विंटर हेल्थ केयरः विंटर हेल्थ प्रॉब्लम्स से बचने के लिए Effective होम रेमेडीज़(Effective home remedies for winter health problems)

विंटर सीज़न को बनाएं हेल्दी, हैप्पी और एक्टिव. ट्राई करें ये होम रेमेडीज़ और रहें हेल्थ प्रॉब्लम्स से दूर.
विंटर सीज़न कोल्ड और फ्लूवाला मौसम कहलाता है. इस मौसम में जहां कुछ लोग नई बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं, वहीं बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए समस्याएं और बढ़ जाती हैं. सर्दियों के इस मौसम में स्वस्थ व सेहतमंद रहने के लिए यहां हमने दी हैं कुछ ईज़ी होम रेमेडीज़.

home remedies for winter health problems

सर्दी-ज़ुकाम

सर्दी-ज़ुकाम कभी भी हो सकता है, पर सर्दियों में इसकी संभावना काफ़ी बढ़ जाती है. ख़ासतौर से कमज़ोर इम्यून सिस्टमवालों को सर्दी जल्दी होती है. सर्दी-ज़ुकाम काफ़ी संक्रामक होता है, इसलिए सर्दी के मौसम में लोग संभलकर रहें. बहती नाक, सीने में जकड़न, छींकें आना, सिरदर्द, गले में ख़राश और हल्का बुख़ार इसके आम लक्षण हैं.
डॉक्टर की सलाह
सर्दी से बचने का सबसे सरल उपाय है, अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करना. जिन्हें बार-बार सर्दी हो जाती है, उन्हें सर्दियों में आंवले का मुरब्बा खाना चाहिए, इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत होती है.
होम रेमेडीज़
– सर्दी से छुटकारा दिलाने में लहसुन काफ़ी कारगर है. 4-5 लहसुन की कलियां पीसकर कच्चा ही खाएं.
– पानी उबालकर उसमें थोड़ी-सी अदरक, 1 नींबू का रस और 1 टेबलस्पून शहद मिलाएं और काढ़ा बनाकर पीएं.
– आधे टेबलस्पून शहद में 1 टेबलस्पून दालचीनी का पाउडर मिलाकर तीन दिनों तक लें.
– 1 ग्लास गुनगुने पानी में 2 टीस्पून हल्दी मिलाकर पीएं.

फ्लू

बुख़ार, सिरदर्द, बदनदर्द और थकान फ्लू के आम लक्षण हैं.
कुछ लोगों को सर्दी के लक्षण, जैसे- गले में ख़राश, सीने में जकड़न, छींकें आना आदि भी होते हैं.
डॉक्टर की सलाह
टीकाकरण ही इसका सबसे बढ़िया उपाय है. एंटीबैक्टीरियल सोप से हाथ धोते रहें. फ्लू से संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से बचें.
होम रेमेडीज़
– समान मात्रा में शहद और प्याज़ का रस मिलाकर दिन में तीन बार फ्लू जाने तक लें.
– 1 टीस्पून शहद में 10-12 तुलसी की पत्तियों का रस मिलाकर दिन में एक बार लेने से भी राहत मिलती है.
– 1 ग्लास उबलते पानी में 1 नींबू काटकर डालें और इसकी भाप लें. दिन में 3-4 बार ऐसा करें.
– सीने की जकड़न को दूर करने के लिए आधी बाल्टी गरम पानी में एक टेबलस्पून राई पाउडर मिलाकर उसमें पैर डालकर थोड़ी देर बैठें. यह उपाय दिन में 2 बार करें.

जोड़ों मेें दर्द

सर्दियों में अक्सर जोड़ों का दर्द उभर जाता है. ऑस्टियोपोरोसिस और आर्थराइटिस के मरीज़ों की मुश्किलें और भी बढ़ जाती हैं. इसमें जोड़ों में लगातार दर्द, ऐंठन व जकड़न बनी रहती है. दर्द को कम करने के लिए फिज़िकली एक्टिव रहना बहुत ज़रूरी है.
डॉक्टर की सलाह
विटामिन डी और सप्लीमेंट्स लेने से कुछ राहत मिलती है, पर कुछ भी लेने से पहले अपने डॉक्टर को कंसल्ट करें. ओमेगा 3, विटामिन ङ्गकेफ और ङ्गसीफ के गुणों से भरपूर डायट लें.
हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ करें. सुबह सोकर उठने पर अंगड़ाई लें
और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ करें.
होम रेमेडीज़
– रोज़ाना सुबह 1 टीस्पून मेथी पाउडर फांककर 1 ग्लास गुनगुना पानी पीएं.
– 1 ग्लास गुनगुने दूध में थोड़ा-सा हल्दी पाउडर और 1 टीस्पून शहद मिलाकर कुछ दिनों तक रोज़ाना लें.
– 1 कप गुनगुने पानी में 1 टीस्पून एप्पल साइडर विनेगर और थोड़ी-सी शहद मिलाकर दिन में दो बार खाने से पहले लें.
– गुनगुना नारियल तेल, ऑलिव ऑयल, सरसों के तेल या एरंडी के तेल से मसाज करें.

