
कभी किसी को मुक़म्मल जहां नहीं मिलता कहीं ज़मीं तो कहीं आस्मां नहीं मिलता… यह ज़िंदगी की वो सच्चाई है, जो हम सभी के साथ होकर गुज़रती ही है. लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं, जो जीवन के हर उतार-चढ़ाव को पार कर ज़िंदगी के हर पल को भरपूर जीने में विश्वास रखते हैं ऐसे ही शख़्सियत रही हैं ख़ूबसूरत अदाकारा ज़ीनत अमान.
ज़ीनत अमान से जुड़ी ऐसी कितनी ही कही-अनकही बातें हैं, जिन्हें यक़ीनन आप जानना चाहेंगे.. इसीलिए मेरी सहेली का यह पॉडकास्ट ख़ास आपके लिए लाए हैं. पूरा पॉडकास्ट देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें-
ख़ूबसूरती की दुनिया से होते हुए अभिनय की दुनिया में जाने के बारे में ज़ीनत अमान ने शायद सोचा भी नहीं होगा. लेकिन जब वह भारत की ओर से पहली ‘मिस एशिया पैसेफिक’ बनी, तब ही उन्हें एक्टिंग वर्ल्ड के लिए अपना नाम दर्ज़ करा लिया था. क़िस्मत तो देखिए मॉडलिंग के बाद शुरुआत भी हुई तो अंग्रेज़ी मूवी से.

ओ.पी रहल्न की ‘हलचल’ फिल्म में छोटे से रोल करने के बावजूद देव आनंद साहब की नज़रों में वे चढ़ गईं और फिर इतिहास जो बना वो हम सभी जानते हैं. उनकी फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ ने ज़ीनत को शिखर पर ला दिया. दम मारो दम… गाना इस कदर हर किसी के दिलोदिमाग़ पर छाया कि आज भी यह सॉन्ग उतना ही दमदार और असरदार है, जितना उस दौर में था.

इसके बाद ज़ीनत ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ से लेकर ‘डॉन’ तक.. भोली सीधी-सादी बाला से लेकर एक्शन से भरपूर मॉर्डन किलर लेडी तक अपनी हर भूमिका से लोगों को मदहोश कर दिया. यूं तो कई सितारों के साथ उनकी जोड़ी लाजवाब रहीं, परंतु अमिताभ बच्चन और उनका साथ ज़बर्दस्त हिट रहा. फिर चाहे वो लावारिस, अमर अकबर एंथोनी, दि ग्रेट गैंबलर, डॉन, कालिया, खुद्दार, महान जैसी फिल्में ही क्यों न हो.. दर्शकों ने उनकी जोड़ी को ख़ूब पसंद किया और अपना भरपूर प्यार लुटाया.

इस अभिनेत्री का जीवन बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा, पर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. बहुत कम लोग जानते हैं कि बरसों पहले हुए एक विवाद व हाथापाई में उनकी दाईं आंख प्रभावित हुई थी. वक़्त के साथ उन्हें देखने में भी परेशानी होने लगी. दरअसल, उन्हें पीटोसिस या टोसिस जिसे ड्रॉपिंग आइलिड भी कहते हैं की समस्या हो गई. आख़िरकार बरसों बाद जब अधिक परेशानी होने लगी तो उन्होंने ऑपरेशन करवाया. फ़िलहाल अब वे ठीक से देख पा रही हैं. एक साथी द्वारा दी गई अनचाही सौग़ात थी यह.


माना जीवनसाथी का वो साथ नहीं मिल पाया, जो हर नारी की चाह रहती है, लेकिन दोनों बेटों अज़ान और ज़हान अपनी मां को बेइंतहा मोहब्बत करते हैं. उनके साथ क्वालिटी टाइम बिताते हैं, जो आजकल के बेटे बहुत कम ही कर पाते हैं. वे भी फिल्मी दुनिया से जुड़े हैं. एक फिल्म निर्देशक हैं तो दूसरे अभिनेता व संगीतकार.
अपने नाम को लेकर भी दिलचस्प खुलासा ज़ीनत अमान ने किया था. दरअसल, उनके पिता अमानुल्लाह खान ने उनका नाम ज़ीनत खान रखा. जबकि उनकी हिंदू मां ने ललितेश्वरी रखा था. लेकिन उन्हें सही मायने में फिल्म इंडस्ट्री में पहचान ज़ीनत अमान से ही मिली.

आज भी वे एक ग्रेसफुल लाइफ जी रही हैं. साथ ही सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहती हैं. उनके कई पोस्ट पर जहां लोगों को ज़िंदगी जीने का हौसला मिलता है, वहीं जीवन के वे रंग भी देखने मिलते हैं, जिनसे हम अछूते ही रहते हैं. उम्र के तीसरे पड़ाव पर किसी की ख़ासकर एक महिला की सोच और अनुभूतियों को वे बड़ी ख़ूबसूरती से बयां करती हैं. उम्मीद है, यह सिलसिला यूं ही बना रहेगा…
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