जब रश्मिका मंदाना ने विजय देवरकोंडा से शादी की थी तब हर तरफ़ उनकी शादी के बेइंतहा चर्चे हुए थे. हर किसी ने जोड़े को अपना प्यार और बधाइयां दी थीं. लेकिन कभी-कभी आपके स्टेटमेंट से कुछ इस तरह की ग़लतफ़हमियां जन्म ले लेती हैं, जिन्हें संभालना मुश्किल हो जाता है. यही रश्मिका-विजय के साथ भी हो रहा है.
वहीं विजय देवरकोंडा ने भी रश्मिका के साथ एक प्यारी सी ब्लैक एंड व्हाइट फोटो के साथ वो वीडियो भी शेयर किया जिसमें वे रश्मिका को बांहों में उठाए घर में चक्कर लगा रहे हैं और दोनों ही अपने लव और बॉन्डिंग का जश्न भी मना रहे हैं.
अब आते हैं असल मुद्दे पर जहां रश्मिका ने नफ़रत फैलानेवाले और आलोचना करनेवाले को मुंहतोड़ जवाब दिया है, पर इसी के साथ अपने प्रशंसकों पर भी ढेर सारा प्यार लुटाया और साथ व प्यार के लिए तहेदिल से उनका शुक्रिया भी अदा किया है.
रश्मिका मंदाना अपने ज़बर्दस्त खुले पत्र में कहती हैं-
इंटरनेट पर मौजूद मेरे प्यारे लोगों,
उन सभी के लिए जो दिल से प्यार करते हैं, और उनके लिए भी जो हमेशा कड़वाहट से भरे रहते हैं. मुझसे और विज्जू से जुड़े इस पूरे मामले पर मेरी छोटी सी राय. आमतौर पर मैं ऐसी बातों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देती, क्योंकि हर किसी को अपनी राय रखने का हक़ है. कभी-कभी तो मुझे लोगों के विचार पढ़ने और एक अलग नज़रिया जानने में मज़ा भी आता है. लेकिन हमारे इंटरव्यू को लेकर अभी जो हंगामा मचा है, उसे देखकर ऐसा नहीं लगता कि लोग बस अपनी राय दे रहे हैंे, बल्कि ऐसा लगता है मानो कोई नाराज़ भीड़ किसी ऐसे इंसान को ढूंढ़ रही है, जिस पर वे अपना ग़ुस्सा निकाल सकें. इस पूरे मामले में असल बात कहीं खो गई है. शायद यह आपके नज़रिए में फिट नहीं बैठी या हो सकता है कि आपमें से कुछ लोग इसे देखना ही नहीं चाहते. मैं यह इसलिए लिख रही हूं, क्योंकि मैं उन लोगों की रक्षा करना चाहती हूं, जो प्यार में यक़ीन रखते हैं और मुझे उम्मीद है कि हर कोई अपने तरी़के से ही प्यार को पा सकेंगे.
हमारे सभी प्रोफाइल्स पर मेरे और आपके दोनों के बिना मांगे ही राय, कमेंट्स और सलाह की बौछार कर दी गई. जिस तरह से लोगों ने हम पर अपनी बातें थोपीं, उससे मैं सच में थोड़ी हिल गई. मुझे लगा आख़िर ये सब क्या चल रहा है? इसलिए मैंने थोड़ा पीछे हटकर इस बारे में सोचा और अब मैं अपनी ज़िंदगी को लेकर अपनी बात रखना चाहती हूं.
सबसे पहली बात यह कभी भी इस बारे में नहीं था कि कितनी बार बात हुई या पूरा एक साल लग गया. (शो में रश्मिका ने खुलासा किया था कि विज्जू को शादी के लिए हां कहने सालभर लग गया था).
यहीं पर आप में से कुछ लोग उलझ गए. हां, हमारी बातचीत हुई थी. लेकिन हममें से कोई भी किसी बहुत बड़े या दिखावटी प्रपोज़ल की उम्मीद नहीं कर रहा था. बातचीत इस बारे में थी कि हम दोनों एक-दूसरे को समझने के लिए समय लें और एक-दूसरे को जानें. हम यह पक्का करना चाहते थे कि ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव,ख़ुुशियों और तनावों के बावजूद, हम सच में यही चाहते हैं और क्या यह इसके लिए सही समय है और हमने ऐसा ही किया. हमने एक-दूसरे को चुना.
और मेरी कुछ स्वीट गर्लस के लिए… जो दूसरी महिलाओं की चिंता करने का दिखावा करते हुए रील्स बना रही हैं. मुझे वहां से भाग जाने के लिए कह रही हैं और मुझे सुरक्षित रखने के लिए मुफ़्त में रिलेशनशिप की सलाह दे रही हैं. आपका शुक्रिया!
