यूं तो हर विषय पर फिल्में बनती रहती हैं. लेकिन कुछ विषय ऐसे भी होते हैं, जो दिल को छूते हैं, साथ ही जोश, जुनून और कुछ कर गुज़रने का जज़्बा भी पैदा करते हैं. ऐसी ही टीचर के तौर पर बनी कुछ फिल्में और कलाकारों पर एक नज़र डालते हैं, जिन्होंने अपने अभिनय से दर्शकों के बीच जादू बिखेरा था.

सुपर 30
ऋतिक रोशन की ‘सुपर 30’ से लेकर आमिर खान की ‘तारे ज़मीन पर’ तक एक से एक पढ़ने, सीखने और प्रेरणा से ओतप्रोत संवेदनशील और ख़ूबसूरत फिल्में बनीं. ‘सुपर 30’ रीयल लाइफ में मशहूर गणित के शिक्षक आनंद कुमार पर बनी थी. उनके व्यक्तित्व को बख़ूबी पर्दे पर जिया था ऋतिक रोशन ने. कैसे एक टीचर बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए उन्हेंे अपने ख़र्चे और दम पर पढ़ाता और क़ाबिल बनाता है. दरअसल, गणितज्ञ आनंद कुमार गरीब बच्चों को आईआईटी की परीक्षा के लिए तैयार करते हैं. फिल्म में ऋतिक की बेमिसाल एक्टिंग ने लोगों का दिल जीत लिया था, वहीं विकास बहल का निर्देशन भी कमाल का था.
यह भी पढ़ें: विदेश से अनुपम खेर ने जन्माष्टमी की दी बधाई (Anupam Kher extends Janmashtami greetings from abroad)

तारे ज़मीन पर
आमिर खान मिस्टर परफेक्शनिस्ट के नाम से जाने जाते हैं. वे कोई भी फिल्म या प्रोजेक्ट लेते हैं, तो उसमें रम से जाते हैं, जिसे देखनेवाला कह उठता है कि भई इस रोल के लिए ये ही बने थे, कोई दूसरा होता तो इसके साथ शायद न्याय नहीं कर पाता. ऐसी ही फिल्म थी आमिर की ‘तारे ज़मीन पर’.
फिल्म का कॉन्सेप्ट इतना बढ़िया था कि हर पैरेंट्स को यह फिल्म अपने दिल के क़रीब लगी. इसमें सभी कलाकारों का अभिनय, गाने और संगीत सब कुछ लाजवाब था. जाने कितने पैरेंट्स और स्टूडेंट ने इसे ख़ुद से रिलेट किया होगा. आमिर फिल्म के हीरो होने के साथ-साथ निर्माता-निर्देशक भी थे. लेकिन कह सकते हैं कि पूरी फिल्म की लाइमलाइट ईशान यानी दर्शिल सफारी लूट ले जाते हैं. उनका भोलापन, अदाकारी और आमिर के साथ शिक्षक-छात्र की टयूनिंग देखते ही बनती है. कैसे एक संवेदनशील आर्ट टीचर डिस्लेक्सिया से पीड़ित बच्चे में छिपे टैलेंट को देखता व पहचानता है, तमाम टीचर-पैरेंट्स को प्रेरणा देता है.
इस फिल्म का मां… गाना जिसे शंकर महादेवन ने कुछ इस तरह गाया कि हर आंखें नम हो गईं. उन्हें इस गाने के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला था. आमिर खान मल्टी टेलैंटेड आर्टिस्ट हैं, इसी फिल्म में उन्होंने अपने गायन का भी कमाल शान के साथ बम बम बोले… सॉन्ग में दिखाया था. जब कभी टीचर-स्टूडेंट के बॉन्डिंग की बात आती है, तो इस फिल्म को ज़रूर याद किया जाता है.

