हैप्पी फैमिली का पहला रूल है हेल्दी किड्स! (First Rule Of Happy Family Is Healthy Kids)

हर मां चाहती है कि उसका परिवार और ख़ासतौर से उसके बच्चे हेल्दी और ख़ुश रहें. बच्चों की हेल्थ को लेकर अधिकतर मांएं चिंतित भी रहती हैं कि बढ़ती उम्र में कैसे उनका ख़्याल रखें… उन्हें क्या खिलाएं, कैसे संपूर्ण पोषण दें… आदि. यहां हम आपको यह बताना चाहेंगे कि बढ़ती उम्र में सबसे अहम होता है मस्तिष्क का विकास, जिसमें प्रमुख भूमिका होती है डीएचए की. बेहतर होगा कि मांएं अपने बच्चों को डीएचए से भरपूर चीज़ों को सेवन कराएं, ताकि उनकी हेल्थ के साथ कोई समझौता न करना पड़े.

 

 

कॉड लिवर ऑयल है डीएचए का मुख्य स्रोत
बच्चों को मस्तिष्क के विकास में यह बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह डीएचए का मुख्य स्रोत है. चाहे सीखने की क्षमता हो, एकाग्रता या याददाश्त, सबमें डीएचए की मुख्य भूमिका होती है. कॉड लिवर ऑयल में डीएचए अन्य स्रोतों के मुकाबले 3 गुना अधिक होता है. कॉड लिवर ऑयल विटामिन डी और ए का भी महत्वपूर्ण स्रोत है.

रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास
कॉड लिवर ऑयल कई तरह के इंफेक्शन्स यानी संक्रमणों से हमारा बचाव करता है. विटामिन डी के हाई कंटेंट के कारण यह इम्यूनिटी बढ़ाता है, जिससे सर्दी-ज़ुकाम, फ्लू से बचाव होता है.

सीखने की क्षमता बढ़ाता है
कॉड लिवर ऑयल में मौजूद ओमेगा3 फैटी एसिड्स ब्रेन के फंक्शन्स को बेहतर बनाता है, जिससे बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ती है और बच्चा हर एक्टिविटी को तेज़ी से सीख लेता है.

आई साइट बेहतर बनाए रखता है
विटामिन ए और डी के मुख्य स्रोत के कारण यह आंखों की रोशनी को लंबे समय तक ठीक रखने में काफ़ी सहायक है. एंटीऑक्सीडेंट होने के कारण यह ग्लूकोमा जैसी बीमारी से भी बचाव करता है.

मेमरी और एकाग्रता बढ़ाता है
ओमेगा3 फैटी एसिड्स ब्रेन के फंक्शन्स को बेहतर बनाता है. चाहे याददाश्त हो या एकाग्रता इन सभी को बेहतर बनाकर ब्रेन पावर को बढ़ाता है, जिससे बच्चों के मस्तिष्क को मिलता है संपूर्ण विकास और उनकी मेंटल हेल्थ बनती है स्ट्रॉन्ग.