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सच में, लेकिन काश, आपमें से कुछ लोग कुछ साल पहले वहां होते, जब हालात सच में बहुत, बहुत मुश्किल थे. तब आप वहां नहीं थीं. वह (मेरे पति) वहां थे और आज भी मेरे साथ हैं.
इस समय, मैं अपनी ज़िंदगी में सबसे ज़्यादा ख़ुश हूं और मुझे उम्मीद है कि आप इसे मेरे चेहरे पर देख सकती हैं- शादी के बाद से मुझे जो ख़ुशी मिली है, उसमें मेरी परफॉर्मेंस में, मेरी फिल्मों में और बस मेरे जीने के तरी़के में. मैं ख़ुश हूं. मैं संतुष्ट हूं. मैं बहुत ख़ुशनसीब हूं और यह बात सच में थोड़ी अजीब है कि कुछ लोग अपनी ज़िंदगी के बारे में मेरी कही बातों पर यक़ीन करने की बजाय इंटरनेट पर फैलाई गई मनगढ़ंत कहानियों, गुमराह करने वाले एडिट्स और सरासर झूठ पर ज़्यादा भरोसा करते हैं.
यह ठीक है कि मुझे बिल्कुल पता था कि मुझे क्या चाहिए और यह भी बिल्कुल ठीक है कि उन्हें जीवन की व्यावहारिक बातों पर सोचने और पूरी तरह आश्वस्त होने के लिए समय चाहिए था. इससे हमारे प्यार में कोई बदलाव नहीं आया. मैं पूरी तरह से भावनाओं से चलती हूं और वे हर बात को सोच-समझकर तय करते हैं. और हम दोनों को एक-दूसरे के जीवन में इसी संतुलन की ज़रूरत है. हमारे लिए शादी का मतलब कभी भी कोई प्रपोज़ल, घुटनों के बल बैठकर अंगूठी पहनाना या उंगली में अंगूठी डालना नहीं रहा. ये तो बस सजावट की बातें हैं.
हमारे लिए इसका असली मतलब एक साथ मिलकर अपना जीवन और भविष्य बनाना था. और मुझे लगता है कि हमने अब तक इसे बहुत ख़ूबसूरती से निभाया है. कोई ऐसा इंसान ढूंढ़ें जिसके लिए आप किसी भी हद तक जा सकें और जो आपके लिए भी वैसा ही करें. और हां, मैं अपने जीवनसाथी को लेकर पूरी तरह दीवानी हूं. भला यह कोई बुरी बात कैसे हो गई? अगर मैं उस इंसान से प्यार ही नहीं करती. जिससे शादी कर रही हूं तो फिर मैं उससे शादी ही क्यों करूंगी? वे जीवनभर मेरे साथी रहेंगे. आम दिनों में भी और ख़ास पलों में भी, वे मेरे दोस्त रहेंगे. मेरे बच्चों के पिता.
वह इंसान जिसके साथ मैं बुढ़ापे तक रहूंगी. कोई ऐसा इंसान ढूंढ़ें, जो आपसे इतनी ख़ूबसूरती से प्यार करे कि शादी के बाद भी, आपका मन करे कि आप उनसे कहें, चलो, शादी कर लेते हैं. मैं ऐसा हज़ारों बार कर सकती हूं- 100 बार तो बहुत छोटी संख्या है. (शो में विजय ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा था कि रश्मिका को मुझे सौ बार प्रपोज करनू पड़ा.) बात सच में इतनी ही सरल है.
और उन लोगों के लिए, जो अपनी ही बनाई धारणाओं में पूरी तरह अंधे हो चुके हैं… हम दोनों ने अपनी ज़िंदगी अपनी शर्तों पर, अपनी पसंद से और अपनी कड़ी मेहनत से बनाई है. हम समझदार और सक्षम इंसान हैं, जिन्हें यह आज़ादी और अधिकार मिला है कि हम तय करें कि हमें कैसे जीना है और किसके साथ अपनी ज़िंदगी बितानी है और हमने एक-दूसरे को चुना है. हम हमेशा, बार-बार एक-दूसरे को ही चुनते रहेंगे- आख़िर तक. अगर हमारा प्यार आपकी उस कल्पना में फिट नहीं बैठता कि प्यार कैसा होना चाहिए तो कोई बात नहीं, है ना? आप अपनी उस ख़ूबसूरत कल्पना को अपनी ज़िंदगी में जिएं. मैं हर उस इंसान के लिए ख़ुश रहूंगी, जो अपनी ज़िंदगी में ख़ुश है. कम से कम इतनी कोशिश तो हम सभी को करनी ही चाहिए.
