दूर कीजिए सेक्स से जुड़ी 10 ग़लतफ़हमियां (Top 10 Sex Myths Busted)

कई बार ऐसा होता है कि एक पार्टनर सेक्स (Sex) चाहता है, लेकिन दूसरे की इसमें कोई दिलचस्पी नहीं होती. ऐसे में कई बार हफ़्तों व महीनों तक कपल्स सेक्स लाइफ़ (Sex Life) को एन्जॉय नहीं कर पाते. अगर आप भी इस तरह की समस्या से गुज़र रहे हैं, तो कामेच्छा में कमी के सही कारण और उससे जुड़ी ग़लतफ़हमियों की जानकारी रखना आपके लिए आवश्यक है. जानिए कामेच्छा (Libido) में कमी से जुड़े कुछ मिथकों (Myths) की सच्चाई.

Sex Myths

 

 

मिथक 1- बहुत ज़्यादा तनाव से सेक्सुअल डिज़ायर (कामेच्छा) में कमी आती है.

सच्चाई- यह बात पूरी तरह सच नहीं है. वैसे इस कॉम्पिटीशन के युग में स्ट्रेस से बचना मुश्किल है. काम का लोड, बॉस की झिड़की, प्रेजेंटेशन का प्रेशर, उस पर लंबे वर्किंग आवर्स तनाव को काफ़ी बढ़ा देते हैं. ऐसे में तनाव को सेक्सुअल डिज़ायर में कमी का कारण मान लिया जाता है. पार्टनर को ग़लतफ़हमी हो जाती है कि ये पहले की तरह मुझसे प्यार नहीं करते और मुझमें इनकी रुचि ही नहीं रह गई है. इसी बात पर कपल्स के बीच झगड़े शुरू हो जाते हैं. इन सब बातों का परिणाम यह होता है कि पुरुष अपनी सेक्सुअल पावर पर ही शक़ करने लगता है और स्थिति बिगड़ जाती है. वास्तव में वैवाहिक जीवन में सेक्स की तीव्र इच्छा में कमी के पड़ाव आते-जाते रहते हैं और इसके लिए तनाव को पूरी तरह दोषी नहीं माना जा सकता. अलबत्ता तनाव के अन्य कारण भी हो सकते हैं. व्यस्त लाइफ़स्टाइल और ख़ानपान की ग़लत आदतें भी सेक्स लाइफ़ पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं. कम्युनिकेशन गैप भी दिलों के बीच दूरियां बढ़ा देती हैं. इसलिए अपने पार्टनर से बात करें, रोज़ कम से कम उन बातों को शेयर करें जो आपको परेशान कर रही हैं. इससे तनाव काफ़ी कम हो जाएगा और आप रिलैेक्स महसूस करेंगे, फिर भी यदि लगे कि स्ट्रेस सेक्सुअल लाइफ़ पर हावी हो रहा है तो काउंसलर या सेक्स थेरेपिस्ट की सलाह लें.

मिथक 2- महिलाओं में कामेच्छा की कमी हार्मोेन्स के कारण होती है.

सच्चाई- अगर आप भी यही सोचते हैं कि महिलाओं के मूड और सेक्स की इच्छा के लिए हार्मोन्स ही ज़िम्मेदार हैं, तो यह ग़लत है. आपसी झगड़े, मनमुटाव और कम्युनिकेशन गैप भी इसका कारण हो सकता है. कामेच्छा में कमी का सबसे महत्वपूर्ण कारण है, नींद की कमी. हर व्यक्ति को कम से कम 6 से 7 घंटे सोना चाहिए. इसके अलावा हमारा मानसिक स्वास्थ्य, ग़लत ख़ान-पान और थकान भी इसके लिए उत्तरदायी हैं. महिलाओं में सेक्स की इच्छा इस बात पर निर्भर करती है कि उनके अपने पार्टनर के साथ कैसे संबंध हैं? जो महिलाएं हीनभावना या नकारात्मक सोच की शिकार होती हैं, उनकी कामेच्छा में कमी पाई गई है. अतः यह पुरुष पार्टनर की ज़िम्मेदारी बनती है कि उनके मन से यह नकारात्मक सोच निकाल फेंकें और उनका आत्मविश्‍वास बढ़ाएं. इसके लिए उन्हें आपस में बैठकर संवाद का पुल बांधना होगा ताकि उनके वैवाहिक संबंधों की गाड़ी आराम से आगे बढ़ सके.

