सुप्रीम कोर्ट का फैसला- निर्भया गैंगरेप के आरोपियों की मौत की सज़ा बरक़रार… (Nirbhaya Gangrape Case Supreme Court Upholds Death Sentence To Convicts)

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16 दिसंबर, 2012 में हुए निर्भया गैंगरेप की घटना से पूरे देश में आक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा था. आज 5 मई, 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने उसके चारों दोषियों की मौत की सज़ा के फैसले को बरक़रार रखने के फैसले पर अंतिम मुहर लगाई. सभी ने कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया. निर्भया, जो इस घटना की रात दिल्ली में अपने एक मित्र के साथ फिल्म देखकर बस से घर वापस लौट रही थी. तब बस में मौजूद छह बदमाशों ने न केवल उसके साथ छेड़छाड़ व सामूहिक बलात्कार किया, बल्कि निर्भया व उसके मित्र के साथ अमानवीय अत्याचार भी किए. इंसानियत को शर्मसार कर देनीवाली इस घटना ने पूरे देश को सदमे में ला दिया था. फिर कुछ दिनों के इलाज के बाद निर्भया की मृत्यु हो गई थी, तब निर्भया के दोषी को सज़ा दिलाने के लिए पूरा देश एक हो गया था. कहते हैं, क़ानून के इंसाफ़ में देर है, पर अंधेर नहीं. आख़िरकार छह दोषियों में से चार को मौत की सज़ा सुना दी गई. आरोपियों ने हाई कोर्ट के फैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई. लेकिन तमाम गवाहों व सुनवाई के बाद आख़िरकार सुप्रीम कोर्ट ने आज फांसी की सज़ा को बरक़रार रखा.
इस दिल दहला देनेवाले शर्मनाक सामूहिक बलात्कार में छह आरोपी थे. इसमें मुख्य आरोपी बस ड्राइवर राम सिंह ने तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी. और एक नाबालिग आरोपी बाल सुधार गृह में तीन साल की सज़ा काटने के बाद जमानत पर रिहा हो गया. आज सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला प्रताड़ित होती महिलाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा, इसमें कोई दो राय नहीं है.

– ऊषा गुप्ता