जब मेरी कोई हड्डी टूट जाती है तब आप वहां नहीं होते. वह होता है. जब हर महीने मेरे पेट में दर्द होता है तब आप वहां नहीं होते. वह होता है. जब मैं आधी रात को घबराहट के कारण जाग जाती हूं तब आप वहां नहीं होते. वह होता है. और जब मैं उदास महसूस करती हूं, मुझे सलाह चाहिए होती है, सुरक्षा चाहिए होती है, सुकून चाहिए होता है या साथ चाहिए होता है- तब आप वहां नहीं होते (या नहीं थे). वह हमेशा साथ होता है. कोई ऐसा इंसान होना, जो आपका हौसला बढ़ाए, आप पर ढेर सारा प्यार लुटाए, आपकी रक्षा करे, आपका ख़्याल रखे और आपकी हर जीत का जश्न मनाए- मुझे बस यही प्यार चाहिए और यह मुझे मिला है. इसलिए कृपया मेरे या उसके बारे में चिंता न करें.
मैं दिल से यही चाहती हूं और प्रार्थना करती हूंं कि आपको भी कोई ऐसा इंसान मिले, जिससे आप प्यार करें और जो आपसे भी उतनी ही गहराई से प्यार करे. और अगर आप अपने लिए ऐसा नहीं चाहते तो भी कोई बात नहीं. बस ऐसी ज़िंदगी जिएं, जिससे आपको ख़ुशी मिले. दोनों ही स्थिति में, मैं आपके लिए ख़ुश रहूंगी.
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और एक बात… मेरे बारे में जितना चाहे बुरा-भला कह लो. मैं यह सब झेल सकती हूं, लेकिन मेरे परिवार के बारे में, उन्हें जाने बिना कुछ कहना? यह फेमिनिज़्म नहीं है. यह फेमिनिज़्म के नाम पर की जाने वाली बदमाशी है. फेमिनिज़्म का मतलब कभी भी किसी और को नीचा दिखाना या ख़ुद को श्रेष्ठ साबित करना नहीं रहा है, चाहे आप पुरुष हों या महिला. इसका असली मतलब हमेशा अपनी ज़िंदगी ख़ुद चुनने की आज़ादी होना और अपनी ज़िंदगी की बागडोर अपने हाथों में लेना रहा है. मैंने अपनी ज़िंदगी की बागडोर अपने हाथों में ली और बदले में मुझे ढेर सारा प्यार मिला.
और मेरे कुछ कन्नडिगा दोस्तों के लिए… वाह यह जानकर बहुत अच्छा लगा कि दस साल बीत जाने के बाद भी मैं आप लोगों के दिलों में इतनी गहराई से बसी हुई हूं, इतने लंबे समय के बाद भी आप मुझे याद करके जश्न मना रहे हैं… सच में, मैं बहुत ख़ुशनसीब हूं! उन सभी को मेरा प्यार, जो प्यार और ख़ुशी का जश्न मनाते हैं और बाकी सभी लोगों से… कृपया कुछ ऐसा ढूंढें, जिससे आपको भी ख़ुशी मिले.
इस तरह रश्मिका मंदाना न केवल अपने विरोधियों को करारा जवाब दे दिया, बल्कि अपने फैंस पर भी भरपूर प्यार लुटाया, विशेषकर कन्नड प्रशंसकों पर.
विजय देवरकोंडा ने भी पत्नी रश्मिका मंदाना का साथ देते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर छोटी सी पर सटीक बात कही. साथ ही अपने मेल ईगो की भी झलक दी. वे कहते हैं-
मेरी सबसे अच्छी दोस्त, मेरी पत्नी, मेरी जीवनसंगिनी. मेरी ज़िंदगी के सबसे ख़ूबसूरत हिस्सों में से एक, जिसे मैंने बिल्कुल सही चुना है. वह जो लोग हमारी चिंता करते हैं, उन्हें बता दूं कि हम दोनों बहुत ख़ुश हैं. मैं ख़ुद को बहुत ख़ुशनसीब मानता हूं अगर पूरी दुनिया एक तरफ़ हो और हम दोनों दूसरी तरफ़ तो ऐसा ही सही व उन सभी लोगों को बहुत सारा प्यार जो प्यार का जश्न मनाते हैं और सादगी से ख़ुशी-ख़ुशी जीना जानते हैं. वह और अब, बिना किसी लिहाज या सम्मान के, बाकी सब लोग भाड़ में जाएं. :)) देवरकोंडा विजय साई.
विजय का यह अंदाज़ उनके फैंस को ख़ूब भाया. अब आप भी समझ गए होंगे कि वाकई में रश्मिका-विजय एक-दूजे के लिए ही बने हैं. हैप्पी कपल!


