बुढ़ापे में कैसे करें मनी मैनेजमेंट? (how to do money management in old days?)

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रिटायरमेंट के बाद अपनी देखभाल के लिए बच्चों पर आश्रित रहने से बेहतर है कि आप पहले से ही रियाटरमेंट की प्लानिंग कर लें यानी कुछ इन्वेस्टमेंट कर लें, लेकिन पैसे बचाना ही काफ़ी नहीं है. रिटायरमेंट के बाद ख़ुशहाल ज़िदंगी के लिए उसे सही तरह से मैनेज करना भी ज़रूरी है. बढ़ती उम्र में कैसे करें मनी मैनेजमेंट?

सीमित हों ज़रूरतें
युवावस्था में व्यक्ति की ज़रूरतें व इच्छाएं बहुत अधिक होती हैं और उन्हें पूरा करने के लिए वो दिन-रात बहुत मेहनत भी करता है, लेकिन वृद्धावस्था में बहुत मेहनत करना संभव नहीं होता, इसलिए बेहतर होगा कि आप अपनी ज़रूरतों को सीमित कर लें. ऐसा करने से आपको मेहनत भी कम करनी पड़ेगी और पैसे भी कम ख़र्च होंगे, जैसे- आपके पास यदि एक बड़ा घर है, तो उसे मेंटेन करने के लिए समय, पैसा व मेहनत तीनों ही ख़र्च होते हैं. ऐसे में बेहतर होगा कि आप उसे बेचकर ज़रूरत के मुताबिक़ एक छोटा घर ख़रीद लें और बचे हुए पैसों को किसी सुरक्षित जगह इन्वेस्ट कर दें. इससे बुढ़ापे में भी आपको किसी के सामने हाथ फैलाने की ज़रूरत   नहीं पड़ेगी.

प्लानिंग भी है ज़रूरी
पैसे को सही तरह से मैनेज करने के लिए प्लानिंग ज़रूरी है. मसलन, आप अपनी इनकम के मुताबिक़ पैसे को अलग-अलग हिस्सों में बांट दें, जैसे- एक हिस्सा रोज़मर्रा के ख़र्चं, एक हिस्सा सेविंग, एक हिस्सा मेडिकल एक्सपेंस और एक आकस्मिक ख़र्च के लिए. इस तरह अलग-अलग ख़र्च के लिए अमाउंट तय कर लेने पर बजट बिगड़ेगा नहीं. चूंकि बढ़ती उम्र में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों पर ज़्यादा पैसे ख़र्च होते हैं, इसलिए अच्छा होगा कि आप पहले ही कोई हेल्थ इंश्योरेंस आदि     ले लें.

ढूंढे इनकम के तरीक़े 
आमतौर पर वृद्धावस्था में लोग स़िर्फ पेंशन के सहारे ही अपना ख़र्च चलाने की कोशिश करते हैं, लेकिन बढ़ती महंगाई को देखते हुए ये बहुत मुश्किल हो गया है, इसलिए अपनी ज़रूरतें सीमित करने के साथ ही यदि संभव हो, तो इनकम का कोई और ज़रिया तलाशें. आपका तरीक़ा ऐसा होना चाहिए, जिसमें आपको बहुत अधिक शारीरिक श्रम न करना पड़े और न ही ज़्यादा परेशानी हो. बेहतर होगा कि आप अपनी हॉबी को रीक्रिएट करके उसे ही आमदनी का ज़रिया बनाएं, जैस- आपको यदि अच्छा खाना बनाना आता है, योगा या एक्सरसाइज़ में महारत हासिल है, कोई वाद्य यंत्र अच्छा बजाते हैं या फिर आपको कई भाषाओं का ज्ञान है, तो आप इसकी क्लासेस घर में ही खोल सकते हैं. इससे आपका समय भी अच्छा बीतेगा और अपनी हॉबी को बुढ़ापे में भी जारी रखने से आपको ख़ुशी व सुकून का एहसास होगा. साथ ही आय का एक अच्छा स्रोत मिल जाएगा.

