इस दुनिया में हर शख़्स खुश रहना चाहता है, पर रह नहीं पाता है, क्योंकि खुश रहना हमारे मूड पर निर्भर करता है. और मूड बनता है शरीर में मौजूद कुछ हॉर्मोंस से. यदि शरीर में इन हॉर्मोंस की वृद्धि होती है, तो हमारा मूड भी अच्छा रहता है. अन्यथा बेवजह भी मूड ख़राब ही रहता है. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं, कैसे करें शरीर में इन हैप्पी हॉर्मोंस की वृद्धि.
क्या होते हैं हैप्पी हॉर्मोंस?
जब ह्यूमन बॉडी में केमिकल का उत्पादन होता है, तो इन्हें हॉर्मोंस कहते हैं. यही हॉर्मोंस हमारी पूरी बॉडी में मैसेंजर का काम करते हैं और फिर शरीर के बायोलॉजिकल फंक्शन सुचारू रूप से अपना काम करते हैं. इन्हीं फंक्शन में से एक मूड का बनना और बिगड़ना. कुछ हॉर्मोंस हमें ख़ुशी और संतुष्टि यानि पॉजिटिव फीलिंग का एहसास कराते हैं, जिन्हें हैप्पी हॉर्मोंस कहते हैं.
कैसे बढ़ाएं इन हैप्पी हॉर्मोंस को?
हमारी बॉडी में 4 चार तरह के हैप्पी हॉर्मोंस होते हैं, ये हैं- डोपामाइन, ऑक्सीटोसिन, सेरोटोनिन और एंडोर्फिन हार्मोन. यदि बॉडी में इनका प्रोडक्शन अधिक होता है, तो हम ख़ुश महसूस करते हैं.

डोपामाइन: मस्तिष्क में बनने वाला ये खास हॉर्मोन है, जो दिमाग को शरीर के बाकी हिस्सों से कनेक्ट करता है और फिर हमें ख़ुशी और संतुष्टि का एहसास कराता है, इसलिए इसे रिवॉर्डिंग (अच्छा महसूस कराने वाला) हॉर्मोन भी कहते हैं.
बढ़ाने के लिए क्या करें?
- रोज़मर्रा के जीवन में छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं और धीरे-धीरे उन्हें पूरा करने की कोशिश करें. ये लक्ष्य पढ़ाई, नौकरी, फिटनेस गोल, किसी स्किल को सीखने का गोल या किसी भी तरह की सफलता हो सकती है.
- ऐसे काम करें, जिससे फैमिली और फ्रेंड्स से तारीफ़ मिले.
- अपने लक्ष्य के पूरा होने पर उसे सेलिब्रेट करें. ऐसा करने से बॉडी में डोपामाइन का स्तर बढ़ता है.
- किसी काम में असफल होने पर निराश होने के बजाय दोबारा कोशिश करें.
- अपने पर फोकस करके, अपनी सेहत का ख़्याल रखकर और अपनी पसंद का भोजन करके भी ख़ुशी का एहसास होता है, जिससे डोपामाइन में वृद्धि होती है.
- मेडिटेशन करने से स्ट्रेस कम होता है और बॉडी में डोपामाइन का स्तर बढ़ता है.
सेरोटोनिन: ये ऐसा हॉर्मोन है, जो आमतौर पर हमारे मूड के अच्छे और बिगड़ने के लिए ज़िम्मेदार है. जब हमारी बॉडी में सेरोटोनिन का स्तर उच्च होता है, हम संतुष्टि महसूस करते हैं. हमें अच्छी नींद आती है, हमारी याददाश्त भी ठीक रहती है. ये हार्मोन पाचन को नियंत्रित करता है. तनाव, अवसाद और चिंता को दूर करने में मदद करता है. हम रोज़ाना कैसा महसूस करते हैं, इसमें भी सेरोटोनिन अहम भूमिका निभाता है.
बढ़ाने के लिए क्या करें?
- नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करें. एक्सरसाइज़ करने से तन और मन स्वस्थ रहेगा.
- हमेशा सकारात्मक रहें और सकारात्मक पहलुओं पर फोकस करें.
