हाथ की रेखाओं से जानें कि कहीं आपको ब्लडप्रेशर का ख़तरा तो नहीं(Palmistry: Read Your Palm To Know The Blood Pressure Risk)

भाग्य के अलावा आपकी हाथ की रेखाएं आपके स्वास्थ्य के बारे में भी संकेत देती हैं. हाथ की रेखाएं देखकर आप जान सकते हैं कि कहीं आपको ब्लडप्रेशर का ख़तरा तो नहीं.

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हाई ब्लडप्रेशर या लो ब्लडप्रेशर की शिकायत आजकल बढती ही जा रही है. यूं तो अनियमित जीवनशैली, गलत खान-पान, तनाव, अनिद्रा, बीमारी आदि को ही ब्लडप्रेशर के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके लिए आपकी हाथ की रेखाएं भी ज़िम्मेदार हैं. ये रेखाएं ही बताती हैं कि आपको ब्लडप्रेशर की तकलीफ़ हो सकती हैं या नहीं.

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– जिन व्यक्तियों को ब्लडप्रेशर की तकलीफ़ होती है, उनकी हथेली लालिमायुक्त होती है. अगर हथेली लाल दिखाई दे तो इसका अर्थ है कि आपको उच्च रक्तचाप की शिकायत है.
– जिन लोगों को लो ब्लडप्रेशर की शिकायत होती है, उनकी हथेली पीलापन लिए हुए और शुष्क होती है.
– हाई ब्लडप्रेशर से पीड़ित लोगों की हथेली में पसीना अधिक आता है.
– ब्लडप्रेशर का संबंध हृदय से होता है. इसलिए जिन लोगों को ब्लडप्रेशर की शिकायत होगी, उनकी हृदय रेखा जंजीरयुक्त होती है.
– अगर हृदय रेखा को कोई और रेखा काटती हो तो स्वास्थ्य की दृष्टि से ये अच्छा नहीं माना जाता. संबंधित व्यक्ति को हृदय रोग या मानसिक रोग होने की संभावना होती है.
– जो लोग ब्लडप्रेशर या उससे जुड़ी बीमारियों से पीड़ित होते हैं, उनका मंगल पर्वत अनियमित होता है. अगर मंगल पर्वत अत्यधिक ऊंचा है तो उस व्यक्ति को उच्च रक्तचाप होगा, जबकि निम्न रक्तचाप वालों का मंगल पर्वत निम्न होता है.
– यदि हृदय रेखा कटी हुई या टूटी हुई हो तो ये भी अच्छा संकेत नहीं है. ये ब्लडप्रेशर की अनियमितता का संकेत होने के साथ ही हार्ट अटैक की संभावना को भी दर्शाता है.
– हृदय रेखा पर द्वीप या रक्तिम बिंदु भी शुभ संकेत नहीं है. इसी तरह हृदय रेखा पर क्रॉस या किसी तरह का और निशान भी स्वास्थ्य की दृष्टि से ठीक नहीं है.
– मंगल रेखा और चंद्र रेखा में शाखाएं हों तो भी रक्तचाप की शिकायत हो सकती है.
रक्तचाप का संबंध मस्तिष्क और मानसिक स्थिति से भी होता है. इसलिए रक्तचाप के कारणों को जानने के लिए चंदपर्वत, चंद्ररेखा और मस्तिष्क रेखा का अध्ययन भी करना चाहिए.
– मस्तिष्क रेखा में गैप हो अथवा ये रेखा लंबी न हो तो ये मानसिक तनाव का संकेत होता है और अगर मानसिक तनाव होगा तो उच्च रक्तचाप की शिकायत होगी ही.
– मस्तिष्क रेखा का हृदयरेखा से मिलन या किसी शाखा का हृदय रेखा से मिलन भी रक्तचाप संबंधी बीमारियों की ओर इंगित करता है.
– चंद्रपर्वत पर उभार हो और मस्तिष्क रेखा उस पर समाप्त हो गई हो तो ये इस बात का संकेत है कि वह व्यक्ति बेहद भावुक है, जो कि रक्तचाप का कारण बन सकता है.
– अगर कई रेखाएं एक-दूसरे को काट रही हैं तो ये भी रक्तचाप की शिकायत होने का सूचक है.

हाथ की रेखाओं से अन्य बीमारियां का पता भी लगाया जा सकता है

– जब जीवनरेखा छोटे-छोटे टुकड़ों से बनी हो या जंजीरनुमा हो और स्वास्थ्य रेखा गहरी हो तो जीवनभर उसके रोगी बने रहने की संभावना है और उसे हमेशा सावधानी बरतनी होगी.
– जब स्वास्थ्य रेखा केवल मस्तिष्क रेखा और हृदय रेखा के बीच में गहरी बनी हुई हो या मस्तिष्क रेखा के ऊपर तथा नीचे एक द्वीप बनाती हो तो वह इस बात का संकेत है कि जातक किसी मानसिक रोग का शिकार होगा.
– जब जीवनरेखा टूटी हुई हो और स्वास्थ्य रेखा और उसकी कोई शाखा उस टूटे हुए भाग में जाती हो तो मृत्यु का स्पष्ट संकेत मिलता है.
– जब स्वास्थ्य रेखा जीवनरेखा से दूसरी ओर को मुड़ती हुई प्रतीत हो तो किसी भी आशंकित रोग से वह पूर्णतया छुटकारा पा जाएगा. ये रेखा लंबी आयु की सूचना देती है.
इसके अलावा नाखूनों की स्थिति देखकर भी रक्तचाप का पता लगाया जा सकता है.
– अगर नाखून की जड़ में अर्धचंद्र न हो तो ये रक्तचाप का संकेत है.
– बड़े नाखूनों पर चंद्रमा की उपस्थिति रक्तचाप की ओर इंगित करती है.
– नाखून नीले अथवा पीले हों तो उस व्यक्ति के रक्तचाप से पीड़ित होने की संभावना हो सकती है.

अन्य बीमारियां

– अगर नाखून छोटे ओर गोल हों और उसमें चंद्रमा न हो, लेकिन स्वास्थ्य रेखा गहरी बनी हो तो यह हृदय रोग का निश्‍चित लक्षण है.
– यदि नाखून लंबे और बादाम के आकार के हों और स्वास्थ्य रेखा में कहीं पर द्वीप चिह्न हो तो जातक को क्षय रोग होने की संभावना होती है.
– यदि नाखून सपाट और सीप के आकार के हों और साथ ही स्वास्थ्य रेखा गहरी हो तो लकवा होने की संभावना होती है.