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हेल्दी रिश्तों में बाउंड्री तय करने के 9 आसान टिप्स (9 Simple Tips for Setting Boundaries in Healthy Relationships)

रिश्तों में बाउंड्री तय करने का मतलब किसी को दूर करना नहीं होता, बल्कि सामने वाले को बताना होता है कि आपकी सीमाएं क्या हैं. सामने वाला भी उसी तरह व्यवहार करना सीख जाता है और रिश्ते भी बिना मन-मुटाव के चलते रहते हैं. आइए जानें किस तरह से हेल्दी बाउंड्रीज़ बनाएं.

कई बार कुछ लोग हमारी ज़िंदगी में ज़रूरत से ज़्यादा दख़लंदाज़ी करते हैं और हम बस चुप रह जाते हैं. लेकिन अक्सर हम दूसरों को ख़ुश करते-करते इतना परेशान हो जाते हैं कि फिर यूं लगने लगता है कि है सब छोड़ दें, सारे रिश्ते-नाते तोड़ दें और सिर्फ़ अपनी लाइफ जीएं. लेकिन ये सिचुएशन भी सही नहीं है. ऐसी नौबत आने ही क्यों दें. शुरू से ही अपनी कुछ बॉउंड्रीज़ सेट करके चलें.

सबसे पहले ख़ुद को परखें

ना करने से पहले यह जानें कि वो कौन सी बातें हैं या चीज़ें हैं, जो आपको ना कहने पर मजबूर करती हैं? और आप मन मारकर कौन से काम करते हैं, जिन्हें आप नहीं करना चाहते?

अपनी सीमाएं तय करें

किन कामों को करने से आप फिज़िकली और मेंटली थक जाते हैं? क्या करना आपको मेंटल प्रेशर देता है. जब ये सब आप जान लेंगे तो आपको अपनी सीमाएं पता चल जाएंगी और आपको मालूम होगा कि किन बातों के लिए मना करना है और ऐसा करते समय गिल्ट भी नहीं महसूस करना है, बल्कि बेखौफ़ होकर मना करना है, क्योंकि ये आपकी सीमा से बाहर की बात है.

बहाने ना बनाएं, स्पष्ट ना कहें

कई बार हम अच्छा बनने के लिए पूरी तरह मना करने की बजाय बहाने से उस काम को टालते हैं कि शायद सामने वाला ख़ुद ही समझ जाएगा और हमें वह काम करने को नहीं कहेगा. लेकिन ऐसा करना कई बार रिश्तों में ग़लतफ़हमी पैदा करता है. इसके विपरीत आप स्पष्ट होकर उस काम को मना कर दें कि “माफ़ करें मैं यह नहीं कर सकता... मुझे यह करना ठीक नहीं लगता... या मैं ऐसा करने में कम्फर्टेबल नहीं हूं...” ऐसे में एक बार सामने वाले को बुरा लगेगा, लेकिन कुछ ही देर में वह ख़ुश होगा कि अच्छा हुआ साफ़ मना किया, मेरे काम को लटकाया नहीं.

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मना करने की स्किल सीखें

किसी को मना करने के लिए बेसिरपैर के कारण देने की बजाय अपनी भावनाओं को बताएं. जैसे अगर कोई आपको डिस्को या आउटिंग के लिए पब चलने को कह रहा है, तो उसे बताएं कि जाने में कोई समस्या नहीं है, लेकिन वहां जाकर आप कंफर्टेबल महसूस नहीं करते हैं और आपका दम घुटता है, क्योंकि वहां लाइट्स काफ़ी होती हैं और लोग बहुत ज़्यादा होते हैं जिससे आपको अपनी तबियत ख़राब लगने लगती है. ऐसे में लोग आपकी बात और प्रॉब्लम को समझेंगे. इसी तरह अगर कोई उधार मांग रहा है, तो उसे बताएं कि पहले आप उधार दिया करते थे, लेकिन कई बार पैसा वापस लेने के चक्कर में अपनी दोस्ती गंवा चुके हैं और तब से आपने नियम बना लिया है कि अब आप किसी को उधार नहीं देंगे. वैसे भी तुम्हारी दोस्ती या रिश्तेदारी मेरे लिए अनमोल है और इसके बीच मैं पैसा नहीं लाना चाहता. इससे लोग समझेंगे कि पहले ही चोट खाए हुए हैं, इसलिए मना कर रहे हैं और उन्हें आपका मना करना उन्हें बुरा नहीं लगेगा.