- रोज़ाना ख़ुद को कुछ-न-कुछ नया करने की चुनौती दें.
- मन के उदास होने पर या किसी काम में निराशा हाथ लगने पर शरीर में सेरोटोनिन का स्तर कम होगा, इसलिए ख़ुश रहने की कोशिश करें.
- अपनी सफलता और अचीवमेंट्स को याद करें, इससे हॉर्मोन का स्तर बढ़ेगा.
एंडोर्फिन्स: ये हॉर्मोन हमारी बॉडी में होनेवाले दर्द, तनाव और बेचैनी को कम करते हैं और ख़ुशी, आराम और तनावरहित महसूस कराने में मदद करते हैं. यानी ये हार्मोन हैप्पी केमिकल के रूप में काम करते हैं. शारीरिक गतिविधियां, जैसे-
दौड़ना, योग या डांस करने पर हमारे शरीर में एंडोर्फिन्स का उत्पादन होता है.

बढ़ाने के लिए क्या करें?
- लाफ्टर थेरेपी करें. जब हंसते हैं तो बॉडी में एंडोर्फिंस का निर्माण बहुत तेज़ी से होता है.
- हंसने के बहाने ढूंढ़ें. हंसने से एंग्जायटी और स्ट्रेस दूर होता है.
- जोक्स की किताबें पढ़ें.
- कॉमेडी शो और वीडियो देखें, जिन्हें देखकर हंसी आए.
- ऐसे लोगों के साथ रहें, जो आपको हंसाएं और ख़ुश महसूस कराएं.
- अपना फेवरेट म्यूजिक सुनें और डांस करें.
- अपना फेवरेट फूड खाएं, फेवरेट प्लेस या डेस्टिनेशन में घूमने जाएं.
ऑक्सीटोसिन: ऑक्सीटोसिन को लव हॉर्मोन भी कहते हैं. इसका निर्माण बॉडी में तब होता है जब हम किसी अपने से गले मिलते हैं. गहरी दोस्ती महसूस करते हैं, किसी से प्यार करते हैं या पालतू जानवर के साथ खेलते हैं. आसान शब्दों में कहें
तो शारीरिक रूप से स्पर्श करने से शरीर में ऑक्सीटोसिन के स्तर पर वृद्धि होती है.
बढ़ाने के लिए क्या करें?
- फैमिली और फ्रेंड्स के साथ क्वालिटी और फन टाइम समय बिताएं. उनके प्रति
अपना स्नेह व्यक्त करें. - फैमिली और फ्रेंड्स के साथ के साथ बैठकर बचपन के/पुराने दिनों को याद करें.
- बच्चों के साथ खेलें.
- योग या एक्सरसाइज़ करने से भी ऑक्सीटोसिन हॉर्मोन बढ़ता है.
- ज़रूरतमंदों और गरीबों की मदद करें.
- लज़ीज़ खाने की ख़ुशबू और स्वाद से भी इस हॉर्मोन का स्तर बढ़ता है. तो अपनी पसंद का खाना खाएं.
ये भी करें - अनेक अध्ययनों से साबित हुआ है कि सूर्य से निकलने वाली किरणों से शरीर में सेरोटोनिन के उत्पादन बढ़ता है. इसलिए रोज़ाना सुबह की हल्की धूप में 20-25 मिनट ज़रूर बैठें.
- कुछ सप्लीमेंट्स लेकर बॉडी में हैप्पी हॉर्मोंस का स्तर बढ़ाया जा सकता है, लेकिन ये सप्लीमेंट्स डॉक्टर की सलाह से ही लें.
- 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें. नींद की कमी से हॉर्मोंस असंतुलित होते हैं, विशेषतौर पर डोपामाइन.
- पालतू जानवर को रखें और उन्हें दुलार करें.
- अपने पार्टनर या क्लोज़ फ्रेंड के साथ समय बिताएं.
- अनेक अध्ययनों से यह साबित हुआ है कि एक अच्छी मसाज कराने से चारों तरह के हॉर्मोंस बॉडी में रिलीज़ होते हैं. इसलिए कुशल और अनुभवी लोगों से मसाज कराएं और तनावरहित हो जाएं.
- पूनम कोठारी
