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किसी को न दें ये 8 चीज़ें, अपने क़रीबी को भी नहीं (Things You Should Never Share, Even With Your Partner)

यह तो हम सभी जानते हैं कि कंधी व टूथब्रश किसी के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए, लेकिन इनके अलावा भी ऐसी बहुत-सी पर्सनल चीज़ें हैं, जो आपको किसी को भी नहीं देना चाहिए, यहां तक कि अपने बेहद क़रीबी को भी. हम आपको कुछ ऐसी चीज़ों की लिस्ट दे रहे हैं, जिनका इस्तेमाल स़िर्फ व स़िर्फ आपको करना चाहिए और साथ ही इन्हें साफ़-सुथरा भी रखना चाहिए. लिपग्लॉस और लिपस्टिक Things You Should Never Share अक्सर ऐसा होता है कि आपकी फ्रेंड लिपस्टिक लाना भूल जाती है और आप तुरंत उसे अपनी लिपस्टिक या लिपग्लॉस ऑफर कर देती हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए. लिपस्टिक व लिपग्लॉस शेयर करने से हर्पस व फंगल इंफेक्शन जैसी बीमारियां आसानी से ट्रान्सफर हो सकती हैं. हर्पस एक प्रकार का इंफेक्शन है, जो हर्पस नामक वायरस के कारण फैलता है. भले ही हर्पस से पीड़ित व्यक्ति के बॉडी या मुंह पर रैश या घाव इत्यादि न हो या ठीक हो गया हो, फिर भी इसका वायरस मुंह के म्युकस और लार में लंबे समय तक मौजूद रहता है. ऐसे में हर्पस से पीड़ित महिला की लिपस्टिक इस्तेमाल करने पर वो आसानी से फैल सकता है. अतः दूसरे को लिपस्टिक देने से बचें. अफ़सोस की बात यह है कि हर्पस का 100 फ़ीसदी असरदार इलाज़ नहीं है. अगर आप पर हर्पस वायरस ने अटैक किया हो तो ठीक हो जाने के बाद पुरानी लिपस्टिक फेंक दें और नई ख़रीदें. ये भी पढ़ेंः सही खाना ही नहीं, सही समय पर खाना भी है ज़रूरी ईयरफोन्स Things You Should Never Share हर व्यक्ति के ईयरवैक्स में यूनीक बैक्टीरियरल फ्लोरा बैलेंस होता है. ऐसे में ईयरफोन शेयर करने पर यह बैलेंस को डिस्टर्ब हो जाता है. जिसके कारण ईयर इंफेक्शन होने का ख़तरा बढ़ जाता है. ईयरफोन से ईयरवैक्स हटाने के लिए रूई को हाइड्रोजन पेरॉक्साइड में डुबोकर ईयरफोन को साफ़ करें. बहुत ज़्यादा लिक्विड मत लगाएं, नहीं तो ईयरफोन ख़राब हो सकता है. अगर आप बहुत ज़्यादा ईयरफोन का इस्तेमाल करती हैं, जो हफ़्ते में एक बार अवश्य साफ़ करें. हेयर क्लिप्स और कर्लर हममें से ज़्यादातर लोग यह जानते हैं कि अपनी कंघी दूसरे के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए, लेकिन यह बात सभी हेयर ऐक्सेसरीज़ पर लागू होती हैं, ख़ासतर पर जो स्कैल्प के संपर्क में आते हैं. फंगी व जुएं हेयरबैंड, कंघी, कर्लर व रबर से भी फैल सकते हैं. कर्लर व मेटल क्लिप्स को महीने में दो बार साबुन के पानी से धोएं और फिर सूखने के बाद अच्छे से पोछें. डियोड्रेंट्स व रोल ऑन्स हालांकि डियोड्रेंट्स में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, लेकिन डियोड्रेंट का जो हिस्सा शरीर के संपर्क में आता है, उसमें बैक्टीरिया हो सकता है. आपको बता दें कि हमारे पसीने में बदबू बैक्टीरिया की वजह से आती है. ऐसे में बदबू मिटाने के लिए जब हम डियोड्रेंट लगाते हैं तो बैक्टीरिया ट्रान्सफर हो सकता है. अतः बेहतर होगा कि नहाने के तुरंत बाद डियोड्रेंट लगाए, क्योंकि उस व़क्त हमारा शरीर फ्रेश होता है. अगर दोबारा डियो लगाने हो तो पहले आर्मपिट को टिशू से पोछें और फिर डियो लगाएं. ये भी पढ़ेंः इन 9 मेडिकल इमर्जेंसी की स्थिति में क्या करें? तौलिया तैलिया का काम हमारे शरीर से पानी व मॉइश्‍चर को सोंखना है. यही वजह है कि बाथरूम के अंदर उष्ण तापमान गीले तैलिए को बैक्टीरिया व फंगस पनपने के लिए परफेक्ट बना देता है. तैलिया इस्तेमाल करने के बाद उसे बाथरूम में न छोड़ें. नहाने के बाद उसे बालकनी या किसी खुली जगह फैलाकर अच्छी तरह सुखाएं. 3-4 दिन बाद बदल दें. तौलिया धोने के बाद सुखाकर आयरन करना न भूलें. मैनिक्योर व कॉस्मेटिक ऐक्सेसरीज़ ट्विज़र, नेल क्लिपर्स, रेज़र व अन्य ऐक्ससरीज़ किसी के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए. इनका ज़्यादा इस्तेमाल करने पर इनकी सतहों पर ब्लड के माइक्रोस्कोपिक ड्रॉपलेट्स आ सकते हैं. ऐसे में दूसरे के साथ शेयर करने पर हर्पस व दूसरे तरह के फंगल इंफेक्शन्स हो सकते हैं. इन्हें इस्तेमाल करने के बाद एल्कोहल से पोछें. स्किन केयर ऐक्ससरीज़ चेहरे पर मेकअप के लिए इस्तेमाल की जाने वाली ब्रशेज़, स्पॉन्ज़ व मसाज रोलर्स को साफ़ करना आसान होता है, लेकिन बहुत दिनों तक इनका इस्तेमाल करने पर इन बैक्टीरिया एकत्रित हो सकते हैं, जिससे मुहांसे व चेहरे पर पपड़ी जमने की समस्या हो सकती हैं. अतः इनका इस्तेमाल करने के बाद इन्हें साबुन के पानी से साफ़ करें. दो-तीन महीने बाद बदल दें. इसे दूसरों पर शेयर करने की ग़लती न करें. इनडोर शूज़ Things You Should Never Share अक्सर मेहमानों को हम घर के अंदर इस्तेमाल किए जानेवाले चप्पल ऑफर कर देते हैं. ऐसा नहीं करना चाहिए. क्योंकि पैर में पसीने के कारण बैक्टीरिया व फंगस पनप जाते हैं. गीले पैरों पर चप्पल पहनने पर इनके पनपने के चांसेज़ ज़्यादा होते हैं. बेहतर होगा कि आप मेहमानों के लिए एक-दो जोड़ी चप्पल अलग से रखें. चप्पल को सूखा रखें व मगर मुमक़िन हो तो छह महीने में बदल दें. समय-समय पर चप्पल व जूतों को अंदर से विनेगर से साफ़ करें.  

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