पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या गर्भधारण के लिए फॉलिक एसिड की सलाह सही है? (Personal Problems: why you need Folic Acid in Pregnancy?)

मैं 32 वर्षीया महिला हूं. हाल ही में यूरिन प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉज़िटिव आने पर डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड की सलाह दी. रिपोर्ट के एक हफ़्ते बाद उन्होंने दोबारा अल्ट्रासाउंड करवाया, तो पता चला कि भ्रूण का विकास नहीं हो रहा (ब्लाइटेड ओवम), इसलिए प्रेग्नेंसी टर्मिनेट करनी पड़ेगी. मेरा मेडिकल एबॉर्शन हुआ और डॉक्टर ने अगले तीन महीने फैमिली प्लानिंग और फॉलिक एसिड (Folic Acid) खाने की सलाह दी है. क्या यह सलाह सही है?
– स्वाति सक्सेना, दिल्ली.

आपके मामले में ओवम में ख़राबी के कारण भ्रूण का विकास नहीं हुआ, जिसे ब्लाइटेड ओवम कहते हैं. जी हां, ऐसे मामलों में आमतौर पर अगली प्रेग्नेंसी प्लान करने के लिए तीन महीने की फैमिली प्लानिंग की सलाह दी जाती है. फॉलिक एसिड (Folic Acid) महिलाओं की सेहत के लिए बहुत फ़ायदेमंद होता है. यह गर्भाशय को बेहतर बनाता है, ताकि गर्भधारण सही तरी़के से हो सके. साथ ही यह नवजात शिशु को न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट्स से भी बचाता है.

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Folic Acid in Pregnancy

मैं एक प्रेग्नेंट महिला हूं. 7वें हफ़्ते में अल्ट्रासाउंड करने पर भ्रूण की हार्टबीट सुनाई नहीं दी, तो डॉक्टर ने सर्जिकल एबॉर्शन की सलाह दी है, जिसके लिए मुझे एडमिट होना होगा, क्योंकि मेरी पिछली डिलीवरी सीज़ेरियन थी, जबकि ऐसे ही मामले में मेरी एक सहेली को सिर्फ़ दवा दी थी, जो उसे अपनी योनि में रखनी थी और अगले 24 घंटों में उसकी प्रेग्नेंसी टर्मिनेट हो गई थी. क्या वह दवा स़िर्फ नॉर्मल डिलीवरी में दी जाती है?

– रजनी कमानी, हैदराबाद.

एबॉर्शन मेडिकली (दवा से) या सर्जिकली (ऑपरेशन से) दो तरह से किया जाता है. सीज़ेरियन के बाद आपके गर्भाशय में घाव का निशान पड़ जाता है, जिसमें मेडिकल एबॉर्शन की सलाह नहीं दी जाती, क्योंकि दवा गर्भाशय को नुक़सान पहुंचा सकती है. इसकी सलाह स़िर्फ उन  महिलाओं को दी जाती है, जिनकी पहले नॉर्मल डिलीवरी हो चुकी हो.  आपको डॉक्टर ने बिल्कुल सही सलाह  दी है.

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प्रेग्नेंसी में कितना फ़ायदेमंद है फॉलिक एसिड?

  • यह सिंथेटिक विटामिन बी9 है, जिसे फोलेट भी कहते हैं. अगर आप प्रेग्नेंट हैं या कंसीव करना चाह रही हैं, तो रोज़ाना अपने खाने में फॉलिक एसिड शामिल करें.
  • यह बच्चों को न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट्स, रीढ़ की हड्डी तथा मस्तिष्क से जुड़ी कई जन्मजात बीमारियों से बचाता है.
  • गर्भावस्था में फॉलिक एसिड की कमी न होने दें, वरना गर्भपात का ख़तरा बढ़ सकता है.
  • पालक, सोया, बींस, मटर, कॉर्न, गाजर, फूलगोभी, भिंडी, अलसी, कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज, मूंगफली, बीटरूट, सिट्रस फ्रूट्स आदि फॉलिक एसिड के गुणों से भरपूर हैं. इन्हें अपने भोजन में शामिल करें.
डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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