योग से बचाएं अपने टूटते रिश्ते को (How Yoga Can Strengthen Your Relationship?)

आज जिस तेज़ी से हमारे देश में तलाक़ के मामले बढ़ रहे हैं, भविष्य में स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है. योग के ज़रिए इस गंभीर समस्या को किस तरह सुलझाया जा सकता है, इसी विषय में हमें जानकारी दी द योगा इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर डॉ. हंसाजी जयदेव योगेंद्र ने.

Strengthen Relationship

क्यों तेज़ी से टूट रहे हैं रिश्ते?

आज वर्किंग कपल्स को एकल परिवारों में रहते हुए दोहरी ज़िम्मेदारी निभानी पड़ रही है, काम का बढ़ता बोझ, स्ट्रेस, घर में बड़े-बुज़ुर्गों की अनुपस्थिति और डबल इंकम नो किड्स के बढ़ते मामले रिश्तों में तनाव बढ़ा रहे हैं.

योग से रिश्तों का कनेक्शन

डॉ. हंसाजी योगेंद्र कहती हैं कि आज भी बहुत-से लोगों में यह भ्रांति है कि योग का अर्थ केवल योगासन है, जबकि यह अष्टांग योग है, जिसमें आसन स़िर्फ एक अंग है. योग जीवन जीने का संपूर्ण विज्ञान है. योग के ज़रिए आप एक सुुलझे हुए, शांतचित्त और सकारात्मक दृष्टिकोणवाले व्यक्ति बनते हैं, जो स्वयं के साथ-साथ अपने रिश्तों की अहमियत को भी समझता है.

समझें रिश्तों का योग

शांत मन से समझें ख़ुद को: जब आप अपने होनेवाले जीवनसाथी से मिलते हैं, तब उसे जानने-समझने की कोशिश करते हैं, लेकिन अगर आप ख़ुद के बारे में ही नहीं जानते, तो उसे भला कैसे समझ पाएंगे. योग आपको ख़ुद से रू-ब-रू कराता है. दरअसल, जब आप योगासन, प्राणायाम और मेडिटेशन करते हैं, तब आपको आंतरिक शांति का एहसास होता है. जब आपका मन शांत होता है, तब विचारों की पारदर्शिता बढ़ जाती है और आप ख़ुद के साथ-साथ जीवनसाथी को भी बेहतर समझ पाते हैं, इसलिए  योग को अपने डेली रूटीन का हिस्सा बनाएं.

सांसों की तरह स्वीकारें एक-दूसरे को

शादी करते ही हम क्यों भूल जाते हैं कि हर व्यक्ति अलग होता है. उसके विचार, व्यवहार, आदतें सब कुछ भिन्न होती हैं. ऐसे में अपने ईगो की संतुष्टि के लिए वो एक-दूसरे को बदलने की कोशिश करते हैं. प्राणायाम हमें सिखाता है कि जिस तरह हर सांस अलग व महत्वपूर्ण होती है, उसी तरह हर व्यक्ति भी यूनीक होता है. जिस तरह प्राणायाम करते समय आप सांसों की लय पर ध्यान देते हैं, उसी तरह अपने पार्टनर की ख़ुशियों और इच्छाओं पर ध्यान दें.

पॉज़िटिव अप्रोच की सक्सेस स्टोरी

नरेंद्र अपनी पत्नी विनीता की लेट लतीफ़ी से परेशान है. नरेंद्र उसे समय पर तैयार रहने की हिदायत देता, तो विनीता उसे ज़्यादा तवज्जो न देती. पत्नी की आदत से परेशान नरेंद्र ने इसके पीछे के कारण को जानने की कोशिश की, तो पता चला कि विनीता आर्टिस्ट फैमिली से है, जहां सभी अपने मूड के मुताबिक़ काम करते हैं. विनीता ने बचपन से जो देखा, वही उसकी आदत में शुमार हो गया. विनीता को बदलने की बजाय नरेंद्र ने अपना अप्रोच बदला. कभी-कभी वो ऑफिस से सीधा फंक्शन में पहुंच जाता और विनीता को वहीं मिलने के लिए कहता. विनीता जब देरी से पहुंचती, तो उस पर झुंझलाने की बजाय, वो सभी से कहता कि मेरी पत्नी का देरी से आने का मतलब है कि एक ख़ूबसूरत पेंटिंग पूरी होने के कगार पर है.

