FILM REVIEW: ‘कहानी 2’: विद्या बालन की दमदार ऐक्टिंग, देखने जैसी है फिल्म (FILM REVIEW: ‘KAHAANI 2’)

फिल्म- कहानी 2

स्टारकास्ट- विद्या बालन, अर्जुन रामपाल, जुगल हंसराज, नायशा सिंह, अंबा सानयाल.

निर्देशक- सुजॉय घोष 

रेटिंग- 3.5 स्टार

Kahaani 2 Reviewफिल्म कहानी 2: दुर्गा रानी सिंह (Kahaani 2: Durga Rani Singh) से विद्या बालन की दमदार वापसी हुई है. विद्या अच्छी ऐक्ट्रेस हैं इसमें कोई दो राय नहीं है, लेकिन ज़्यादा दिनों तक अगर फिल्मों से दूर रहा जाए, तो लोग अक्सर भूल जाते हैं. लेकिन विद्या की ये फिल्म याद दिलाएगी कि वो अब भी टॉप की ऐक्ट्रेसेस की रेस में शामिल हैं. कहानी के सीरिज़ को आगे बढ़ाते हुए सुजॉय घोष लेकर आए हैं फिल्म कहानी 2, जो रिलीज़ हो गई है. आइए, जानते हैं कि कैसी है कहानी 2 की कहानी और क्या आपको ये फिल्म देखनी चाहिए.

कहानी:

फिल्म की कहानी शुरू होती है विद्या सिन्हा (विद्या बालन) से, जिसकी मिनी (नायशा सिंह) नाम की एक बेटी है, जो पैरलाइज़्ड है. विद्या अपनी बेटी का ट्रीटमेंट विदेश में कराना चाहती है और इसके लिए वो काफ़ी मेहनत करती है. लेकिन एक दिन अचानक जब वो ऑफिस से घर पहुंचती है, तब मिनी वहां नहीं होती है. विद्या के फोन पर मिनी को किडनैप करने वाले का मैसेज आता है, जिसमें मिनी की फोटो और उसका पता होता है. परेशान विद्या भागी चली जाती है बेटी को ढूंढने के लिए, लेकिन तभी उसका एक्सीडेंट हो जाता है. अस्पताल में कोमा में पड़ी विद्या से मिलने के लिए एंट्री होती है इंदरजीत सिंह (अर्जुन रामपाल) की, जो पुलिसवाले हैं और एक ज़माने में विद्या के पति थे. यहां से कहानी फ्लैशबैक में 8 साल पहले चली जाती है. 8 साल पहले विद्या एक स्कूल में काम करती थीं और उनका असली नाम दुर्गा रानी सिंह था. स्कूल में उनकी मुलाकात वहां पढ़ रही 6 साल की स्टूडेंट मिनी से होती है, जो अमीर घर से है और अपने चाचू (जुगल हंसराज) और दादी (अंबा सानयाल) के साथ रहती है. मिनी की एक बात कि वो मुझे रात को सोने नहीं देते… दुर्गा को परेशान कर देती है और वो मिनी की इस बात का कारण ढूंढ़ने निकल जाती है. दुर्गा को पता चलता है कि मिनी को उसका चाचू अब्यूज़ कर रहा है, ये बात उसे बर्दाश्त नहीं होती, क्योंकि दुर्गा भी बचपन में इस ट्रॉमा से गुज़र चुकी है. वो मिनी को लेकर वहां से भाग निकलती है. किडनैपिंग और मर्डर केस में वॉन्टेड दुर्गा रानी सिंह की एक डायरी अर्जुन के हाथ लगती है, जिससे उसे सारी सच्चाई पता चलती है. फिर क्या होता है? क्या दुर्गा को पुलिस पकड़ लेती है, क्या मिनी दोबारा दुर्गा को मिल पाती है? इन सवालों के जवाब के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.

फिल्म की यूएसपी: 

फिल्म की यूएसपी कोई और नहीं. बल्कि विद्या बालन ही हैं. विद्या ने इस फिल्म की ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर ले रखी है. पूरी फिल्म की कहानी विद्या के आसपास रची गई है और उन्होंने अपने किरदार के साथ पूरा न्याय भी किया है. डीग्लैम लुक, सिंपल से कपड़े सब कुछ एकदम परफेक्ट है.

फिल्म की दूसरी यूएसपी हैं अर्जुन रामपाल. पुलिस की वर्दी में अर्जुन बेहद फिट लग रहे हैं. उन्होंने सिर्फ़ अपनी फिज़िक पर, बल्कि अपनी ऐक्टिंग पर भी काम किया है.

जुगल हंसराज की बात किए बिना फिल्म का रिव्यू अधूरा है. छोटे से ही सही पर नेगेटिव रोल में जुगल बेहद ही कंविसिंग लग रहे हैं.

फिल्म का बैंकग्राउंड स्कोर कमाल का है. कई जगहों पर कुछ ऐसे दृश्य हैं, जिसका म्यूज़िक आपके रोंगटे खड़े कर देगा.

कमज़ोर कड़ी:

यूं तो ऐक्टिंग के दम पर ये फिल्म लोगों को पसंद आएगी, लेकिन थ्रिलर फिल्म बनाने की जो उम्मीद सुजॉय घोष से की गई थी, उस पर वो पूरी तरह से खरे नहीं उतर पाए हैं. कहानी फिल्म में जो सस्पेंस फिल्म के क्लाइमेक्स तक बनाए रखा था सुजॉय ने, वो कहानी 2 में बिल्कुल नज़र नहीं आया. फिल्म में कई ऐसे सीन्स थे, जिन्हें देखकर आप समझ जाएंगे कि आगे क्या होने वाला है.

इस फिल्म का क्लाइमेक्स कुछ और भी हो सकता था, जो इस फिल्म को इस साल की सबसे बड़ी थ्रिलर फिल्म बना सकता था. फिल्म का पहला हाफ बेहद ही रोमांचक है, लेकिन सेकंड हाफ पूरी फिल्म का मज़ा किरकिरा कर देता है.

कहानी में कोलकाता को बेहद ही ख़ूबसूरती से दिखाया गया था, कहानी 2 से कोलकाता मिसिंग लगा.

कहानी 2 देखने जाएं या नहीं:

अगर आप अच्छी ऐक्टिंग देखना चाहते हैं और विद्या बालन के फैन हैं, तो ये फिल्म देखने ज़रूर जाएं. ये फिल्म न ही आपको निराश करेगी और न ही आपको ऐसा लगेगा कि आपके पैसे बर्बाद हुए हैं.

– प्रियंका सिंह