किस उम्र में लें कौन-से विटामिन्स अधिक?(Vitamin Needs At Every Age)

क्या आप बहुत थकान महसूस करते हैं? क्या आपको कोई भी काम करने में आलस महसूस होता है? यदि हां, तो हो सकता है आपके शरीर में विटामिन्स की कमी हो गई हो. तो आइए, जानते हैं कि किस उम्र में कौन-से विटामिन्स की कितनी ज़रूरत होती है.

विटामिन्स

क्या हैं विटामिन्स?

– ये वे पोषक तत्व हैं, जो शरीर के मेटाबॉलिज़्म को नियमित करते हैं.
– मुख्य विटामिन्स ए, बी, सी, डी, ई और के हैं.
– विटामिन ए, डी, ई और के शरीर में संचित रहते हैं और आवश्यकता पड़ने पर उपयोग में लाए जाते हैं.
– विटामिन बी और सी शरीर में संचित नहीं होते. इन्हें रोज़ाना लेना पड़ता है.
– स्वस्थ शरीर के लिए बैलेंस्ड डायट लेना बहुत ज़रूरी होता है, ताकि सारे विटामिन्स शरीर को मिल सकें.
– ख़ासकर महिलाओं को उम्र के हर दौर में, जैसेे- पीरियड, गर्भावस्था, बच्चे का जन्म, मेनोपॉज़ आदि से गुज़रते हुए कई ज़रूरी
विटामिन्स की आवश्यकता पड़ती है.
– सही खानपान यानी पौष्टिक भोजन न लेने से शरीर में अनेक परिवर्तन होते हैं, जिनसे शरीर में विटामिन्स और मिनरल्स की कमी हो जाती है. आइए जानते हैं डॉ. शिवप्रकाश मेहता से कि किस उम्र में कौन-से विटामिन्स हमें हेल्दी रखने में मददगार होते हैं.

विटामिन्स

20 से 30 की उम्र में

इस उम्र में समय कम होता है. उस पर पढ़ाई और नौकरी के काम का बोझ अधिक होता है. इससे जल्दबाज़ी में बहुत-से लोग सुबह का नाश्ता भी नहीं कर पाते. भूख लगने पर मीठा, तला-भुना, नमकीन, बिस्किट जो भी आसानी से मिल जाए, खा लेते हैं. इससे शरीर में फाइबर्स की कमी हो जाती है, जिससे कब्ज़ और पेट की अन्य समस्याएं होने लगती हैं. आगे चलकर हाई ब्लड प्रेशर भी हो सकता है.

कैल्शियम

– हमारे हृदय, मसल्स और नर्वस सिस्टम को सही रूप से कार्य करने के लिए कैल्शियम बहुत ज़रूरी है. इसकी कमी से हड्डियां कमज़ोर हो जाती हैं और उनमें फ्रैक्चर हो सकता है.
– 20 वर्ष की उम्र तक के बाद भी बोन डेंसिटी बढ़ती रहती है, इसलिए रोज़ाना हरी सब्ज़ियां, दूध, दही, छाछ, अंडे व फिश खाएं या फिर दिए गए कैल्शियम रिच फूड चार्ट में से कोई भी एक पदार्थ रोज़ाना खाएं.
– कई बार हमारा शरीर खाद्य पदार्थों से
मिलनेवाले कैल्शियम को अवशोषित नहीं कर पाता. इस स्थिति में डॉक्टर की सलाह से कैल्शियम सप्लीमेंट अवश्य लें.
– इस उम्र में रोज़ाना 500 से 800 ग्राम कैल्शियम आवश्यक होता है.

विटामिन डी

– शरीर में विटामिन डी सुबह की धूप, अंडे की जर्दी, फिश, लिवर व दूध से मिलता है.
– शरीर में कैल्शियम के अवशोषण के लिए विटामिन डी की आवश्यकता होती है. यदि विटामिन डी बहुत कम हो, तो शरीर को कैल्शियम नहीं मिल पाता, इसलिए     विटामिन डी के सप्लीमेंट्स लेने पड़ते हैं.
– इस उम्र में रोज़ाना 400 से 600 ग्राम विटामिन डी आवश्यक होता है.

विटामिन सी

– यह खट्टे फलों, जैसे- नींबू, संतरा, मोसंबी, टमाटर आदि में पाया जाता है. इसकी मात्रा कम होने पर शरीर में आयरन अवशोषित नहीं हो पाता. अतः विटामिन सी के सप्लीमेंट लें.
– विटामिन बी6, बी12- ये विटामिन्स उबले हुए अंडे, चिकन ब्रेस्ट, दूध व लो फैट दही में पाए जाते हैं.
– आजकल युवा वर्ग में विटामिन बी6 व विटामिन बी12 की कमी देखी गई है. अतः चेकअप करवाएं व डॉक्टर की सलाह लें.
– वैसे इस उम्र में रोज़ाना विटामिन बी6 200 ग्राम और बी12 400 ग्राम लेना चाहिए.

