Close

अगर टूट रहा है बार-बार आपका दिल तो करें ये ख़ास उपाय (If your heart is breaking again and again, then try this special remedy)

बार-बार दिल टूटना न केवल मानसिक रूप से थकाने वाला होता है, बल्कि यह आत्मविश्‍वास को भी झकझोर देता है. गहरे दुख में धकेल देता है. इसलिए अगर आपके साथ भी ये बार-बार हो रहा है, तो आइए जानें कैसे उबरें इस दर्द से और क्या करें कि ऐसा बार-बार ना हो.

बार-बार दिल टूटने का कारण कहीं ये तो नहीं?

- पैटर्न को पहचानें. अक्सर हम अनजाने में एक ही तरह के लोगों की ओर आकर्षित होते हैं, जो हमारे लिए सही नहीं होते.

- ख़ुद से पूछें, क्या आप हमेशा उन लोगों को चुनते हैं, जो इमोशनली अनअवेलेबल हैं?

- शुरुआत कैसे हुई? क्या आपने उन्हें बचाने की कोशिश की थी? या उन्होंने आपको बहुत ज़्यादा अटेंशन देकर अचानक छोड़ दिया?

- उनमें कॉमन क्या था? क्या वे सभी कमिटमेंट से डरते थे? क्या वे स्वार्थी थे? या क्या वे आपको कंट्रोल करते थे?

रिश्ता क्यों टूटा?

- क्या कारण हर बार लगभग एक जैसा ही था? - क्या आप अपनी ज़रूरतें मारकर सामने वाले को ख़ुश रखते हैं, ताकि वह आपको छोड़ न दे? - क्या आप उन लोगों के पीछे भागते हैं, जो आपको भाव नहीं देते या दूरी बनाए रखते हैं?

- लिखें- एक काग़ज़ और पेन लें और अपने पिछले 3-4 रिश्तों या क्रश के बारे में ये बातें लिखें?

- पिछले 2-3 रिश्तों की समानताओं को एक डायरी में लिखें. इससे आपको अपने रिश्तों के बारे में समझने में आसानी होगी और आप समझ पाएंगे कि वजह क्या रही होगी.

रेड फ्लैग्स को नज़रअंदाज़ करना

- पीछे मुड़कर देखें कि रिश्ते की शुरुआत में ही आपको कौन से संकेत मिले थे, जिन्हें आपने प्यार समझकर अनदेखा कर दिया.

- क्या उन्होंने शुरू में ही कह दिया था कि मैं सीरियस नहीं हूं?

- क्या उनके व्यवहार में सम्मान की कमी थी? - अगली बार जब वही रेड फ्लैग्स दिखे, तो उसे चैलेंज की तरह न लें, बल्कि एग्ज़िट गेट समझें.

अकेलेपन और प्यार के बीच का अंतर समझें कई बार हम स़िर्फ इसलिए किसी के क़रीब चले जाते हैं, क्योंकि हम अकेले होते हैं, न कि इसलिए कि वह व्यक्ति हमारे लिए सही है. पहले ख़ुद के साथ ख़ुश रहना सीखें. जब आप ख़ुद से प्यार करते हैं, तो आप किसी भी व्यक्ति को अपना दिल दुखाने की अनुमति आसानी से नहीं देते. आप उस रिश्ते को बनाए रखने के लिए प्रयास करते हैं. इसलिए पहले अपने लिए एक सही व्यक्ति ढूंढ़ें. इसमें ज़ल्दबाज़ी ना करेंं. समझें कि जिसकी तरफ़ आप खिंच रहे हैं, वो प्यार ही है या कुछ और. इसके बाद उसके साथ रिलेशनशिप में आने की सोचें.

