मॉडर्न लाइफस्टाइल में रिश्तों और प्यार की परिभाषाएं बदल रही हैं. ट्रेडिशनल डेटिंग के अलावा, मल्टीपल डेटिंग (एक साथ कई लोगों को डेट करना) एक ऐसा ट्रेंड बन गया है, जो युवाओं के बीच काफ़ी लोकप्रिय हो रहा है. यह ट्रेंड सोशल मीडिया, डेटिंग ऐप्स और बदलती सामाजिक मान्यताओं के कारण बढ़ रहा है.
मल्टीपल लव रिलेशनशिप को समझने के लिए यह जानना ज़रूरी है कि इसमें एक पार्टनर नहीं होता, बल्कि कई पार्टनर होते हैं. एक व्यक्ति एक ही समय में एक से ज़्यादा लोगों के साथ रोमांटिक या फिजिकल रिलेशनशिप बनाए रखता है. दूसरे शब्दों में कहें तो इसका मतलब एक ही समय में सभी पार्टनर्स की सहमति से एक से अधिक लोगों के साथ रोमांटिक या यौन संबंध होना है. इसमें किसी को भी कोई आपत्ति नहीं होती है, क्योंकि इसमें सभी की रजामंदी होती है.
इसमें क्या होता है?
आमतौर पर समाज यह मानता है कि इंसान का दिल एक समय में एक ही व्यक्ति के लिए धड़क सकता है, लेकिन ’मल्टीपल लव’ के विचार का मानना है कि प्यार सीमित नहीं होता. जैसे एक व्यक्ति अपने कई दोस्तों या भाई-बहनों से एक समान प्यार कर सकता है, वैसे ही कुछ लोग रोमांटिक स्तर पर भी एक से अधिक लोगों के लिए भावनाएं रख सकते हैं. इसे पॉलीअमोरी भी कहते हैं.
यह इतना ज़्यादा ट्रेंड में क्यों है?
– पुरानी पीढ़ियों के लिए शादी और रिश्ता एक सामाजिक ज़िम्मेदारी थी, लेकिन आज की पीढ़ी ‘सेल्फ-फुलफिलमेंट’ (स्वयं की ख़ुशी) को ज़्यादा महत्व देती है. लोग अब इस विचार को चुनौती दे रहे हैं कि उनकी सारी ज़रूरतें (बौद्धिक, भावनात्मक और शारीरिक) केवल एक ही व्यक्ति पूरी करे.
– जेनरेशन काफ़ी खुले हुए विचारोंवाली है, वे खुलकर जीने और अपनी पसंद की हर बात करने में यक़ीन रखते हैं. वे ख़ुद को सीमाओं में ़कैद करके नहीं रखते, इसलिए वे नए रिलेशनशिप मॉडल्स को एक्सप्लोर करने से घबराते नहीं हैं.
– आजकल सोशल मीडिया का ज़माना है. ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कई तरह की वेब सीरीज आती हैं, जिनमें इसी तरह के टॉपिक्स को उठाया जाता है. इसलिए उनके लिए ये कुछ नया नहीं है, बल्कि वे इससे अवेयर हैं. वहां उन्हें इस तरह के रिलेशनशिप से जुड़े कॉन्टेंट और कहानियां देखने को मिलती हैं, जिसकी वजह ये यह ट्रेंड काफ़ी नॉर्मल लगने लगा है और लोग इसे अपनाने में असहज महसूस नहीं कर रहे हैं. वैसे भी इस रिलेशनशिप्स को अब फिल्मों और शो में केवल ’ग़लत’ नहीं दिखाया जाता, बल्कि एक विकल्प की तरह पेश किया जाता है. जब किसी विषय पर बातचीत बढ़ती है तो वह अपने आप ट्रेंड बनने लगता है.
– जेनरेशन काफी ओपन माइंडेड है. उन्हें लगता है अगर एक पार्टनर के साथ अच्छे से नहीं बन रही, तो क्या हुआ. और ऑप्शन भी ट्राई किए जा सकते हैं. इसके लिए यह भी ज़रूरी नहीं है कि पुराने पार्टनर को छोड़ा जाए, बल्कि कोई और नया साथी पसंद आ जाता है, तो उसे भी रखो और पुराने को भी साथ लेकर चलो.
– मल्टीपल लव वाले रिलेशनशिप में पार्टनर्स के बीच ओपन कम्युनिकेशन होता है, जिससे इमोशन्स को खुलकर ज़ाहिर करना आसान हो जाता है.