फॉलिक एसिड

– फॉलिक एसिड बीन्स, हरी सब्ज़ियों व संतरे में पाया जाता है.
– ऐसी महिलाएं, जो गर्भधारण करना चाहती हैं, उन्हें ज़्यादा फॉलिक एसिड की आवश्यकता होती है.
– गर्भवती महिलाओं में इसकी मात्रा कम होने पर नवजात शिशु में बर्थ डिफेक्ट्स हो सकते हैं, इसलिए डॉक्टर की सलाह अवश्य लें और सप्लीमेंट्स लेना शुरू करें.

विटामिन्स

30 से 50 की उम्र में

कैल्शियम

– इस उम्र में बोन मास धीरे-धीरे कम होने लगता है, इसलिए ज़्यादा कैल्शियम की आवश्यकता पड़ती है.
– रोज़ाना 1000 ग्राम कैल्शियम लेना चाहिए, इससे ऑस्टियोपोरोसिस का ख़तरा कम हो जाता है.

विटामिन डी

– इस उम्र में विटामिन डी शरीर में ठीक तरह से अवशोषित नहीं होता. अतः डॉक्टर की सलाह से 600 ग्राम विटामिन डी अवश्य लें.

आयरन

– जिन महिलाओं के पीरियड्स चल रहे हैं यानी मेनोपॉज़ नहीं हुआ है, वे आयरन सप्लीमेंट्स अवश्य लें.

विटामिन सी

– डॉक्टर की सलाह से विटामिन सी अवश्य लें.

फॉलिक एसिड

– गर्भवती महिलाएं समय-समय पर चेकअप करवाती रहें और आवश्यकता पड़ने पर विटामिन सप्लीमेंट्स लें.

विटामिन बी6 और बी12

– बढ़ती उम्र में विटामिन बी6 और विटामिन बी12 की कमी हो जाती है. अतः इनके सप्लीमेंट्स लेना ज़रूरी हो जाता है. रोज़ाना दिन में दो बार विटामिन बी6 और बी12 कम से कम 400 ग्राम लेना चाहिए, पर लेने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य ले लें.

ओमेगा 3 फैटी एसिड्स

– मेनोपॉज़ के बाद एस्ट्रोजेन हार्मोन का लेवल कम हो जाता है. इससे हृदय रोग का ख़तरा बढ़ जाता है. ओमेगा 3 फैटी एसिड हेल्दी हार्ट के लिए बहुत आवश्यक है. यह फिश व अखरोट में पाया जाता है. इनका खाने में प्रयोग अवश्य करें.

विटामिन्स

 50 से 70 की उम्र में

कैल्शियम

– कैल्शियम तो हर उम्र की आवश्यकता है. इस उम्र में ख़ासकर बोन्स की मज़बूती के लिए रोज़ाना 1200 ग्राम कैल्शियम
लेना चाहिए.

विटामिन डी

– जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है, सूर्य की किरणों से विटामिन डी अवशोषित करने की त्वचा की क्षमता घटती जाती है.
महिलाओं को इस क्षति की पूर्ति करने के लिए मल्टी विटामिन, जिसमें कैल्शियम व विटामिन डी दोनों ही हों, लेने चाहिए. इस उम्र में रोज़ाना 600 से 800 ग्राम विटामिन डी लेना चाहिए.

आयरन

– इस उम्र में आयरन कम मात्रा में चाहिए, विशेषकर यदि मेनोपॉज़ हो गया हो. इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना ऐसे मल्टी विटामिन न लें, जिनमें आयरन हो.

विटामिन बी6 और बी12

– विटामिन बी6, लाल रक्त कोशिकाओं और बी12 नर्व सेल्स की वृद्धि व याद्दाश्त के लिए आवश्यक होता है. इस उम्र तक आते-आते इन विटामिन्स की शरीर में काफ़ी कमी हो जाती है, इसलिए डॉक्टर की सलाह से इनके सप्लीमेंट्स ज़रूर लें.

ओमेगा 3 फैटी एसिड्स

– ऐसे खाद्य पदार्थ, जिनमें ओमेगा 3 फैटी एसिड्स पाए जाते हैं, अवश्य लें. साथ ही फिश ऑयल कैप्सूल्स भी लें, पर डॉक्टर से सलाह अवश्य लें.

– डॉ. सुषमा श्रीराव