- मेरा यह मानना है कि नारी सशक्तिकरण तब सार्थक होगा, जब महिलाएं न केवल अपने अधिकारों के लिए अपनी आवाज़ बुलंद करेंगी, बल्कि स्वयं को मज़बूत भी बनाएंगी.

- मैं धर्म-मजहब से परे आध्यात्मिक मान्यताओं को भी महत्व देती हूं. इस यात्रा में भारतीय होने पर गर्व भी महसूस होता है.
- मैं ट्रोलर्स की तरफ़ ध्यान देने की बजाय अपनी फैमिली, फ्रेंड्स व शूटिंग में ख़ुद को व्यस्त रखती हूं.

- एजुकेशन हमें सिखाता है कि हम जैसे हैं वैसे ही रहें, न कि कोई मुखौटा ओढ़ें.
- मेंटल हेल्थ के लिए मैं थेरेपी को ग़लत नहीं मानती. इसे आप व्यक्ति विशेष की सार्थक सोच मान सकते हैं, कमज़ोरी नहीं.

- मुझ पर तंज कसने वालों को मैं तो बस इस गाने के ज़रिए इतना ही कहना चाहूंगी कि खुले से खाते ना पड़ते हिसाबन में, मस्ती में रहते हम रहते ना यादों में, एक लाइफ मिली बेबी जी रे स्वादों में, टैलेंटेड बालक ना पड़ते विवादों में...
- आयुष्मान खुराना के साथ 'पति पत्नी और वो दो' के साथ काम करते हुए ख़ूब एंजॉय किया. पहली बार उनके साथ काम करने का मौक़ा मिला. यह कॉमेडी मूवी यक़ीनन लोगों को पसंद आएगी.
- ऊषा गुप्ता

Photo Courtesy: Social Media