तनाव को रिश्ते पर हावी न होने दें

शादीशुदा ज़िंदगी में ज़्यादातर समस्याएं छोटी-छोटी बातों पर दुखी होने, आत्मविश्‍वास की कमी, एनर्जी लेवल की कमी, फाइनेंशियल व सेक्सुअल प्रॉब्लम्स के कारण होेती हैं. रिसर्च में यह बात साबित हो चुकी है कि योग स्ट्रेस लेवल को कम करता है. दरअसल, यह शरीर में मौजूद कार्टिसोल हार्मोन को कम करता है, जिससे आप रिलैक्स महसूस करते हैं और आपका एनर्जी लेवल भी बूस्ट होता है. यह आपके नर्वस सिस्टम को भी स्थिर बनाता है. नियमित रूप से आधा घंटा योगासन और मेडिटेशन करें.

विश्‍वास है विवाह का आधार

अक्सर छोटी-छोटी बातें शक का कारण बनती हैं और रिश्ते ग़लतफ़हमी का शिकार हो जाते हैं. योग में उत्तानासन या पादहस्तासान, ऐसा आसन है, जिसमें आप विश्‍वास के साथ समर्पण करने की कला सीखते हैं. जब हम रिश्तों में विश्‍वास के साथ पार्टनर के सामने समर्पण करते हैं, तो जजमेंटल नहीं होते और रिश्ते में प्यार और विश्‍वास गहरा होता है. समर्पण का अर्थ झुकना नहीं, बल्कि पार्टनर को अपने नज़रिए को समझाने का पूरा मौक़ा देना है. एक-दूसरे के प्रति समर्पण बहुत-सी ग़लतफ़हमियों से आपके रिश्ते को बचाता है.

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Relationship Goals
हैप्पी हार्मोंस से रिश्ते को बनाएं हैप्पी

आज ज़्यादातर लोग अपने वैवाहिक रिश्ते में दुखी व असंतुष्ट हैं, क्योंकि वो ख़ुद से ही ख़ुश और संतुष्ट नहीं हैं. बेसिक नियम है कि जब हम ख़ुश रहते हैं, ख़ुद से प्यार करते हैं, तभी दूसरों को ख़ुशी और प्यार दे सकते हैं. आपको जानकर ख़ुशी होगी कि रोज़ाना योग करने से हमारे मस्तिष्क के केमिकल कंपोज़िशन्स बेहतर होते हैं. शरीर में सेराटोनिन और डोपामाइन कहे जानेवाले ‘हैप्पी हार्मोंस’ की बढ़ोत्तरी होती है, जिससे हम ख़ुश रहते हैं. योग को अपनाकर अपने रिश्ते को ख़ुशहाल बनाएं.

‘हम्म’ से करें बेहतर कम्यूनिकेशन

रिश्ता पति-पत्नी का हो, दोस्ती का या भाई-बहन का, ग़लत कम्यूनिकेशन रिश्ते को बिगाड़ सकता है. योग कहता है कि शब्द हमारे विचारों से आते हैं और विचार मस्तिष्क से, इसलिए अगर मस्तिष्क शांत रहेगा, तो विचार अपने आप अच्छे आएंगे. बेहतर कम्यूनिकेशन के लिए कपल्स नियमित रूप से ब्रीदिंग टेक्नीक ‘हम्म’ का उपयोग करें. शांत स्थान पर रूमाल से नाक और मुंह को ढंककर ‘हम्म’ की आवाज़ निकालें.

संतुलानासन से बनाएं बैलेंस: गृहस्थी की गाड़ी को सफलतापूर्वक चलाने के लिए

पति-पत्नी नामक दोनों पहियों का तालमेल और संतुलन बेहद ज़रूरी है. अगर दो में से एक भी डगमगाया, तो गाड़ी भटक जाएगी. कभी भावनात्मक, तो कभी आर्थिक तनाव इस संतुलन को बिगाड़ सकता है. योग का एक महत्वपूर्ण आसन संतुलानासन हमें बैलेंस करना सिखाता है. यह मस्तिष्क को एकाग्र करके धैर्य सिखाता है, जिससे विपरीत परिस्थिति में भी हम तुरंत घबराते नहीं.