अपनी बाउंड्रीज़ तय करें

दिल अक्सर तब टूटता है जब हम दूसरों को ख़ुद से ज़्यादा अहमियत देते हैं और अपनी ज़रूरतों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं. रिश्ते की शुरुआत में ही अपनी अहमियत और अपेक्षाओं को स्पष्ट कर लें. अगर कोई आपका सम्मान नहीं कर रहा, तो वहां से हट जाना ही बेहतर है. अगर आज आपने उस ग़लत का विरोध नहीं किया, अपनी लिमिटेशन नहीं बताई, तो कल वह परेशान करेंगी. इसलिए आज ही समझ लें कि उस रिश्ते से आप क्या चाहते हैं और सामने वाला क्या चाहता है. इस पर बात करें और फिर आगे बढ़ने के बारे में सोचें.

कैसे उबरे इस दर्द से...

लिखने की आदत डालें

ब्रेकअप के बाद कई बार ऐसा होता है कि आप अपने मन की बात किसी से कह नहीं पाते हैं. ऐसे में आप अपनी डायरी में लिखकर अपने इमोशन्स को व्यक्त कर सकते हैं. इससे आप दिमाग़ी रूप से हल्का महसूस करेंगे. लिखिए- क्या हुआ, क्यों हुआ और आप कैसा महसूस कर रहे हैं.

ख़ुद को दोष ना दें

अपने आपको दोषी ना समझें. दिल टूटने के बाद हम अक्सर ख़ुद को ही ज़िम्मेदार मानते हैं और खुद को दोष देते हैं. लेकिन यह एक ग़लत सोच है, जो आपको और अधिक दुखी और निराश करती है. आपको यह समझना होगा कि रिश्ते टूटने का कारण स़िर्फ आप नहीं हो सकते. रिश्ता दो लोगों के बीच का संबंध होता है और उसमें दोनों का योगदान और ज़िम्मेदारी होती है. अगर आपका पार्टनर आपको छोड़ कर चला गया है, तो इसका मतलब यह नहीं कि आपकी कोई अहमियत नहीं है या आपको कोई प्यार नहीं करेगा. आपको अपने आपको माफ़ करना होगा और स्वयं को एक नया मौक़ा देना होगा.

बीते पलों से सीख लें

सोचें कि इस रिश्ते से आपने क्या सीखा- क्या आपको ख़ुद को बेहतर समझने में मदद मिली? यह अनुभव भविष्य में स्वस्थ रिश्ते बनाने में मदद करेगा.

रोकर निकालें मन का गुबार टूटे दिल को सुकून कैसे दें, यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब हर किसी के लिए अलग हो सकता है. कुछ लोग अपने आंसू् बहाकर अंदर ही अंदर जलते हैं, कुछ लोग अपने दर्द को बाहर निकालकर राहत पाते हैं. अपने दर्द को रोकने की कोशिश न करें. रोना एक स्वाभाविक और स्वास्थ्यप्रद प्रक्रिया है, जो आपको अपनी भावनाओं को व्यक्त करने और अपने आपको क्लीन करने में मदद करती है. रोने से आपको आराम और सुकून मिलेगा. ऐसा करना बुरा नहीं है, बल्कि इससे आपका मन हल्का होगा और आप इस बात से आगे बढ़कर कुछ अच्छा सोच पाएंगे, नहीं तो वहीं अटके रहेंगे.

ख़ुद को अपडेट रखें

अपने आपको बदलने की कोशिश करें. दिल टूटने के बाद हम अक्सर अपने आपको एक ही हालत में रखते हैं, ख़ुद को अपडेट नहीं करते. लेकिन यह एक ग़लत रवैया है, जो आपको और अधिक दुखी और अकेला करता है. आपको स्वयं को बदलने की कोशिश करनी चाहिए और अपने जीवन में कुछ नया शामिल करना चाहिए. ये भी सोचें कि क्या मैं ज़माने के साथ चल रहा हूं या फिर कुछ नया और अलग करने की ज़रूरत है. अपनी बॉडी ग्रूमिंग के लिए मैं क्या कर सकता हूं? क्या मुझे अपनी पर्सनैलिटी में कुछ बदलाव करने चाहिए? मुझे मेरी सोच का दायरा बढ़ाने की ज़रूरत तो नहीं है? ये सब सवाल ख़ुद से करें और अपनी कमियों को सुधारने की तरफ़ ध्यान दें, ना कि ग़म मनाने में लगे रहें.

