बाल भी बताते हैं पर्सनैलिटी, सेहत का हाल (What Does Your Hair Says About Your Health And Personality?)

आपके बाल भी आपके बारे में बहुत कुछ कहते हैं, आपकी हेल्थ के बारे में, शरीर में हो रहे बदलावों के बारे में. इसलिए ज़रूरी है बालों की भाषा भी समझें.

Hair Says About Your Health And Personality

बाल बताते हैं सेहत का हाल

आपके बाल का टेक्स्चर, थिकनेस और दूसरे हेयर प्रॉब्लम्स आपकी सेहत के बारे में भी बहुत कुछ कहते हैं. डर्मैटोलॉजिस्ट और साइंस ऑफ स्किन की मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. श्रृति गोंडी बता रही हैं कि किस तरह से बालों की हेल्थ हो देखकर हेल्थ कंडीशन का पता लगाया जा सकता है.

बालों का असमय स़फेद होना

अगर आपके बाल समय से पहले ही स़फेद हो रहे हों तो

–     ये विटामिन बी-6, बी-12, विटामिन डी और ई की कमी का संकेत हो सकता है.

–     अत्यधिक स्ट्रेस के कारण भी बाल समय से पहले स़फेद होने लगते हैं.

–     जेनेटिक कारण भी प्रीमेच्योर ग्रे हेयर के लिए ज़िम्मेदार होते हैं.

–     कम उम्र में बाल स़फेद होने का मतलब ये भी हो सकता है कि आपकी डायट और लाइफस्टाइल संतुलित नहीं है और केमिकलयुक्त हेयर प्रोडक्ट्स का अधिक इस्तेमाल करते हैं.

क्या करें?

–     डायट में बदलाव लाएं. विटामिन की कमी से बाल स़फेद हो रहे होंगे, तो उस विटामिन का सेवन करने से बाल स़फेद होने बंद हो जाएंगे. स्ट्रेस से दूर रहें. नियमित रूप से योग-एक्सरसाइज़ करें.

अगर बाल गिर रहे हैं तो

–     थायरॉइड की जांच कराएं. हाइपोथायरॉइड की स्थिति में हेयर फॉल की शिकायत हो जाती है और बालों का टेक्स्चर भी बदल जाता है.

–     ये आयरन डेफिशिएंसी या एनीमिया का लक्षण भी हो सकता है.

–     प्रोटीन की कमी से भी बालों के गिरने की समस्या हो सकती है.

–     हार्मोनल बदलाव के कारण भी बाल गिरते हैं.

–     प्रेग्नेंसी के बाद या बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने से भी बाल गिरने लगते हैं.

क्या करें?

–     अगर हेयर फॉल ज़्यादा हो रहा हो, तो बेहतर होगा सबसे पहले डॉक्टर से मिलें. ब्लड टेस्ट कराएं, ताकि थायरॉइड या शरीर में किसी तरह की डेफिशिएंसी का पता लगाकर ट्रीटमेंट किया जा सके.

–     डायट में बदलाव लाएं. प्रोटीन रिच डायट लें.

–     अगर एनीमिया की शिकायत हो, तो आयरन सप्लीमेंट लें.

बालों में डैंड्रफ हो गए हों तो

–     ये हार्मोंस में असंतुलन का संकेत हो सकता है.

–     स्टे्रस व तनाव के कारण भी डैंड्रफ की प्रॉब्लम हो जाती है.

–     ये अन्य हेल्थ प्रॉब्लम्स का भी लक्षण हो सकता है, इसलिए फ़ौरन डॉक्टर को दिखाएं.

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Hair Says About Your Health And Personality

बाल से जानें पर्सनैलिटी

बाल न स़िर्फ आपकी ख़ूबसूरती बढ़ाते हैं, बल्कि इससे आपकी पर्सनैलिटी के बारे में भी पता चलता है.

–     जिन महिलाओं के बाल वेवी या कर्ली होते हैं, ऐसी महिलाएं भाग्यशाली होती हैं. इनका पूरा जीवन बहुत ही सुखमय बीतता है.

–     जिन महिलाओं के बाल कम या पतले होते हैं, वे अनुशासन प्रिय और मेहनती होती हैं. प्रेमी, दयालु, संकोची और संवेदनशील भी होती हैं.

–     काले, मुलायम ख़ूबसूरत बालोंवाली महिलाएं लकी होती हैं, जबकि ब्राउन, रेड कलरवाली और रूखे-बेजान,  छोटे और बिखरे बालवाली महिलाएं अमूमन दुखी रहती हैं.

–     जिस पुरुष या स्त्री के बाल काले होते हैं, वे शारीरिक व मानसिक रूप से पूर्ण स्वस्थ होते हैं और विश्‍वसनीय भी होते हैं.

–     अगर किसी को बहुत ज़्यादा स्प्लिट एंड्स हों, तो ऐसे व्यक्ति का स्वास्थ्य थोड़ा ख़राब रहता है. ऐसे लोग हमेशा दुविधा में रहते हैं.