ब्लैक
संजय लीला भंसाली निर्मित-निर्देशित फिल्म ‘ब्लैक’ ने तो एक अलग ही दुनिया रच दी थी. गुरु-शिष्या की अनोखी जोड़ी के रूप में निखरे और चमके थे अमिताभ बच्चन और रानी मुखर्जी. टीचर देबराज सहाय के रूप में अमिताभ बच्चन एक ऐसे शिक्षक के रूप में पर्दे पर दिखाई दिए थे, जो अपनी स्टूडेंट जो बचपन में बीमारी के कारण अंधी-बहरी हो गई है, को पढ़ाने-सिखाने के काबिल बनाने के लिए अद्भुुत कला का नज़ारा प्रस्तुत करते हैं.
वहीं कह सकते हैं कि रानी मुखर्जी की सबसे बेहतरीन फिल्मों में से एक है ब्लैक. उन्होंने अंधी-बहरी लड़की के क़िरदार को सशक्त रूप से निभाने के लिए बकायदा बधिरों के स्कूल में जाकर ट्रेनिंग ली थी. इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की थी.
वैसे रानी मुखर्जी ने ‘हिचकी’ फिल्म में नैना शिक्षिका के रूप में भी उम्दा अभिनय किया था. इसमें वे टयूरेट सिंड्रोम से पीड़ित एक टीचर रहती हैं, जोे अंडरप्रिवलेज यानी वंचित बच्चों को पढ़ाकर उनकी काबिलियत साबित करती हैं.
‘ब्लैक’ मूवी का सबसे संवेदनशील पहलू है जब रानी पढ़-लिख कर कुछ बन जाती हैं तब उनके शिक्षक अल्ज़ाइमर के कारण भूलने लगते हैं. ऐसे नाज़ुक मोड़ पर शिष्या अपने गुरु का मार्गदर्शक बनती है.
संजय लीला भंसाली अपनी हर फिल्म में बहुत कुछ अछूते पहलुओं को हमेशा ही उगागर करते रहे हैं. फिर चाहे वो उनकी ‘ख़ामोशी- द म्युज़िकल’ फिल्म हो या फिर ‘गुज़ारिश’.
टीचर पर बनी कुछ दिलचस्प फिल्में…

मोहब्बतेंः शाहरुख खान, राज आर्यन म्यूज़िक टीचर के रूप में गुरुकुल के अमिताभ बच्चन को कड़ी टक्कर देते हैं और मोहब्बत का पाठ पढ़ाते हैं. वैसे शाहरुख खान ‘चक दे इंडिया’ मूवी में कोच के रूप में भी अनुशासन के साथ-साथ दिल की बात सुनना सिखाते हैं.

थ्री इडियट्सः बोमन ईरानी का प्रोफेसर-डायरेक्टर वीरू सहस्रबुद्धे के रूप में अविस्मरणीय रोल भला कौन भूल सकता है.
ये एक्टर्स असल ज़िंदगी में रह चुके हैं टीचर…

– आर. माधवन फिल्मों में आने से पहले असल ज़िंदगी में पब्लिक स्पीकिंग व पर्सनैलिटी डेवलपमेंट के टीचर थे. मज़ेदार पहलू यह भी है कि उन्हें अपनी ही स्टूडेंट से प्यार हो गया, जिससे बाद में उन्होंने शादी कर ली.

– फिल्मों में आने से पहले अक्षय कुमार मार्शल आर्ट्स सिखाते थे.
– एक्टर बनने से पहले कादर खान कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर रहे थे.

– हीरो बनने से पहले चंद्रचूड़ सिंह देहरादून की स्कूल में म्यूज़िक टीचर थे.

– अभिनेत्री कियारा आडवाणी बॉलीवुड में आने से पहले प्ले स्कूल में बच्चों को पढ़ाती थीं.

– अभिनय से पहले नंदिता दास आंध्र प्रदेश के स्कूल में बच्चों को पढ़ाती थीं.

– सानिया मल्होत्रा पेशेवर डांस टीचर रही हैं.