ख़ुद पर ध्यान दें

ब्रेकअप के बाद ख़ुद पर ध्यान देना शुरू करें. आप अपनी मेंटल और फिजिकल स्थिति को ख़ुद पहचानें और उसके अनुसार काम करें. बॉडी को फिट बनाने के लिए आप जिम जाएं और अच्छी डायट फॉलो करें. वहीं मेंटल हेल्थ के लिए मेडिटेशन करना शुरू कर दें. आप अपनी शक्ल, ड्रेसिंग, हॉबी, स्किल या अपनी रुचि को बदल सकते हैं. इससे आपको एक नया आत्मविश्‍वास, उत्साह और एक नया लक्ष्य मिलेगा.

एक्स को फॉलो ना करें

सोशल मीडिया पर अपने एक्स को फॉलो करना बंद कर दें. उनकी दुखद यादों को बढ़ाने वाली चीज़ें, जैसे तस्वीरें या फिर मैसेजेस को डिलीट कर दें. यह सुनने में कड़वा लग सकता है, लेकिन यह आपको सदमे से उबरने में मदद करता है. अपने एक्स को कॉल या मैसेज न करें. ख़ासकर देर रात में. अगर मैसेज लिखें भी, तो उसे डिलीट कर लें या फिर अपने अनुभवों को निजी तौर पर लिखें. चोरी-छिपे नज़र नहीं रखें और न ही किसी बात पर उन्हें आज़माने की कोशिश करें.

अपने मन की बात साझा करें

किसी भरोसेमंद दोस्त, परिवार के सदस्य या काउंसलर से बात करें. अपनी भावनाओं को दबाने से तनाव बढ़ सकता है.

डिजिटल डिटॉक्स लें

जब दिल टूटा हो, तब एक्स (पूर्व प्रेमी/प्रेमिका) की प्रोफाइल बार-बार देखना दर्द बढ़ा सकता है. कुछ समय के लिए डिजिटल डिटॉक्स लें और ख़ुद पर ध्यान दें. इसके लिए अपने फोन से सोशल मीडिया अकाउंट को डिलीट कर दें और उन सभी को अपने लैपटॉप के जरिए एक्सेस करें. इससे हर वक़्त मोबाइल में आप सोशल मीडिया नहीं देख पाएंगे. लैपटॉप पर आप कुछ ही समय बिताएंगे.

उम्मीद न छोड़ें

जीवन में नई शुरुआत हमेशा ही संभव है. अपने भविष्य के लिए आशावान रहें और जानें कि आप ख़ुश रहने के योग्य हैं. क्या हुआ जो प्यार में दिल टूट गया. फिर कोशिश कीजिए ऐसा तो नहीं है कि प्यार दोबारा नहीं हो सकता. बस अब की बार जो प्यार करना तो सोच-समझकर और पूरी ईमानदारी के साथ करना. हो सकता है ग़लती आपकी ही रही हो. यदि ग़लती आपकी नहीं है और सामने वाले की है, तो अगली बार अलर्ट रहना. अपने पार्टनर पर विश्‍वास बनाए रखना. यदि कोई आरोप लगाना है, तो सोच-समझकर लगाना.

एक्सपर्ट की सलाह

अपने करियर और पढ़ाई को अपनी पहली प्राथमिकता बना लेना आपके फ़ायदे में रहेगा. ऐसा करके आप ख़ुद को बिज़ी भी रख पाएंगे. अपने लिए जीने की कोशिश करें. ज़िंदगी के इस फलसफे को भी समझना होगा कि इस दुनिया में अकेले आए हैं अकेले ही जाएंगे. कोई हमारे साथ नहीं जाएगा. जिससे ख़ुशी मिलती है, वह काम करने की कोशिश करें. दोस्तों से मिलें. उनसे ख़ुशियां बांटें. अब आगे किसी भी रिश्ते को बनाने में जल्दबाज़ी ना करें. अभी कुछ समय स़िर्फ अपने साथ बिताएं.

- शिखा जैन 

Share this article