एक्टर इमरान खान (Imran Khan) को मुंबई पुलिस ने ‘लीव इंडिया नोटिस’ (Leave India notice) जारी किया था. इस नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया था. इमरान खान ने इस नोटिस के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. बॉम्बे हाईकोर्ट में इमरान खान की इस याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट ने इमरान खान को फटकार लगाई और कहा कि विदेशी नागरिक होने के नाते उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने का हक नहीं है. इस दौरान एक्टर ने अदालत से वादा किया (Imran Khan tenders an unconditional apology before the Bombay High Court) है कि वो भविष्य में किसी प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे.

सुनवाई के दौरान इमरान खान के वकील ने याचिका का हवाला देते हुए कहा कि एक्टर का किसी भी विरोध प्रदर्शनकारी संगठन से कोई लेना-देना नहीं है. राज्य सरकार के वकील ने कोर्ट के सामने दलील दी, “याचिकाकर्ता कहते हैं कि विरोध प्रदर्शन से उनका कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट और अपलोड कंटेंट को देखिए. उन्होंने एक इंटरव्यू भी दिया है, जिसे उन्होंने याचिका में नहीं सौंपा है. सोशल मीडिया पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं.”

वहीं इमरान खान के वकील ने एक्टर की ओर से कोर्ट में कहा, “मेरे पास अमेरिकी पासपोर्ट और OCI कार्ड की फोटोकॉपी है. मैं अमेरिका में पैदा हुआ था, इसलिए वहां की नागरिकता है. लेकिन मेरी पूरी जिंदगी यहीं बीती है. पहले मेरे पास PIO कार्ड था. मैं यहीं बचपन से रहा, शादी की और बॉलीवुड फिल्मों में काम किया.” इसके साथ ही इमरान खान ने कोर्ट को वादा किया, “मैं कोर्ट को अंडरटेकिंग देने के लिए तैयार हूं कि मैं आगे किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होऊंगा.”
बॉम्बे हाईकोर्ट ने इमरान खान को फटकार भी लगाई और उनसे पूछा कि “आप भारतीय नागरिक नहीं हैं. आप SIR से प्रभावित नहीं होंगे तो आपके पास इन प्रोटेस्ट में शामिल होने का अधिकार नहीं है. बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि आपको माफी मांगनी होगी. ये उकसाने वाली हरकत है. “
बता दें कि बीते दिनों एक्टर इमरान खान को मुंबई पुलिस ने ‘लीव इंडिया नोटिस’ जारी किया था. इस नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया था. इमरान खान ने इस नोटिस को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.