हर जगह फ्लैक्सिबिलिटी न दर्शाएं

अगर कोई इंसान आपकी कमज़ोरी को जान लेगा, तो वो आप पर अपना दबाव बनाने लगेगा. ऐसे में ख़ुद के व्यवहार को इतना लचीला न बनाएं कि कोई भी आप पर अपनी हुकूमत चलाने लगे. अपनी ज़रूरतों और सीमाओं से अन्य लोगों को सचेत करें. अगर आप देर तक ऑफिस में नहीं रुक पा रहे हैं, तो अपनी बात को कहने की हिम्मत रखें. दूसरों से अपने रिलेशन्स को ख़राब किए बगैर अपनी बात को रखने की कोशिश करें. इससे आपका रिलेशन भी हेल्दी बना रहेगा.

हेल्दी रिश्तों

रिलेशन कोई भी हो एक बॉउंड्री सेट करना है ज़रूरी

शादी करने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप सामने वाले के ग़ुलाम बन गए हैं. आपकी अपनी इच्छाएं, अपने शौक भी हो सकते हैं उन्हें आप किसी के लिए ना छोड़ें, बल्कि अपनी हॉबी को पूरा करने के बीच में किसी को ना आने दें. उन्हें बताएं ये आपका पैशन है और इसे आप किसी के लिए नहीं छोड़ेंगी. जैसे अगर आपको पेंटिंग करने का शौक है और पार्टनर ताने मारते हैं कि ये क्या टाइम वेस्ट करती रहती हो सारा दिन, तो आप उन्हें स्पष्ट कह दें कि ये आप अपने खाली समय में करती हैं. अगर आपको दोस्तों के साथ कभी कभार बाहर जाना पसंद है, तो आप ऐसा बिल्कुल करें. उन्हें बताएं कि उनके अलावा भी आपकी ज़िंदगी में कुछ लोग हैं, जिन्हें आप प्यार करती हैं और उनके साथ टाइम स्पेंड करना आपका हक़ है. आपके ऐसा कह देने पर शायद ही अगली बार कोई आपको टोके. इसके आलावा पार्टनर को दूसरे का जासूस बनने की ज़रूरत नहीं है. आप अपने फोन, ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट को लेकर भी बाउंड्री सेट करें कि व्यक्तिगत मैसेजिंग ऐप्स को पार्टनर की इजाज़त के बिना ना खोलें. रिश्ता विश्‍वास पर टिका है. ऐसे में एक-दूसरे के फोन चेक करना इस भरोसे को तोड़ने जैसा हो सकता है.

इंटरफेरेंस पसंद नहीं है, तो सहन ना करें

अगर आप किसी इंसान या उसकी किसी एक्टिविटी को पसंद नहीं कर रहे हैं, तो उसे डायरेक्ट कह दें. अगर आप समय रहते अपने विचारों को व्यक्त नहीं करते हैं, तो वो शख़्स आपके ऊपर लगातार हावी होता चला जाएगा. साथ ही आपके हर छोटे-बड़े काम में वो दख़ल देता रहेगा. उस शख़्स को ये समझाएं कि उसकी सीमाएं क्या हैं और कौन से टॉपिक्स पर आपको किसी की दख़लअंदाज़ी पसंद नहीं है. अगर आप समय पर अपनी बात को नहीं रखेंगे और हेल्दी बाउंड्रीज़ नहीं बनाएंगे, तो आपका रिश्ता उस शख़्स से जल्दी ही ख़राब होने का ख़तरा हमेशा बना रहेगा.

कोई ज़्यादा फ्री होकर बात करें तो उसे उसकी बॉउंड्री समझा दें

कई बार हमारा कुछ लोगों से रिलेशन काफ़ी अच्छा होता है. हम उन लोगों को अपना मानते हैं और उसी का फ़ायदा उठाकर वे हमसे ज़्यादा फ्री हो जाते हैं. बात करते करते टच करते हैं, जो हमें अच्छा नहीं लगता. लेकिन संकोच के कारण कुछ कह नहीं पाते. पर इस बात को समझें कि टचिंग और बात-बात में फ्लर्टिंग करना कई बार ख़तरे की घंटी होती है. ऐसे में उनसे रिश्ता तोड़ने में या दूरी बनाने में एक पल भी ना सोचें. भले ही वे आपके कितने ही सगे क्यों न हों.

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अपने एक्शन की ज़िम्मेदारी लें

एक व्यक्ति और उसके रिलेशनशिप की मैच्योरिटी अपने कहे और किए की रिस्पॉन्सिबिलिटी लेने के सामर्थ्य और हिम्मत से विकसित होती है. ऐसा करने से आपकी डिग्निटी भी बढ़ती है और आपके रिलेशनशिप में समस्याएं भी कम आती हैं. चूंकि आपको पता है कि आपने आज तक क्या कहा और किया है. आगे चलकर आपको इसी के आधार पर ज़िंदगी में बॉउंड्री ड्रॉ करने में आसानी होगी.

- शिखा जैन

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