वर्तमान में जीने की कला अपनाएं

रोज़ाना योग की प्रैक्टिस हमें वर्तमान में जीने की प्रेरणा देती है. अपने सांसों की लय को समझते हुए हम वर्तमान में अपनी सेहत के प्रति और भी जागरूक होते हैं. वर्तमान में जीने की यह टेक्नीक रिश्तों को और भी ख़ुशगवार बना देती है. अतीत में हुई बहस और ईगो की लड़ाई या फिर कड़वी यादों को भूलकर जब कपल्स वर्तमान पर फोकस करते हैं, तब उनके रिश्ते में स़िर्फ प्यार और संतुष्टि का भाव होता है.

भावनाओं को बनाएं प्रोडक्टिव

बचपन से दबी इच्छाएं और बुरी आदतें अक्सर वैवाहिक रिश्ते में परेशानियां पैदा करती हैं. यह नकारात्मक रूप से आपकी शादीशुदा ज़िंदगी को प्रभावित करता है. इसके लिए मेडिटेशन का सहारा लें. मेडिटेशन आपके कॉन्शियस और सबकॉन्शियस माइंड के बीच बने दरवाज़े को खोलता है. सबकॉन्शियस माइंड के ऑपरेटिंग सिस्टम तक पहुंचकर हम वहां मौजूद अनचाही आदतों और दबी हुई भावनाओं को प्रोडक्टिव तरी़के से इस्तेमाल करना सीखते हैं.

ख़ुशहाल वैवाहिक जीवन की सक्सेस स्टोरी

शादी के बाद एक दिन महेश ने अपनी पत्नी रोमा को बताया कि उसे कभी-कभी बहुत ग़ुस्सा आता है, तो रोमा ने कहा कि यह तो नॉर्मल है, लेकिन उस समय आप दूसरों से क्या उम्मीद करते हैं? तो महेश ने कहा, मुझे लगता है कि सब चुप रहें. कोई कुछ न बोले. तुम एक वादा करो कि जब भी मुझे ग़ुस्सा आए, तो तुम चुप रहना, उसके बदले तुम जो गिफ्ट मांगोगी मिल जाएगा. रोमा राज़ी हो गई, पर उसने भी एक शर्त रखी कि ग़ुस्सा तो मुझे भी कभी-कभार आता है और मैं चाहती हूं कि जब ऐसा हो, तब आप वहां से हट जाएं. आप वॉक पर चले जाना. दोनों में जो तय हुआ था, वैसा ही हुआ. शादी की 50वीं सालगिरह पर जब किसी ने उनकी सफल शादी और ख़ुशहाली का राज़ पूछा, तो महेश ने कहा कि मैं बहुत वॉक करता हूं, इसलिए हेल्दी और ख़ुश हूं, वहीं रोमा ने कहा कि मुझे ज़िंदगी में जो चाहिए सब मिल जाता है, तो भला ग़म किस बात का.

पार्टनर के प्रति शुक्रगुज़ार हों

ज़्यादातर कपल्स की यही शिकायत होती है कि पार्टनर उनको ग्रांटेड लेते हैं या अहमियत नहीं देते. जब हम योगासन करते हैं, तो हम में कृतज्ञता की भावना विकसित होती है, जिससे हम ख़ुश व सेहतमंद रहते हैं. कृतज्ञता की इसी भावना को जब हम वैवाहिक जीवन में उतारते हैं, तब पार्टनर से मिली हर लम्हे की ख़ुशी के लिए हम उनके शुक्रगुज़ार होते हैं. कृतज्ञता रिश्तों की गुणवत्ता को बढ़ाती है.

हेल्दी सेक्स लाइफ के लिए योग

बेहतरीन सेक्स लाइफ के लिए आपका हेल्दी और हैप्पी रहना ज़रूरी है. जब आप रोज़ाना योग करते हैं, तो आपका शरीर फ्लेक्सिबल होता है, बॉडी टोन होती है, मसल्स स्ट्रॉन्ग होती हैं और न स़िर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक रूप से भी आप फिट रहते हैं. ऐसे में आपकी सेक्स लाइफ रोमांटिक और दिलचस्प बनी रहती है.

– अनीता सिंह

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