–     लंबे बालोंवाली लड़कियां साफ़ और सुलझे विचारोंवाली होती हैं.

–     रिसर्च से ये भी पता चला है कि गोल्डन बालोंवाले फ्लर्ट करने में माहिर और ख़ुशमिजाज़ होते हैं, जबकि ब्लैक-ब्राउन बालोंवाले स्मार्ट-गंभीर होते हैं और रेड टोन बालोंवाले इरादों के पक्के होते हैं.

दिलचस्प हेयर फैक्ट्स

–     औसतन एक माह में किसी व्यक्ति के बाल 1 सेंमी. की गति से बढ़ते हैं, लेकिन एशियाई लोगों के बाल 1.3 सेंमी. की गति से बढ़ते हैं.

–     जब भ्रूण पांच माह का होता है, तभी उसके सभी हेयर फॉलिकल्स का निर्माण हो जाता है. ये हेयर फॉलिकल्स किसी इंसान की ज़िंदगी में दोबारा नहीं बनते.

–     शिशु जन्म के समय उसके सिर पर 1 वर्ग सेंमी. में लगभग 1000 रोमकूप होते हैं, जो उम्र बढ़ने के साथ कम होते जाते हैं. प्रत्येक रोमकूप लगभग 20 बार नए बाल पैदा करता है.

–     एक बाल टूटता है, तो उसकी जगह दूसरा बाल बढ़ने लगता है, इसलिए बाल के टूटने पर ज़्यादा चिंता न करें.

–     एक बाल की औसत उम्र पांच साल होती है. 90 प्रतिशत बाल लगातार बढ़ते रहते हैं.

–     आमतौर पर हर इंसान के प्रतिदिन 25 से 100 बाल गिरते हैं. बालों की हेल्थ और व्यक्ति की हेल्थ कंडीशन के अनुरूप ये संख्या कम-ज़्यादा हो सकती है.

–     क्रैश डायटिंग से भी हेयर फॉल की शिकायत होती है, लेकिन ये टेम्परेरी होता है.

–     इसके अलावा थायरॉइड, कुछ दवाइयों का सेवन भी बालों के गिरने की वजह बनता है.

–     काले रंग के बालवाले लोगों की अपेक्षा गोल्डन बालोंवाले लोगों के सिर पर अधिक बाल होते हैं.

–     पुरुषों की तुलना में स्त्रियों के बाल पतले होते हैं. स्त्रियों के बालों की औसत मोटाई पुरुषों के बालों की आधी होती है.

–     मौसम भी बालों की ग्रोथ पर असर डालते हैं. गर्म जगहों पर रहनेवाले लोगों के बाल ठंडी जगह पर रहनेवालों की तुलना में तेज़ी से बढ़ते हैं.

–     बाल 0.3 मिमी. प्रतिदिन की गति से बढ़ते हैं. जैसे-जैसे इंसान की उम्र बढ़ती जाती है, वैसे-वैसे बालों के बढ़ने की गति भी धीमी हो जाती है.

–     इस धारणा में कोई सच्चाई नहीं है कि बाल ट्रिम करते रहने से वो जल्दी बढ़ते हैं.

–     बालों का रंग आपके जीन्स निर्धारित करते हैं और ये मेलानिन की मात्रा पर निर्भर करता है. इसीलिए बालों का रंग ब्राउन, ब्लैक, गोल्डन या लाल रंग नज़र आता है. इसी पिगमेंट की कमी के कारण बाल स़फेद होने लगते हैं.

–     बाल कभी भी हथेलियों, पैरों के तलवों, होंठों, पलकों पर नहीं उगते. शरीर के बाकी किसी भी हिस्से में बाल उग सकते हैं.

–     दुनियाभर में बालों का सबसे आम रंग काला है. लाल रंग के बाल सबसे दुर्लभ हैं.

–     इंसान के सिर का एक बाल अपने वज़न से 1000 गुना से भी अधिक वज़न उठा सकता है. बाल की एक लट 100 ग्राम वज़न आसानी से उठा सकती है और सिर के सभी बाल मिलकर 2000 किलो से भी अधिक वज़न उठा सकते हैं.

–     इंसान की मृत्यु के पश्‍चात उसके सभी अंग काम करना बंद कर देते हैं, नई कोशिकाओं का निर्माण और सभी तरह की वृद्धि रुक जाती है, लेकिन मृत्यु के कुछ समय बाद तक उसके बाल की ग्रोथ होती रहती है.

–     बालों के संबंध में एक दिलचस्प तथ्य ये भी है कि स़िर्फ सेक्स की कल्पना करने से भी बाल तेज़ गति से बढ़ते हैं.

–     एक पुरुष अपनी पूरी ज़िंदगी के 5 महीने शेविंग करने में गुज़ार देता है, जबकि स्त्रियां सप्ताह में तीन घंटे बाल संवारने में ख़र्च कर देती हैं.

– अरविंद तिवारी

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