अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष: हेल्दी रहने के लिए अपनाएं यौगिक लाइफस्टाइल (International Yoga Day: Follow Yogic Lifestyle For Healthy life)

स्वस्थ व सेहतमंद बने रहने के लिए सुबह से शाम तक आपकी जीवनशैली भी बहुत मायने रखती है. सुबह से लेकर शाम तक की सभी गतिविधियां अगर योग के अनुसार हों, तो आप हमेशा चुस्त-दुरुस्त और तंदुरुस्त रहेंगे.

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सुबह की सही शुरुआत

– योग के अनुसार सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठना लाभदायक होता है, लेकिन अगर आप 5.30 बजे तक भी उठें, तो ठीक रहेगा.
– उठने के बाद 2 ग्लास पानी पीएं. पानी रात को तांबे के बर्तन में भरकर रख दें और सुबह उठकर पीएं. पानी खड़े होकर नहीं पीना चाहिए. बैठकर पीएं, उकड़ू बैठकर पीना और भी फ़ायदेमंद होता है. वज़न ज़्यादा है, तो गर्म पानी पीएं.
– पानी पीकर फ्रेश हो जाएं और एक घंटे तक योग व प्राणायाम करें. चाहें तो, मॉर्निंग वॉक पर भी जा सकते हैं.
– नहा-धोकर तैयार हो जाएं. ईश्‍वर का ध्यान करें और अपने सफल दिन की सही शुरुआत के लिए प्रार्थना करें.
– 7.30-8 बजे तक नाश्ता करें. नाश्ते में फल, पोहा, उपमा, दलिया, ओट्स, दूध जैसी पौष्टिक चीज़ों को शामिल करें.
– उसके बाद दिनभर के कामों की लिस्ट बना लें. जैसे-जैसे आपके काम ख़त्म होते जाएं, उन्हें टिक कर दें और बचे हुए कामों को अगले दिन की लिस्ट में शामिल कर लें.

दोपहर को दुरुस्त बनाएं

– अगर आप ऑफिस में काम करते हैं, तो लंच टाइम में खाना खाएं और खाने में सलाद ज़रूर शामिल करें.
– खाने को ख़ूब चबा-चबाकर खाएं और खाने के आधे घंटे बाद ही पानी पीएं. खाते समय भी पानी नहीं पीना चाहिए.
– ऑफिस में दो घंटे से ज़्यादा लगातार सीट पर न बैठें. ऑफिस के छोटे-छोटे काम, मसलन- पानी की बॉटल भरकर लाना, चाय-कॉफी लेना, प्रिंटर से प्रिंटआउट लाना आदि ख़ुद ही करें.
– खाने के बाद अगर आपके पास फ्री टाइम है, तो थोड़ी देर टहलें.
– घर पर हैं, तो बाकी काम निपटाकर थोड़ा रिलैक्स हो जाएं. खाना खाकर अपनी पसंद का कुछ काम कर सकते हैं. काम ख़त्म कर रात – खाने की तैयारी कर लें.

शाम हो सुकूनभरी

– ऑफिस में हैं, तो 4 बजे के क़रीब सीट पर बैठे-बैठे बॉडी स्ट्रेचिंग करें. इससे आप रिलैक्स और फ्रेश महसूस करेंगे.
– शाम की भूख मिटाने के लिए भुने हुए चने, मूंगफली, कुरमुरा, भेल, फल, चाय-बिस्किट आदि लें. पकौड़े और वड़े-समोसे से दूर रहें.
– दिनभर में कम से कम 10-12 गिलास पानी पीएं.
– ऑफिस से लौटकर थोड़ी देर रिलैक्स करें.
– 7 बजे थोड़ा ध्यान करना आपके लिए फ़ायदेमंद साबित होगा. 20 मिनट तक ध्यान करें. दिनभर की सारी थकान, तनाव और निगेटिविटी दूर हो जाएगी.

ताकि न हो रतजगा

– रात 8 बजे तक खाना खा लें. रात का भोजन बहुत हल्का होना चाहिए.
– रात का भोजन टीवी देखते हुए या बातचीच करते हुए न लें. खाना खाते व़क्त बातें न करें, स़िर्फ खाने पर ध्यान दें, इससे खाना जल्दी व अच्छी तरह पचता है. ओवरईटिंग से बचें.
– रात के खाने और सोने के बीच कम से कम 2 घंटे का अंतर ज़रूर होना चाहिए और खाने के थोड़ी देर बाद 15 मिनट तक हल्की वॉक करनी चाहिए.
– खाने के बाद ज़रूरी काम निपटा लें. सोने में जब तक समय है, तब तक आप बच्चों के होमवर्क देख सकते हैं, उनके साथ खेल सकते हैं या फिर गप्पे मार सकते हैं.
– अपने लिए थोड़ा समय निकालकर म्यूज़िक सुनें या कोई अच्छी क़िताब पढ़ें.
– रात 10 से 10.30 बजे तक सो जाएं. सोने से पहले पूरे दिन का विश्‍लेषण कर लें. अगर कोई काम अधूरा रह गया हो, तो उसे अगले दिन की लिस्ट में शामिल कर लें.
– रोज़ाना 6-8 घंटे सोएं. ऐसा कहा जाता है कि रात 10 बजे से 2 बजे तक का समय नींद के लिए सबसे महत्वपूर्ण है. इन चार घंटों की नींद बाकी समय के आठ घंटों के बराबर है. ऐसे में देर से सोने का मतलब है नींद की क्वॉलिटी के साथ समझौता करना. और हां, दिन में सोने से बचें.

 

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– सत्येंद्र सिंह