मिथक 3- दवाइयों के प्रयोग से कामेच्छा जगाई जा सकती है.

सच्चाई- दवाइयों को हमेशा अंतिम विकल्प के रूप में रखना चाहिए, क्योंकि कई बार इनका उल्टा असर भी होता है. अतः सबसे पहले समस्या की जड़ तक जाएं. कारण ढूंढ़ें कि समस्या शारीरिक है, मानसिक है, शारीरिक बदलाव के कारण है या अन्य कोई वजह है. कई बार समस्या समझने से ही हल हो जाती है. आजकल की महिलाओं को पर्सनल और  प्रोफेशनल लेवल पर ख़ुद को साबित करना पड़ता है. ऑफ़िस में बॉस और काम का टेंशन, घर में बच्चों को संभालना व गृहस्थी की ज़िम्मेदारी, इन सबको बैलेंस करते-करते वे इतना थक जाती हैं कि सेक्स की इच्छा कहीं दबकर रह जाती है. पार्टनर यदि थोड़ी-बहुत ज़िम्मेदारी उठाए और ढेर सारा प्यार दे, तो समस्या आसानी से सुलझ सकती है. मगर हां, इसके लिए धैर्य ज़रूरी है.

मिथक 4- सेक्स एक अलग ही पावर है. शरीर में होनेवाले बदलावों से इसका कोई संबंध नहीं होता.

सच्चाई- यह धारणा बिल्कुल ग़लत है. वैसे भी पुरुष सेक्स को बहुत महत्व देते हैं. यदि कामेच्छा में कमी आती है तो वे परेशान हो जाते हैं और मूड बनाने के लिए कई बार सिगरेट व शराब का सहारा लेते हैं. दरअसल, इसका सेवन करने से शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं, जिसका असर कामजीवन पर पड़ता है. सिगरेट में अनेक प्रकार के विषैले पदार्थ होते हैं, जो नपुंसकता पैदा करते हैं. इसी तरह शराब के सेवन से भी सेक्सुअल डिज़ायर में कमी आती है, लेकिन अक्सर इन फैक्ट्स को नज़रअंदाज़ किया जाता है. स्वस्थ कामजीवन के लिए बेहतर होगा कि सिगरेट और शराब का सेवन न किया जाए.

मिथक 5- भावनात्मक अंतरंगता (जुड़ाव) हाई सेक्सुअल लाइफ़ के बराबर होती है.

सच्चाई- भावनात्मक अंतरंगता शेयर करनेवाले कपल्स अपने आपको सुरक्षित महसूस करते हैं, लेकिन कई बार इमोशनल इंटीमेसी इतनी बढ़ जाती है कि न तो उन्हें सेक्स की ज़रूरत महसूस होती है और न ही उनकी एक-दूसरे के प्रति पहले की तरह कामवासना जागती है. कामेच्छा की कमी की वजह से वे सेक्स का आनंद ठीक तरह से नहीं उठा पाते. यह बस एक रूटीन बनकर रह जाता है. ऐसा न हो इसके लिए दोनों पार्टनर्स को एक-दूसरे की पसंद का ख़्याल रखना होगा, कुछ ऐसा करें कि पार्टनर सेक्सी और रोमांटिक फील करे. बेडरूम का माहौल रूमानी बनाएं, धीमा-धीमा म्यूज़िक, कैंडल्स की हल्की-सी रोशनी और पार्टनर का सेक्सी लिबास एक-दूसरे के क़रीब आने के लिए मज़बूर कर देगा. कुछ दिनों के लिए घर से दूर किसी रोमांटिक जगह पर एक साथ बिताए पल भी जादू बिखेर देंगे.

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Sex Myths in Hindi
मिथक 6- एक पार्टनर सेक्स की इच्छा रखता है मगर दूसरा नहीं, तो दूसरे को अपना प्यार किन्हीं अन्य तरीक़ों से दिखाना चाहिए.

