैं तो दूध पीने से आपकी लंबाई और नहीं बढ़ सकती, लेकिन बढ़ते हुए बच्चों की लंबाई में खान-पान, ख़ासतौर पर दूध की अहम् भूमिका होती है. दूध हमें प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन ए और विटामिन डी जैसे रोज़ाना के लिए ज़रूरी पोषक तत्व प्रदान करता है. जानिए, दूध किस तरह हमारे विकास में मदद करता है और इसका लंबाई से क्या संबंध है?

बढ़ती उम्र में दूध पीने से लंबाई बढ़ती है
अगर आप वयस्क हैं और आपकी ग्रोथ रुक चुकी है तो आप चाहे कितना भी दूध क्यों न पी लें, आपकी लंबाई नहीं बढ़ेगी. ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि एक उम्र के बाद हमारी लंबी और बड़ी हड्डियों के अंतिम सिरे पर पाए जाने वाले ग्रोइंग टिशूज़ सील हो जाते हैं और हड्डियां भी कड़ी हो जाती हैं. ऐसा 18 से 25 वर्ष की उम्र में होता है और इसके बाद लंबाई बढ़नी रुक जाती है, लेकिन बच्चे, किशोर और 20 से कम आयु वालों की लंबाई बढ़ने में
खान-पान, ख़ासतौर पर दूध की अहम् भूमिका होती है. दूध पीने से बढ़ती उम्र वाले बच्चों की लंबाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. किशोर व लड़कियों पर हुए एक अध्ययन से इस बात की पुष्टि हुई है कि लंबाई बढ़ने में उनके अभिभावकों की हाइट के साथ-साथ दूध का महत्वपूर्ण रोल होता है. एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि जिन टीनएज़ बच्चों ने दूध का सेवन किया, उनकी लंबाई दूध न पीने वाले बच्चों की तुलना में 3 वर्ष के अंदर 2.5 सेंटीमीटर ज़्यादा बढ़ी. लंबाई हमारे स्केलटन यानी हड्डियों के ढांचे की लंबाई पर निर्भर करती है. अध्ययनों से यह सिद्ध हुआ है कि रोज़ाना दूध पीने से मिनरल बोन डेंसिटी बढ़ती है और बोन मास का क्षय भी कम
होता है.
20 से 40 फ़ीसदी लंबाई खान-पान से प्रभावित
यह बात तो सच है कि स़िर्फ खान-पान हाइट को प्रभावित नहीं करता, लेकिन इसका हाइट बढ़ाने में अहम् रोल होता है. अध्ययनों में सिद्ध हुआ है कि 20 से 40 फ़ीसदी हाइट गैर आनुवांशिक कारणों से प्रभावित होती है. जिन बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिलते हैं, उनकी लंबाई सामान्य बच्चों से कम होती है. बचपन में हड्डियों को मज़बूत बनाना ज़रूरी होता है, ताकि लंबाई बढ़ने के साथ-साथ उम्र बढ़ने पर हड्डी संबंधी कोई समस्या न हो. इसलिए प्रोटीन, फैट और
कार्बोहाइड्रेट युक्त संतुलित आहार ग्रहण करने की कोशिश करें.
दूध में हड्डियों को विकसित करनेवाले पोषक तत्व होते हैं
हालांकि दूध के सेवन से जेनेटिक व अन्य तरह की समस्याओं, जैसे- ग्रोथ हार्मोन का लो लेवल, मेडिकेशन इत्यादि से नहीं बचा जा सकता, पर दूध पीने से कुछ इंचेज़ बढ़ सकते हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि संपूर्ण विकास के लिए आपके खान-पान में प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा होना बहुत ज़रूरी है. इसके अलावा विटामिन ए, विटामिन डी, मिनरल व कैल्शियम भी लंबाई को प्रभावित करते हैं. विटामिन ए हड्डियों के विकास के लिए ज़रूरी है, वहीं विटामिन डी हड्डियों को मज़बूत बनाने में मदद करता है. दूध और अन्य प्रकार के डेयरी प्रोडक्ट्स कैल्शियम के महत्वपूर्ण स्रोत हैं, जो हड्डियों के विकास में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. कहने का अर्थ यह है कि दूध में हमारे विकास के लिए ज़रूरी सभी पोषक तत्व पाए जाते हैं. आपको बता दें कि नो फैट और लो फैट दूध में बहुत कम विटामिन ए और डी पाया जाता है इसलिए बढ़ते बच्चों को फैट युक्त दूध पीना चाहिए. रोज़ाना कम से कम 1 कप दूध अवश्य पीएं, ताकि शरीर को ज़रूरी पोषक तत्व मिल सकें.
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पोषण प्राप्त करने का आसान माध्यम है दूध
ऐसा नहीं है कि विकास के लिए ज़रूरी पोषक तत्व स़िर्फ दूध में पाए जाते हैं, लेकिन दूध इन्हें प्राप्त करने का आसान तरीक़ा है. कहने का अर्थ यह है कि आपको प्रोटीन के लिए दाल, अंडा, मीट, विटामिन ए के लिए पालक, रतालू, गाजर व विटामिन डी के लिए मछली, अंडा व चीज़ जैसे खाद्य पदार्थ अलग-अलग लेने की
आवश्यकता नहीं है. एक कप दूध में आपको सभी पोषक तत्व मिल जाएंगे. हालांकि स़िर्फ दूध पीने से ही कुछ नहीं होगा. आपको ये सभी चीज़ें भी अपने आहार में शामिल करनी होंगी, ख़ासतौर पर यदि आप शाकाहारी हैं.
दूध अन्य नॉन डेयरी सब्सिट्यूट्स से बेहतर है
सभी तरह के दूध एक जैसे नहीं होते. एक अध्ययन से सिद्ध हुआ है कि दूध की जगह अन्य डेयरी सब्सिट्यूट के सेवन से ग्रोथ पर विपरीत प्रभाव पड़ता है. शोधकर्ताओं ने पाया है कि सोया और बादाम के दूध की तुलना में गाय का दूध हाइट बढ़ाने के लिए ज़्यादा फ़ायदेमंद होता है. उदाहरण के लिए 3-4 साल का बच्चा जो गाय का दूध पीता है, उसकी लंबाई नॉन डेयरी मिल्क पीने वाले बच्चे की तुलना में ज़्यादा बढ़ती है, क्योंकि इस तरह के दूध में गाय या भैंस के दूध की तुलना में कम प्रोटीन और फैट पाया जाता है.
लंबाई में जींस की अहम् भूमिका
इसमें कोई शक़ नहीं है कि लंबाई में खान-पान की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, पर जींस का इसमें सबसे बड़ा हाथ होता है. कहने का अर्थ यह है कि अगर आपके माता या पिता की हाइट अच्छी होगी तो आपकी हाइट अच्छी होने की संभावना ज़्यादा है. कुछ शोधों में पाया गया है कि हाइट का 60 से 80 फ़ीसदी संबंध जीन्स से होता है. शोधकर्ताओं ने पाया कि लंबाई से 60000 जेनेटिक वैरिएंट्स जुड़े होते हैं. जींस, हार्मोन्स, स्वास्थ्य और दवाएं भी लंबाई को प्रभावित करती हैं. बढ़ते हुए बच्चे में हार्मोनल असंतुलन, जैसे- ग्रोथ हार्मोन या थायरॉइड लेवल के कम होने पर भी उनका विकास रुक जाता है. इसी तरह बचपन में किसी तरह की गंभीर बीमारी का भी लंबाई पर विपरीत असर पड़ता है.
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