सुनील पाल की कॉमेडी का भला कौन नहीं दीवाना. उनके हास्य को हर कोई पसंद करता है, ख़ासकर उनके कहने का अंदाज़ चेहरे पर मुस्कान ला ही देता है.
मेरी सहेली के इस पॉडकास्ट में जानें सुनील पाल से जुड़ी कई कही-अनकही बातें... पूरा पॉडकास्ट देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें-
साल 2005 में 'द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज' जीतने के बाद सुनील पाल हर किसी की पसंद बन गए थे. उनका चुटीला अंदाज़ स्टेंडअप कॉमेडियन के बीच उन्हें एक अलग पहचान देता है.
ऐसे शख़्स के साथ कुछ ग़लत हो जाए तो लोगों का नाराज़ होना वाजिब है. जी हां, हाल ही में एक कवि सम्मेलन में सुनील पाल को जहां सम्मानित किया गया तो वहीं अपमानित करने में भी आयोजकों ने कोई कसर नहीं छोड़ी.

जुहू के इस्कॉन में 17 जनवरी को एक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया था. इसमें सुनील पाल भी आमंत्रित थे. जब उन्हें स्टेज पर गुलदस्ते के साथ सम्मानित किया जा रहा था, तब वे धन्यवाद कहने के लिए माइक लेना चाह रहे थे. लेकिन वहां उपस्थित शख़्स ने उन्हें ऐसा नहीं करने दिया.
उनके द्वारा बार-बार कहे जाने पर की मैं धन्यवाद के दो शब्द कहना चाहता हूं... इसके बावजूद साथ खड़े व्यक्ति ने उन्हें माइक पर बोलने नहीं दिया, बल्कि स्टेज से उतरकर बैठ जाने के लिए कहा. पर फिर भी बिना माइकके ही सुनील आभार व्यक्त करते हुए ऑडीटोरियम से बाहर निकल गए.
इस घटना से जुड़ा वीडियो काफ़ी सुर्खियां बटोर रहा है और वायरल हो रहा है. इस पर यूज़र्स भी जमकर कमेंट्स कर रहे हैं. सुनील के फैंस का रिएक्शन तो बेहद रोषपूर्ण है. जितने लोग उतनी बातें. लेकिन अभी तक कहीं से इस मुद्दे को लेकर स्प्ष्टीकरण नहीं आया.
कुछ लोगों का कहना है कि सुनील पाल अपने बेबाक़ और बड़बोले अंदाज़ के लिए जाने जाते हैं. अतीत में उन्होंने ऐसे कई कमेंट्स भी किए हैं, जिससे तिल का ताड़ बनते देर नहीं लगी. इस पर सेलेब्स ने भी काफ़ी नाराज़गी जताई थी. शायद इस कारण हो सकता है उस शख़्स ने उन्हें बोलने का मौक़ा नहीं दिया. कहीं कार्यक्रम में कोई बवाल ना हो जाए. अब सच्चाई क्या है वो तो जल्द पता लग ही जाएगी. वो कहते हैं ना बात निकलेगी की दूर तलक जाएगी...

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