पर्यावरण का रखें ख़्याल! (World Environment Day)

5th-June-2017-World-Environment-Day (1)

 

हर साल एक थीम के साथ पर्यावरण दिवस मनाया जाता है. इस साल संयुक्‍त राष्‍ट्र ने कनेक्टिंग पीपल टू नेचर थीम रखी है. पर्यावरण को साफ़ रखना है, तो पहले लोगों को प्रकृति से जुड़ना होगा. आइए विश्व पर्यावरण दिवस के मौक़े पर जानें कि कैसे हम पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचा सकते हैं.

पर्यावरण में फैले प्रदूषण से स्वास्थ्य ख़तरे में

  • प्रदूषित गैसों के कारण फेफड़े और ह्रदय रोग की समस्या बढ़ती जा रही है, जिसके कारण हर साल कई लोगों की मौत हो जाती है.
  • दूषित पानी पीने से ब्लड, त्वचा कैंसर, हड्डी, हृदय, किडनी व पेट से जुड़ी तकलीफें हो सकती हैं.
  • फसलों पर कीटनाशकों का प्रयोग करने से वह भोजन, फल, सब्ज़ियों के साथ मनुष्य के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं.
  • ध्वनि प्रदूषण से गुस्सा, चिड़चिड़ापन, नर्वस ब्रेक डाउन, हृदय के रक्त प्रवाह की गति तीव्र हो जाने जैसी कई समस्याएं हो जाती है. 

पर्यावरण प्रदूषण रोकने के उपाय

  • अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाएं.
  • जनसंख्या वृद्धि पर रोक लगाने के लिए हम दो हमारे एक जैसे नारों को साकार करें.
  • लाउड स्पीकर का उपयोग न करें.
  • त्योहारों, शादी-ब्याह या अन्य मौकों पर पटाखे न जलाएं.
  • कूड़ा कचरा न फैलाएं.
  • प्लास्टिक की थैलियों की जगह कपडे से बनी थैलियों का प्रयोग करें.
  • आवश्यकता के अनुसार जल का उपयोग करें, जल को यूं ही व्यर्थ न बहाएं.
  • सामाजिक जल वितरण के साथ छेड़-छाड़ न करें.
  • रासायनिक खाद की जगह जैविक खाद का प्रयोग करें.
  • सार्वजनिक वाहनों का अधिक उपयोग करें.
  • आवश्यकता न होने पर विद्युत उपकरणों को बंद कर दें.

क्यों मनाया जाता है पर्यावरण दिवस?

पर्यावरण की समस्या से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने १९७२ में ११९ देशों के साथ पर्यावरण सम्मलेन आयोजित किया. जिसके बाद हर साल पर्यावरण दिवस ५ जून को पूरे विश्व में मनाया जाने लगा. इसकी शुरुआत ५ जून १९९३ को हुई थी. इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है.