फिल्म रिव्यूः मिस्ट्री थ्रिलर है मनोज वाजपेयी की ‘रुख’ (Film Review: Rukh)

फिल्मः रूख
स्टारः मनोज वाजपेयी, स्मिता तांबे, कुमुद मिश्र, आदर्श ग्रोवर
निर्देशकः अतानु मुखर्जी
रेटिंगः 2.5

यह फिल्म उस ख़ास दर्शक वर्ग के लिए है, जो लीक से हटकर कुछ अलग और अर्थपूर्ण फिल्में देखना पसंद करते हैं.

Film Review Movie Rukh

 

कहानीः यह फिल्म पिता-पु्त्र की कहानी है. दिवाकर माथुर (मनोज वाजपेयी) का लेदर का कारोबार है. दिवाकर का एक बेटा ध्रुव (आदर्श गौरव) होता है. ध्रुव को हमेशा यही लगता है कि उसके पापा दिवाकर के पास उसके लिए समय नहीं है. इसी वजह से ध्रुव कुछ ज्यादा ही गुस्सैल बन जाता है. स्कूल में एक स्टूडेंट के साथ मारपीट के बाद उसे जब सीनियर सेकंडरी स्कूल से निकाल दिया जाता है तो दिवाकर उसे एक बोर्डिंग स्कूल में भेज देता है. बोर्डिंग में पढ़ रहे ध्रुव को एक दिन खबर मिलती है कि दिवाकर की एक रोड ऐक्सिडेंट में मौत हो गई है. ध्रुव बोर्डिंग छोड़ अपने घर लौट आता है, लेकिन ध्रुव को हर बार यही लग रहा है कि उसके पिता की मौत एक ऐक्सिडेंट में नहीं हुई बल्कि उनका एक सोची समझी प्लानिंग के साथ मर्डर किया गया है.

निर्देशनः अतानु की कहानी और किरदारों पर तो अच्छी पकड़ है, लेकिन स्क्रिप्ट पर उन्होंने ज्यादा काम नहीं किया. यही वजह है कि फिल्म की गति बेहद धीमी है. फिल्म की स्पीड अंत तक इस कदर धीमी है कि कई बार हॉल में बैठे दर्शकों का सब्र खत्म होने लगता है. फिल्म का मिजाज काफी डार्क है. ऐसे में ये फिल्म एक खास तबके के लिए है इसे मास शायद ही देखना पसंद करेगी.

अभिनयः मनोज वाजपेयी ने एक बार फिर अपनी अभिनय का लोहा मनवा दिया है. वहीं स्मिता तांबे की खामोशी के बीच उनका फेस एक्सप्रेशन जबर्दस्त है. ध्रुव के किरदार में आदर्श गौरव डायरेक्टर की राइट चॉइस रही तो कुमुद मिश्रा ने रॉबिन के किरदार को दमदार ढंग से निभाया है.

म्यूजिकः फिल्म में बैकग्राउंड में  दो गाने हैं, लेकिन ये गाने फिल्म की पहले से स्लो स्पीड को और स्लो ही करते हैं.

देखें या नहींः अगर आपको लीक से हटकर फिल्में देखना पसंद हैं और आप मनोज वाजपेयी के फैन हैं तो फिल्म अवश्य देखें. मसाला फिल्म के शौक़ीनों के लिए  इसमें कुछ नहीं है.

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