समझदारी से करें ख़र्च
इस उम्र में बहुत ज़रूरी है कि आप सोच-समझकर ख़र्च करें. पैसे स़िर्फ ज़रूरत के लिए ख़र्च करें, दिखावे या लग्ज़री के लिए नहीं. यदि आपको लगता है कि आप बहुत ख़र्चीले हैं और माह के अंत तक कुछ बचत नहीं कर पाते, तो महीने के शुरू में कुछ रकम की बचत कर लें. इससे आप काफ़ी हद तक फिज़ूलख़र्च से बच जाएंगे. यदि आप टेक्नोसेवी हैं, तो कुछ ऐप्स की मदद से भी अपने ग़ैर ज़रूरी ख़र्च पर लगाम लगा सकते हैं. र्चींशश्रेशिी, ोपशू र्ींळशु, सेेव र्लीवसशीं आदि कुछ ऐसे यूजफुल ऐप्स हैं, जो आपकी इस काम में मदद कर सकते हैं.

करें छोटी-छोटी सेविंग
आपने वह कहावत तो सुनी ही होगी कि बूंद-बूंद से सागर बनता है. ख़ासतौर से वृद्ध लोगों से बेहतर सेविंग की क़ीमत कोई नहीं समझ सकता. आप भी उम्र के इस दौर में छोटी-छोटी सेविंग करने की कोशिश करें. मसलन, घर के काम ख़ुद करने से नौकर का ख़र्च कम हो जाएगा, साथ ही आपकी सेहत भी बरकरार रहेगी. इसके अतिरिक्त ग्रॉसरी का सामान इकट्ठा लाना या सेल में शॉपिंग करने से बहुत फ़ायदा होता है. इन सबके अलावा बहुत ज़रूरी है कि आप युवावस्था में ही कुछ सेविंग करनी शुरू कर दें. यदि आप अपनी आय का एक छोटा-सा हिस्सा सेविंग के रूप में रखेंगे, तो वृद्धावस्था में आपके पास अच्छी ख़ासी रकम होगी, जिससे आप आर्थिक परेशानी से बच सकते हैं.

मेंटेंन करें डायरी
भले ही आप कितनी भी समझदारी से ख़र्च करें, लेकिन फिर भी माह के अंत तक ख़र्च का हिसाब नहीं मिल पाता. ऐसे में बेहतर होगा कि आप एक डायरी मेंटेंन करें. इससे आपको अपने ख़र्च के बारे में तो पता चलेगा ही, साथ ही आप फिज़ूलख़र्च से भी बच जाएंगे.

इन्वेस्टमेंट पर दें ध्यान
उम्र के इस पड़ाव पर आपका इन्वेस्टमेंट ऐसा होना चाहिए जिसमें रिस्क कम और रिटर्न ज़्यादा हो. आप अपनी सेविंग को शेयर मार्केट या म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट करने की बजाय बैंक में पीएफ में डाल सकते हैं या पोस्ट ऑफिस में कोई सेविंग स्कीम ले सकते हैं. यहां इन्वेस्ट करने पर जोखिम नहीं रहता. साथ ही जीवन बीमा व हेल्थ इंश्योरेंस पर भी आप पैसे ख़र्च कर सकते हैं. कोशिश करें कि आपका इन्वेस्टमेंट ऐसा हो, जिससे आपके चले जाने के बाद भी आपके पार्टनर (पति/पत्नी) को पैसों की दिक्कत न हो. यदि आपको इन्वेस्टमेंट के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है, तो किसी प्रोफेशनल से सलाह लेने के बाद ही निवेश करें.

बचें फ्रॉड से
आपने कई ऐसे विज्ञापन देखे होंगे या कई लोगों के मुंह से सुना होगा जहां कुछ स्कीम्स, लॉटरी आदि में बहुत जल्दी ढेर सारा पैसा कमाने का लालच दिया जाता है. भूलकर भी इन सब पर भरोसा करने की ग़लती न करें. कहीं भी पैसा इन्वेस्ट करने से पहले जानकार की सलाह अवश्य ले लें. चूंकि आपकी सेविंग आपकी सारी उम्र की जमा पूंजी होती है, इसलिए इस उम्र में किसी फ्रॉड का शिकार होने पर उबरना बहुत मुश्किल होता है.

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