ब्रॉन्कायटिस

सर्दियों में नवजात शिशुओं, बच्चों और जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर होती है, वे ब्रॉन्कायटिस की चपेट में आ जाते हैं. इसमें फेफड़ों के छोटे एयरवेज़ में सूजन और जलन होती है, जिससे सांस लेने में तकलीफ़ होती है. इसके लक्षण सर्दी-खांसी जैसे ही होते हैं. इसके अलावा लगातार खांसी, सांसों का तेज़ हो जाना और हल्का बुख़ार भी इसके लक्षण हैं.
डॉक्टर की सलाह
ऐसे में जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलें. साथ ही किसी भी तरह के धुएं, पटाखों, सिगरेट आदि से दूर रहें.
होम रेमेडीज़
– आधा-आधा टीस्पून कुटी हुई अदरक, लौंग और दालचीनी को 1 कप गरम पानी में मिलाकर कुछ दिन तक पीएं.
– 1 ग्लास दूध में लहसुन की 2-3 कलियां मिलाकर उबालें और रात को सोने से पहले पीएं.
– 1 ग्लास दूध में 1 टीस्पून हल्दी पाउडर मिलाकर उबालें और खाली पेट दिन में 2-3 बार लें. गॉल ब्लैडर स्टोन, हाइपर एसिडिटी, स्टमक अल्सर और जॉन्डिस के मरीज़ इसे न लें.
– कुछ बूंदें नीलगिरी के तेल की उबलते हुए पानी में डालकर भाप लें. इससे काफ़ी राहत मिलती है. इसके अलावा थोड़ा-सा नीलगिरी तेल सीने पर लगाएं.
– नमक के पानी से गरारे करना भी इसमें काफ़ी फ़ायदेमंद होता है.

अस्थमा

अस्थमा के मरीज़ों के लिए सर्दियों का मौसम मुश्किलोें भरा होता है. कभी सांसों का तेज़ होना, तो कभी सांस लेने में तकलीफ़ इसके लक्षण हैं. अन्य लोगों की तुलना में इन्हें अपना ज़्यादा ध्यान रखना पड़ता है.
डॉक्टर की सलाह
ख़ुद को अच्छी तरह ढंककर रखें. बाहर निकलते समय नाक व मुंह को स्कार्फ से अच्छी तरह ढंक लें. अपनी दवाइयां नियमित लें और अपना इनहेलर हमेशा कैरी करें.
होम रेमेडीज़
– समान मात्रा में अदरक का रस, अनार का रस और शहद मिलाकर दिन में 2-3 बार 1-1 टेबलस्पून लें.
– 1 कप पानी में 1 टेबलस्पून मेथी उबालें और उसमें 1-1 टीस्पून अदरक का रस और शहद मिलाकर सुबह-शाम लें.
– सरसों के तेल में कपूर मिलाकर गरम करें. हल्के हाथों से सीने और पीठ में लगाएं. दिन में कई बार दोहराएं.
– 3 अंजीर रातभर भिगोकर रखें, सुबह अंजीर खाकर पानी पी लें.

हार्ट प्रॉब्लम्स

मौसम में ठंड के कारण हमारा ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है और कोरोनरी आर्टरीज़ सिकुड़ने लगती हैं, जिससे रक्तसंचार धीमा हो जाता है. डॉक्टर्स के मुताबिक़ यही कारण है कि सदिर्र्यों में हार्ट अटैक के मामले बढ़ जाते हैं.
डॉक्टर की सलाह
बॉडी में वॉटर रिटेंशन न बढ़े, इसलिए खाने में नमक की मात्रा कम कर दें. फ्लू का टीका ज़रूर लगवाएं. एकदम सुबह-सुबह वॉक पर न जाएं, बल्कि धूप निकलने पर या शाम को जाएं. दो बार में हैवी खाने की बजाय 4-5 बार में थोड़ा-थोड़ा खाएं. अपने वज़न को नियंत्रित रखें. अगर वज़न अचानक से बढ़ने लगे, तो डॉक्टर को बताएं.
होम रेमेडीज़
– 1 ग्लास गुनगुने पानी में आधा टीस्पून अर्जुन की छाल का पाउडर और शहद मिलाकर लें. इससे आपको काफ़ी राहत मिलेगी.
– सर्दियों में रोज़ाना 2-3 लहसुन की कलियां खाएं. अगर लहसुन का स्वाद कसैला लगता है, तो उसके बाद 1 ग्लास दूध पीएं.
– हल्दी आपके लिए काफ़ी फ़ायदेमंद है. रोज़ाना 1 ग्लास दूध में आधा टीस्पून हल्दी पाउडर मिलाकर लें.

– सुनीता सिंह