बर्थडे स्पेशल: फिर याद आए ‘रुस्तम-ए-हिन्द’ दारा सिंह (Remembering Dara Singh on his birthday, 13 facts about Rustam-e-Hind)

Dara Singhआज रुस्तम-ए-हिंद दारा सिंह (Dara Singh) का जन्मदिन है. 19 नवंबर, 1928 को पंजाब के अमृतसर के धरमूचक में दारा सिंह रंधावा का जन्म हुआ. पहलवानों को धूल चटाने वाले दारा सिंह ने न सिर्फ़ पहलवानी में अपना लोहा मनवाया, बल्कि बॉलीवुड में भी कामयाबी हासिल की. आइए, उनके जन्मदिन के मौक़े पर उनके बारे में कुछ रोचक बातें जानते हैं.Dara Singh

  • दारा सिंह ने लगभग 500 कुश्तियां लड़ीं और एक भी नहीं हारे.
  • साल 1954 में वो भारतीय कुश्ती चैंपियन बने, इसके बाद कॉमनवेल्थ चैंपियन बने.
  • दारा सिंह को साल 1954 में रुस्तम-ए-हिंद और 1966 में रुस्तम-ए-पंजाब से नवाज़ा गया.
  • 1968 में दारा सिंह वर्ल्ड चैंपियन बने.
  • विश्व चैंपियन किंग कॉन्ग भी दारा सिंह के सामने टिक नहीं पाया. 200 किलो के किंग कॉन्ग को उन्होंने ने धूल चटा दी.
  • दारा सिंह को दो पहलवानों, कनाडा के जॉर्ज गार्डियंका और न्यूज़ीलैंड के जॉन डिसिल्वा ने कुश्ती लड़ने की खुली चुनौती दी थी, दारा सिंह ने चुनौती एक्सेप्ट की और दोनों को मुकाबले में हरा दिया.
  • दारा सिंह ने 100 से ज़्यादा फिल्मों में काम किया है. साल 1952 में उनकी पहली फिल्म संगदिल थी, लेकिन इसके बाद रिलीज़ हुई फिल्म किंग कॉन्ग से उन्हें पहचान मिली.
  • ऐक्ट्रेस मुमताज़ ने दारा सिंह के साथ 14 फिल्में की थीं.
  • दारा सिंह पहले हीरो माने जाते हैं, जिन्होंने बड़े पर्दे पर पहली बार शर्ट उतारी थी.
  • रामायण धारावाहिक से दारा सिंह हनुमान के रूप में घर-घर पहुंचे और लोगों के दिलों में बस गए.
  • दारा सिंह 2003 से 2009 तक राज्य सभा के सांसद भी रहे.
  • 83 साल की उम्र में 12 जुलाई 2012 को मुंबई में अपने निवास स्थान दारा विला में उन्होंने अंतिम सांस ली.

दारा सिंह भले ही हम सब के बीच न हों, लेकिन उनकी यादें हमेशा रहेंगी.