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राखी सांवत के ड्रामे सस्ती पब्लिसिटी के फंडे या आर्थिक मजबूरी?.. (Are Rakhi Sawant’s dramas cheap publicity stunts or financial constraints?)

Rakhi Sawant

जब से पैपराजी कल्चर की लहर चली है तब से ड्रामा क्वीन अदाकारों के जलवे अपना अलग ही रंग दिखा रहे हैं. इसमें टॉप पर रही हैं राखी सावंत.

देखें-सुनें राखी सावंत के चोंचले, जया बच्चन की नाराज़गी, ए. आर. रहमान के विवाद आदि दिलचस्प मुद्दों पर चौंकानेवाले खुलासे.. मेरी सहेली के इस पॉडकास्ट को देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें-

राखी सांवत अपने व्यक्तिगत जीवन से लेकर सेलेब्स तक पर बिंदास कमेंट्स करती रहती हैं. इसी कारण वे अक्सर लाइमलाइट में भी रहती हैं. यह उनका सेेंस ऑफ ह्यूमर कहें या मजबूरी कि करंट अफेयर्स से लेकर बॉलीवुड के सितारों के पर्सनल लाइफ तक पर वे अपनी बेबाक़ राय देने से नहीं चूकतीं. इस पर उन्हें पैपराजी भी बढ़ावा ख़ूब देते रहते हैं. वैसे इसमें उनका भी कोई दोष नहीं, इस तरह के मसाले देखने और सुनने वालों की भी तो कोई कमी नहीं है.

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यह राखी सावंत का साहस कहें या दुस्साहस की वे प्रधानमंत्री से लेकर सेलेब्स के बच्चे होने, देश में कई प्रांतों में बाढ़ आने, भारत के वर्ल्ड कप जीतने यानी फिल्मों से लेकर राजनीति, खेल, त्रासदी, विवाद हर मुद्दे पर अपनी बिंदास चुहलबाज़ी करती रहती हैं. इन सब के बावजूद उन्हें फिल्मों में काम नहीं मिल रहा.

Rakhi Sawant

एकबारगी राखी सांवत की लाइफ हिस्ट्री पर गौर करें तो आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि आख़िर वे ऐसा क्यों करती हैं? ख़बरों में बने रहने के लिए, काम पाने के लिए, लाइमलाइट या सभी का ध्यान आकर्षित करने के लिए या फिर सस्ती पब्लिसिटी पाने के लिए..? वैसे मुस्कुराते-हंसते चेहरे के पीछे के दर्द को शायद कोई क़रीबी ही समझ पाए. लेकिन फिर भी आए दिन बेसिर पैर की बातें करना, किसी के फटे में टांग अड़ाना कुछ हद तक ही गले उतरता है. दरअसल, राखी ने ही उर्फी जावेद जैसी अन्य अदाकारों को प्रेरणा दी कि किस तरह आप ख़ुद के लटके-झटके दिखाकर सुर्ख़ियों में रह सकते हैं.

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चाहे जो भी हो. उम्र के एक पड़ाव पर जब ये सभी अपनी लाइफ जर्नी देखते हैं, तब कई बातों की ख़ुशी-संतुष्टि तो होती है, परंतु कितनी ही बातों का अफ़सोस और ग्लानि भी कुछ कम नहीं होता. याद रहें, रोजी-रोटी या फिर आर्थिक मजबूरी के चलते यदि आप ग़लत रास्ता अख़्तियार कर लेते हैं तो भविष्य में इसका खामियाज़ा भी आपको ही भुगतना पड़ता है. इसलिए व़क्त रहते स्थिति संभाल लेने में ही समझदारी है, वरना वो दिन दूर नहीं जब इस तरह के कलाकारों को लोग देखना तो दूर सुनना तक पसंद नहीं करेंगे. इस पर ज़रा सोचिएगा ज़रूर. शेष फिर...

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Photo Courtesy: Social Media

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