जब से नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने हैं तब से उन्होंने जाने कितने ऐसे कार्य किए, जिससेे आम हो या ख़ास उनकी नज़रों में वे पूजनीय हैं. ऐसे में जब जाने-माने अभिनेता सुदेश बेरी उनकी नज़र से उन्हें विष्णु का अवतार मानते हैं तो इसमें हो-हल्ला भला क्यों हो रहा है. जी हां, जब से सोशल मीडिया पर सुदेश बेरी के कई स्टेटमेंट वायरल हुए तब से दो गुट से बन गए हैं. एक वो जो उनकी बातों से सहमत हैं और एक वो जो इसे अंधी भक्ति और भी न जाने क्या-क्या अनाप-शनाप नाम दे रहे हैं.

हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमें बोलने की आज़ादी है, अब यह किसी के समर्थन में बोले या किसी के विरोध में यह व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है. लेकिन एक तबके को सबसे ज़्यादा परेशानी तब हुई जब उन्होंने तिलचट्टों की पार्टी को जमकर लताड़ा. आख़िर आज के युवाओं के सामने किस तरह उदाहरण पेश कर रही सीजेपी जैसी कुकुरमुत्ते की तरह उगी पार्टियां.
सुदेश जी का मानना है कि इन्हें न तो किसी का लिहाज़ है और न ही किसी तरह का रचनात्मक कार्य करने का जज़्बा. इनकी औकात ही क्या है? नाम भी तो किसी जानवर सा रखा है... अरे भाई लकड़बग्घा ही क्यों न रख लेते. वे यही पर ही नहीं ठहरे उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि उनके पार्टी के एक सदस्य ने उनसे ज्वाइन करने के लिए कहा था, जो उन्होंने साफ़ मना कर दिया और उनको ब्लॉक भी कर दिया.
भला मैं क्यों किसी के गुमराह करने के बातों में आऊं. क्या हम देख नहीं जब से मोदी जी प्रधानमंत्री बने हैं देश कहां से कहां तक पहुंच गया है. फिर चाहे आस्मां की बात करें या ज़मीं की.
सुदेश बेरी की इस तरह के सनसनीखेज बातें और तिलचट्टों पर तंज ख़ूब सुर्ख़ियां बटोर रही हैं. ऐसा नहीं कि यह आज की बात है. इसके पहले भी सुदेश बेरी मोदीजी को लेकर बहुत से सराहनीय और भावपूर्ण बातें कहते रहे हैं, विशेषकर पिछले साल उनके जन्मदिन पर भी उन्होंने बेहद मर्मस्पर्शी बातें कही थीं. तब भी उन्होंने मोदीजी को पूजनीय और ईश्वर का स्वरूप कहा था.
केवल विरोध करना ही काम नहीं होता. जब आप किसी बच्चे के लिए गार्डन बनाएं, बुर्ज़ुर्गों के लिए शेल्टर होम बनाएं, तब आपके सराहनीय कार्यों को समझा और जाना जाएगा. भला यह क्या बात हो गई जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करते जा रहे थे और जिसका लक्ष्य पेपर लीक कम कोई और निशाना ज़रूर था.

अब समय आ गया है कि लोगों को सही और ग़लत पार्टियों के बारे में गहराई से जानना और समझना होगा. हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए देश की जनता और उस पर हमारे युवा नरेंद्र मोदी को बेहद पसंद करते और मानते हैं. तभी तो तीसरी बार वे भारत के प्रधानमंत्री बने. उन्होंने अपने लगातार उल्लेखनीय कार्यों, मेहनत-लगन और देश के प्रति निष्ठा का इस कदर प्रमाण दिया है, जिसे देश की जनता भलीभांति समझती है. बाकी समझदार को इशारा काफ़ी है.
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