सच्चाई- यह सामान्य-सी समस्या है. पुरुष अक्सर अन्य तरी़के , जैसे- ग़िफ़्ट देकर या मीठी-मीठी बातें कर अपने पार्टनर का दिल बहलाने की कोशिश करते हैं. मगर वे भूल जाते हैं कि स्त्री ग़िफ़्ट से ़ज़्यादा प्यार करने से, बांहों में लेने से और किस करने से ख़ुश होती है. वह पार्टनर का स्पर्श चाहती है, क्योंकि यही स्पर्श उसे प्यार का एहसास कराता है. ध्यान रहे, अन्य किसी भी तरी़के से दिखाया गया प्यार शारीरिक समीपता का पर्याय हो ही नहीं सकता. इसलिए यदि कामेच्छा में कमी या सेक्स संबंधी कोई समस्या हो तो उसे छुपाने की बजाय पार्टनर से खुलकर कहें. इससे ग़लफ़हमियां नहीं होंगी और संबंध मधुर बने रहेंगे. अगर समस्या गहरी हो तो बेझिझक डॉक्टर की सलाह लें.

मिथक 7- एक पार्टनर की कामेच्छा में कमी से दूसरे पार्टनर का उसके प्रति प्यार कम होता जाता है.

सच्चाई- यह केवल वहम् है. ऐसा कुछ भी नहीं होता. समस्या से निबटने के लिए सबसे पहले तो यह पता लगाएं कि सेक्स की इच्छा में कमी के क्या कारण हैं? महिलाएं शादी के कुछ सालों बाद या बच्चे होने के बाद अक्सर मोटी हो जाती हैं और उनका आत्मविश्‍वास कम हो जाता है. उन्हें लगता है कि अब उनकी बॉडी सेक्सी नहीं रही, उनके पार्टनर क्या सोचेंगे? यही नकारात्मक सोच उनकी सेक्स में दिलचस्पी कम कर देती है. कई बार पुरुष भी मोटापे के शिकार हो जाते हैं. इससे उन्हें संबंध बनाने में परेशानी होती है. अक्सर पुरुष पेनिस के साइज़ को लेकर चिंतित रहते हैं. उन्हें लगता है कि वो पार्टनर को संतुष्ट नहीं कर पाएंगे, इससे भी सेक्स में रुचि कम हो जाती है. हालांकि मोटापे को डायट और नियमित व्यायाम के ज़रिए कंट्रोल में लाया जा सकता है, जबकि नकारात्मक विचारों को दूर करने के लिए साइको सेक्सुअलथेरेपिस्ट या काउंसलर की सलाह ली जा सकती है.

मिथक 8 – रिलेशनशिप में सेक्स ही प्रमुख है. इसी पर संबंधों का टिकना निर्भर होता है.

सच्चाई- शादीशुदा कपल्स अक्सर ऐसा सोचते हैं और उसी पर ध्यान केंद्रित करते हैं. एक पार्टनर के सेक्स से इंकार करने पर दूसरा पार्टनर नाराज़ हो जाता है, जिससे दोनों में दूरियां आ जाती हैं. हालांकि संबंधों को निभाने में सेक्स की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता परंतु इसके आगे भी कई फैक्ट्स होते हैं जिन पर रिलेशनशिप टिकी होती है, जिनमें भावनात्मक जुड़ाव (इमोशनल क्लोज़नेस) सबसे महत्वपूर्ण है. इसके अलावा एक-दूसरे की अन्य ज़रूरतों का ख़्याल रखना, एक दूसरे के प्रति प्यार और विश्‍वास संबंधों को मधुर बनाते हैं.

मिथक 9 – ड्रिंक करके सेक्स करने से सेक्स का मज़ा दुगुना हो जाता है.

सच्चाई- ड्रिंक करने (शराब पीने) के बाद सेक्स करने से सेक्स का मज़ा बढ़ जाता है, ये बात भी ग़लत है. दरअसल, ड्रिंक से सेक्स का कोई संबंध नहीं होता, बल्कि कई बार शराब का सेवन सेक्स के अनुभव से आपको वंचित कर देता है, तो कई बार शराब पीने से सेक्स का सारा मज़ा किरकिरा हो जाता है.

मिथक 10 – महिलाएं फैंटेसी सेक्स में शामिल नहीं होतीं.

सच्चाई- अगर आप भी ऐसा सोचते हैं, तो आप ग़लत हैं. सर्वे के अनुसार, पुरुष जिस तरह सेक्स क्रिया के दौरान फैंटेसी की दुनिया में खो जाते हैं, उसी तरह महिलाएं भी फैंटेसी की दुनिया में जाकर सेक्स क्रिया को एंजॉय करती हैं. हां, ये कहा जा सकता है कि इस मामले में पुरुषों की संख्या महिलाओं से अधिक है.

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