– आजकल की युवा पीढ़ी किसी भी रिश्ते में ख़ुद को बांधने की चाहत नहीं रखती है, इसलिए उन्हें लगता है कि यह रिलेशनशिप उन्हें एक तरह की व्यक्तिगत आज़ादी देता है, बिलकुल चू ङळषश, चू र्ठीश्रशी की तरह.
– इस रिलेशन में लोग ज़्यादा खुलकर अपनी फीलिंग्स ज़ाहिर कर पाते हैं और पार्टनर के साथ ओपन कम्युनिकेशन होता है, जिससे उनके बीच बॉन्डिंग बढ़ जाती है.
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मल्टीपल लव के सिद्धांत
चीटिंग के लिए कोई जगह नहीं है
इस रिलेशनशिप में हर किसी को पता होता है कि मेरा पार्टनर किसी और के साथ टाइम स्पेंड कर रहा है. इस बात को लेकर कोई लड़ाई-झगड़ा भी नहीं होता. दोनों पार्टनर पूरे मन से ये बात स्वीकार करते हैं कि उनका पार्टनर किसी और के साथ भी रिश्ते में है.
ऑनेस्टी सबसे बड़ी बात है
इस तरह के रिश्तों में अपनी भावनाओं, आकर्षण और डर के बारे में खुलकर बात करना अनिवार्य है. इसमें डोंट आस्क, डोंट टेल (मत पूछो, मत बताओ) जैसी नीति की बजाय हर छोटी-बड़ी बात साझा की जाती है, ताकि किसी के मन में असुरक्षा न रहे.
व्यक्तिगत स्वतंत्रता का सम्मान
इस सिद्धांत के अनुसार, हर व्यक्ति का अपने शरीर और अपनी पसंद पर पूरा अधिकार है. पार्टनर एक-दूसरे के मालिक नहीं होते. वे एक-दूसरे की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का सम्मान करते हैं और एक-दूसरे को नए लोगों से जुड़ने की अनुमति देते हैं.
बॉउंड्रीज़ खुद तय की जाती है
इसमें भावनाओं, सीमाओं और उम्मीदों के बारे में खुलकर और ईमानदारी से बातचीत करना बेहद ज़रूरी है. इससे सभी लोग एक-दूसरे को बेहतर समझ पाते हैं और कोई भी ग़लतफ़हमी नहीं होती.
सेफ सेक्स के नियम
किस पार्टनर के साथ कितना समय बिताना है, नया पार्टनर ढूंढ़ने से पहले चर्चा करना, ये सारे नियम वे साथ मिलकर तय करते हैं.
पार्टनर की ख़ुशी में ख़ुशी होती है
यह इस रिलेशनशिप का सबसे पॉजिटिव पॉइंट है. जब एक पार्टनर अपने साथी को किसी दूसरे के साथ देखकर जलता नहीं है, गुस्सा भी नहीं करता है, बल्कि उसे ख़ुशी होती है कि चलो मेरे पार्टनर को अपना मनपसंद साथी मिला और वो उसकी ख़ुशी में खुश होता है.
कमिटमेंट तो यहां भी होता है
लोग अक्सर सोचते हैं कि मल्टीपल लव में कमिटमेंट नहीं होता, जबकि सच्चाई इसके विपरीत है. यहां एक व्यक्ति एक साथ कई लोगों के प्रति ज़िम्मेदार होता है. वह हर साथी की भावनात्मक ज़रूरतों और सुरक्षा का ध्यान रखने के लिए प्रतिबद्ध होता है.
मल्टीपल लव रिलेशनशिप के चैलेंजेस भी हैं
– एक से ज़्यादा पार्टनर के साथ रिश्ता निभाना आपके लिए मुश्किलभरा हो सकता है. आप सभी को क्वालिटी टाइम नहीं दे सकते हैं और सभी के बीच बैलेंस बनाना कठिन हो सकता है.
– इस रिश्ते में हर किसी के इमोशन्स को समझना और हर किसी को संभालना काफ़ी थकानभरा हो सकता है.
– हर किसी को यह बात बताई नहीं जा सकती है, इसलिए तय करें कि आप किन लोगों के साथ अपना यह सीक्रेट शेयर करने में कंफर्टेबल महसूस करती हैं. स़िर्फ और स़िर्फ उन्हीं से बात करें.
क्या ये रिलेशनशिप सबके लिए है?
मल्टीपल लव हर किसी के लिए नहीं होता.. ये तभी सफल हो सकता है, जब सभी पार्टनर के बीच 100% ट्रस्ट और कम्युनिकेशन हो. कोई ईगो या जलन की भावना ना हो. सभी पार्टनर के इमोशन एक-दूसरे से मैच करें.
– शिखा जैन
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